तमिलनाडु पॉलिटिक्स में ट्विस्ट! दिनाकरन का दावा- सरकार छोड़ साथ आना चाहते थे OPS

तमिलनाडु पॉलिटिक्स में ट्विस्ट! दिनाकरन का दावा- सरकार छोड़ साथ आना चाहते थे OPS
दिनाकरन की फाइल फोटो

अम्मा मक्कल मुनेत्र कड़गम पार्टी के संस्थापक दिनाकरन ने दावा किया, 'ई. पलानीस्वामी के गुट के साथ अपने गुट के विलय से पहले पन्नीरसेल्वम जुलाई 2017 में मुझसे मुलाकात भी कर चुके हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 5, 2018, 5:25 PM IST
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तमिलनाडु की राजनीति में फिर से उथल-पुथल मची है. ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK) के 18 विधायकों को दल-बदल संबंधी नियम के तहत अयोग्य घोषित करने के बाद अम्मा मक्कल मुनेत्र कड़गम पार्टी के संस्थापक टीटीवी दिनाकरन ने शुक्रवार को बड़ा खुलासा किया. दिनाकरन का दावा है कि राज्य के उपमुख्यमंत्री (डिप्टी सीएम) ओ पन्नीरसेल्वम, पलानीस्वामी सरकार को छोड़कर उनके साथ हाथ मिलाने को तैयार थे.

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दिनाकरन ने बताया, 'डिप्टी सीएम पन्नीरसेल्वम ने सितंबर के आखिर में एक मीडिएटर के जरिये मुझसे मिलने के लिए समय मांगा था.' दिनाकरन ने दावा किया, 'ई. पलानीस्वामी के गुट के साथ अपने गुट के विलय से पहले पन्नीरसेल्वम जुलाई 2017 में मुझसे मुलाकात भी कर चुके हैं.'



अम्मा मक्कल मुनेत्र कड़गम के संस्थापक दिनाकरन ने कहा, 'सितंबर में ओ पनीरसेल्वम ने एक मीडिएटर के द्वारा मुझे यह संदेश पहुंचाया था कि वह मुझसे मिलना चाहते हैं. संदेश में उन्होंने इच्छा जाहिर की थी कि वह ईपीएस को छोड़कर मेरे साथ हाथ मिलाना चाहते हैं.' उन्होंने आगे बताया, 'ओपीएस मुझे सरकार में एक महत्वपूर्ण पद भी देना चाहते थे. मैं यह अब इसलिए कह रहा हूं, क्योंकि पन्नीरसेल्वम दोहरा रवैया अपना रहे हैं. ओपीएस राज्य के मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं, इसलिये वह ऐसा कर रहे हैं.'

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दिनाकरन का यह बयान मदुरै में ओपीएस के पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ परामर्श बैठक के एक दिन बाद आया. उन्होंने जोर देकर कहा कि वह सरकार को बचाए रखने के लिए इडापड्डी के. पलानीस्वामी को अपना समर्थन देते रहेंगे. वह किसी खास पद के लालच में ऐसा नहीं कर रहे हैं.

दिलचस्प बात यह है कि यह बयान टीटीवी के वफादार और पूर्व विधायक थंगा तमिल सेल्वन के उस बयान के बाद आया, जिसमें उन्होंने कहा था कि उपमुख्यमंत्री 12 जुलाई 2017 को टीटीवी दिनाकरन से मिले थे, ताकि वह मुख्यमत्री बन सके. भूतपूर्व विधायक ने कहा था कि वह इस मुलाकात का सीसीटीवी फुटेज भी जारी करेंगे.

बता दें कि 22 अगस्त 2017 को ईपीएस गुट और ओपीएस गुट का विलय हो गया था. यह तब हुआ जब जयललिता की मौत की जांच के लिए मुख्यमंत्री ने एक रिटायर हाईकोर्ट के जज की अध्यक्षता में एक कमीशन गठित करने की घोषणा की थी. यह ओ पन्नीरसेल्वम ही थे, जिन्होंने फरवरी 2017 में वीके शशिकला के खिलाफ विद्रोह किया था. जब वीके शशिकला को अघोषित संपत्ति मामले में दोषी पाया गया, तो ई. पलानीसवामी को मुख्यमंत्री बना दिया गया था.

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