अंतरिक्ष में नई ऊंचाई हासिल करने के लिए भारत और रूस के बीच हुई चर्चा, मेक इन इंडिया पर भी जोर

सितंबर में ईस्टर्न इकॉनमिक फोरम में भाग लेने के लिए व्लादिवोस्तोक की यात्रा के दौरान दोनों पक्षों के बीच बातचीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एजेंडा को मजबूत करेगी.

News18Hindi
Updated: July 12, 2019, 7:17 PM IST
अंतरिक्ष में नई ऊंचाई हासिल करने के लिए भारत और रूस के बीच हुई चर्चा, मेक इन इंडिया पर भी जोर
साल 1992 में भारत, व्लादिवोस्तोक में एक निवासी वाणिज्य दूतावास बनाने वाले देशों में से एक था. (मुलाकात के दौरान दिमित्री और डोवाल)
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Updated: July 12, 2019, 7:17 PM IST
रूस की अंतरिक्ष एजेंसी ROSCOSMOS के महानिदेशक दिमित्री रोगोजिन ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ बैठक की. गुरुवार को रूसी  अंतरिक्ष निगम के महानिदेशक डॉ. दिमित्री रोगोज़िन के नेतृत्व में एक रूसी प्रतिनिधिमंडल ने भारत सरकार के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ एक बैठक की.

इस बैठक में भारतीय स्पेस एजेंसी इसरो का शीर्ष प्रबंधन भी मौजूद था. इस आशय की जानकारी एक ट्वीट के जरिए रूसी दूतावास ने दी. रूसी प्रतिनिधिमंडल भारत-रूस सामरिक आर्थिक वार्ता के लिए भारत में है. यह बैठक भारत और रूस के विभिन्न खनिज क्षेत्रों में निवेश करने के लिए दिलचस्पी दिखाने वाले विभिन्न कॉरपोरेट घरानों के बीच हुई.



सितंबर में ईस्टर्न इकॉनमिक फोरम में भाग लेने के लिए व्लादिवोस्तोक की यात्रा के लिए दोनों पक्षों के बीच हुई बातचीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एजेंडे को मजबूत करेगी.

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ईस्टर्न इकॉनमिक फोरम जाएंगे पीएम मोदी

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सितंबर के पहले सप्ताह में व्लादिवोस्तोक में आयोजित होने वाले ईस्टर्न इकॉनमिक फोरम के मुख्य अतिथि के रूप में बिश्केक में एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान मोदी को आमंत्रित किया था.

दोनों पक्षों ने विशेष रूप से आर्कटिक में मेक इन इंडिया पहल के तहत ऊर्जा, प्रौद्योगिकी के हस्तांतरण और संयुक्त परियोजनाओं जैसे क्षेत्रों में क्षेत्र अपनी आर्थिक साझेदारी के दायरे को बढ़ाने की बात कही थी.
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बिश्केक में मोदी और रूसी राष्ट्रपति पुतिन के द्विपक्षीय वार्ता के बाद रूस के उपप्रधान मंत्री यूरी ट्रुटनेव ने दिल्ली और मुंबई का दौरा किया. उन्होंने मुंबई में व्यापारियों और उद्योगपतियों की एक सभा को संबोधित कर रूस के पूर्व में भारतीय निवेश की उम्मीद की.

साल  1992 में भारत, व्लादिवोस्तोक में एक निवासी वाणिज्य दूतावास बनाने वाले देशों में से एक था.

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