राज्यों को लागू करना होगा NPR, इसमें सभी जानकारियां देना अनिवार्य नहीं : गृह राज्य मंत्री

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री ने कहा है कि NPR के लिए जानकारियां देना अनिवार्य नहीं होगा (फाइल फोटो, Twitter)
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री ने कहा है कि NPR के लिए जानकारियां देना अनिवार्य नहीं होगा (फाइल फोटो, Twitter)

हालांकि इससे पहले गृह मंत्रालय (Home Ministry) के अधिकारी ने जानकारी दी कि नागरिकता नियम (Citizenship Act) के नियम 17 के मुताबिक गलत जानकारी देने पर 1000 रुपये का जुर्माना (Fine) लगाया जाएगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 21, 2020, 6:03 PM IST
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नई दिल्ली. केंद्रीय गृह राज्य (Union minister) मंत्री जी किशन रेड्डी (G Kishan Reddy) ने कहा है कि NPR के अंतर्गत कोई जानकारी देना या न देना व्यक्ति पर निर्भर होगा यानी कि सभी जानकारियां देना अनिवार्य नहीं होगा. केंद्रीय गृह राज्य मंत्री ने यह भी कहा है कि NPR राज्यों के ऊपर एक संवैधानिक बाध्यता (constitutional obligation) है. उन्हें इसका विरोध नहीं करना चाहिए. गृह राज्य मंत्री ने कहा कि हम उन्हें (राज्यों को) संवेदनशील बनाना जारी रखेंगे.

हालांकि इससे पहले गृह मंत्रालय (Home Ministry) के अधिकारी ने जानकारी दी कि नागरिकता नियम (Citizenship rules) के नियम 17 के मुताबिक गलत जानकारी देने पर 1000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा. हालांकि, अधिकारी ने यह भी बताया कि इस प्रावधान का इस्तेमाल 2011 और 2015 के एनपीआर में नहीं किया गया था.

गृह मंत्रालय ने इन अफवाहों का किया था खंडन
कुछ मीडिया रिपोर्टों के जवाब में, MHA के प्रवक्ता ने ट्वीट किया- “जैसा कि एक खबर में बताया गया है, क्या आपके पास आधार, पासपोर्ट है? आपको एनपीआर के लिए इसका विवरण साझा करना होगा... मतदाता पहचानपत्र और ड्राइविंग लाइसेंस की जानकारी भी जरूरी है. यह गलत जानकारी है कि एनपीआर के लिए इन दस्तावेजों को अनिवार्य रूप से देना होगा. ऐसी कोई खबर सही नहीं है.'
बता दें कि एनपीआर की प्रक्रिया जनगणना के पहले चरण के साथ 1 अप्रैल से शुरू होगी.



वेबसाइट पर दी गई है ये सूचना
हालांकि, रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त के कार्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध सूचना के मुताबिक एनपीआर डेटाबेस में जनसांख्यिकी के साथ ही बायोमेट्रिक विवरण भी होंगे. इसमें कहा गया, ‘‘एनपीआर का लक्ष्य देश में रहने वाले हर निवासी का समग्र डेटाबेस तैयार करना है. डेटाबेस में जनसांख्यिकी के साथ बायोमेट्रिक विवरण भी होंगे.’’

संशोधित नागरिकता कानून (CAA) को लेकर देश के विभिन्न हिस्से में विरोध प्रदर्शन के बीच पश्चिम बंगाल और केरल ने एनपीआर को अपडेट करने का काम फिलहाल रोक दिया है.

मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि अधिकतर राज्यों ने एनपीआर से संबंधित प्रावधानों को अधिसूचित कर दिया है.

देश में रहने वालों का रजिस्टर है NPR
एनपीआर देश में रहने वाले निवासियों का रजिस्टर है. नागरिकता कानून 1955 और नागरिकता (नागरिकों का पंजीकरण और राष्ट्रीय पहचान पत्र) नियम, 2003 के प्रावाधनों के तहत यह स्थानीय (गांव/कस्बा) उप जिला, जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर तैयार किया जाता है. नियम में इसका उल्लंघन करने वाले पर एक हजार रुपये के जुर्माने का भी प्रावधान है.

असम (Assam) को छोड़कर पूरे देश के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एनपीआर (NPR) की कवायद वर्ष 2020 में अप्रैल से सितंबर के बीच पूरी की जानी है.

एनपीआर की कवायद के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 3941.35 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं.

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