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पश्चिम बंगाल BJP के अध्यक्ष का फिर बिगड़े बोल, कहा- CAA विरोधी अपने मां-बाप का नाम भी नहीं जानते होंगे

News18Hindi
Updated: January 18, 2020, 1:21 PM IST
पश्चिम बंगाल BJP के अध्यक्ष का फिर बिगड़े बोल, कहा- CAA विरोधी अपने मां-बाप का नाम भी नहीं जानते होंगे
दिलीप घोष बीते दिनों और भी विवादित बयान दे चुके हैं.

पश्चिम बंगाल बीजेपी के अध्यक्ष दिलीप घोष (Dilip Ghosh) ने कहा कि सीएए (CAA) शरणार्थियों को नागरिकता देने के लिए लाया गया है, न कि नागरिकों से इसे छीनने के लिए.

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  • Last Updated: January 18, 2020, 1:21 PM IST
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हावड़ा/ कोलकाता. पश्चिम बंगाल (West Bengal) भाजपा (BJP) के अध्यक्ष दिलीप घोष (Dilip Ghosh) ने शुक्रवार को CAA का विरोध कर रहे लोगों के खिलाफ एक बार फिर विवादित बयान दिया. उन्होंने CAA का विरोध करने वाले लोगों को 'जानवर','शैतान' और 'मुफ्तखोर' बताया. कोलकाता में घोष ने कहा कि 'ये शैतान हमारा ही खाना खाते हैं और हमारा विरोध करते हैं.'

कोलकाता में CAA के खिलाफ रैली पर टिप्पणी करते हुए घोष ने कहा कि 'कोलकाता की सड़कों पर बुद्धिजीवी कहे जाने वाले कुछ जीव बाहर आ गए हैं. ये मुफ्तखोर बुद्धिजीवी, जो दूसरे का धन खाते हैं, जब बांग्लादेश में हमारे पूर्वजों पर अत्याचार हो रहा था तब वे कहां थे?'

‘कुत्ते की तरह गोली मार दी गई'
CAA का विरोध करने वालों के खिलाफ घोष ने यहां तक कह दिया कि 'ये लोग यह भी नहीं जानते होंगे कि इनके मां-बाप कौन हैं. यही कारण है कि वे कहते हैं कि वे अपने माता-पिता का जन्म प्रमाणपत्र नहीं दिखा सकते हैं.'

घोष ने बीते दिनों इसी तरह एक अन्य विवादित बयान में कहा था कि सीएए विरोधी प्रदर्शनकारियों को ‘कुत्ते की तरह गोली मार दी गई.' हावड़ा में एक रैली में घोषा ने कहा कि 'आधार और पैन कार्ड नागरिकता के प्रमाण नहीं हैं. उन्होंने शरणार्थियों से आग्रह किया कि वे संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के तहत अपनी नागरिकता प्राप्त करें.'

घोष ने कहा, '...यह गुमराह करने वाली बात
उन्होंने लोगों से कहा कि वे पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस के अन्य नेताओं के 'जाल' में नहीं आएं जो कह रहे हैं कि दशकों से पश्चिम बंगाल में रह रहे उन शरणार्थियों को नागरिकता के लिए आवेदन करने की आवश्यकता नहीं है जिनके पास आधार और पैन कार्ड है.घोष ने कहा, '...यह गुमराह करने वाली बात है क्योंकि शरणार्थियों को नए सिरे से नागरिकता कानून के जरिए नागरिकता लेनी होती है. यदि आप अपना विवरण जमा नहीं करते हैं, तो आप परेशानी में पड़ जाएंगे.’ अपने भाषण में उन्होंने देश भर में सीएए के खिलाफ हो रही रैलियों पर भी निशाना साधा और कहा "जब हिंदुओं को पड़ोसी देशों से भारत भागना पड़ा तो बुद्धिजीवी कभी सड़कों पर नहीं उतरे.’ (एजेंसी इनपुट के साथ)

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First published: January 18, 2020, 12:26 PM IST
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