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वोटिंग से पहले रमज़ान पर सियासत, जानें रोज़े में क्या होता है दिनभर

नासिर हुसैन | News18Hindi
Updated: March 11, 2019, 12:21 PM IST
वोटिंग से पहले रमज़ान पर सियासत, जानें रोज़े में क्या होता है दिनभर
फाइल फोटो.

तारीखों के ऐलान के बाद वोटिंग से ज्यादा रमज़ान पर सियासत तेज हो गई है. बंगाल से लेकर बिहार और यूपी से लेकर दिल्ली तक चुनाव और रमज़ान पर बयानबाजी हो रही है.

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2019 के लोकसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान हो चुका है. लेकिन तारीखों के ऐलान के बाद वोटिंग से ज्यादा रमज़ान पर सियासत तेज हो गई है. बंगाल से लेकर बिहार और यूपी से लेकर दिल्ली तक चुनाव और रमज़ान पर बयानबाजी हो रही है.

विपक्षी नेता कह रहे हैं कि रमज़ान में वोटिंग होने से मुसलमानों को परेशानी होगी. वहीं बीजेपी नेता शाहनवाज का कहना है कि रोज़े में क्या मुसलमान जरूरी काम नहीं करते. लेकिन हाल ही में हुए उपचुनाव कुछ और ही कहानी बयां करते हैं. ये दोनों ही चुनाव रमज़ान में हुए थे. हालांकि ये पहला मौका है जब आम चुनाव के लिए रमज़ान में वोट डाले जाएंगे.

जानकारों के मुताबिक 5 मई को पहला रोज़ा होने की उम्मीद है. इसके चलते तीन चरणों 6 मई, 12 मई और 19 मई को होने वाली वोटिंग रमज़ान के दौरान होगी. चुनाव आयोग द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार 6, 12 और 19 मई के तीन चरण में 543 में से 169 सीट पर रमज़ान में वोट डाले जाएंगे.

दिनभर क्या होता है रमज़ान में



सुबह-सवेरे उठकर कुछ खा-पीकर (सहरी) की जाती है. फिर सुबह की नमाज़ पढ़ी जाती है. उसके बाद कुरान की तिलावत की जाती है. फिर रोजमर्रा के काम शुरु हो जाते हैं. इस दौरान बीच-बीच में कुरान की तिलावत जारी रहती है. दोपहर 2 बजे फिर से नमाज़ पढ़ी जाएगी. फिर करीब 5.30 बजे नमाज़ होगी. 7 बजे करीब रोज़ा खोलने का वक्त हो जाएगा. कुछ खाने के बाद फिर नमाज़ होगी. रात 9 बजे नमाज़ होगी और उसके तुरंत बाद तरावीह (कुरान सुना जाएगा) शुरु हो जाएंगी. पूरे दिन में कुरान की तिलावत का कोई वक्त तय नहीं है. रोज़ेदार अपनी सहुलियत के हिसाब से वक्त मिलते ही कुरान पढ़ लेता है.

दिल्ली में आप विधायक अमानतुल्लाह ने आरोप लगाते हुए कहा है,  “12 मई को दिल्ली में वोटिंग का दिन रखा गया है. जबकि उस दिन जुमा भी होगा और रमज़ान का महीना भी होगा. जिसके चलते मुसलमान कम वोट करेगा और इसका सीधा फायदा बीजेपी को होगा.”

लखनऊ ईदगाह के इमाम और मुस्लिम मामलों के जानकार मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने मई में रमज़ान के दौरान होने वाले लोकसभा चुनाव को लेकर कड़ी नाराजगी जताई है. उन्होंने कहा है, “अगर चांद दिख जाता है तो 6 मई से रोजे शुरू हो जाएंगे. उन्होंने कहा कि रोजे के दौरान देश में 6 मई, 12 मई व 19 मई को मतदान होगा, जिससे देश के करोड़ों रोजेदारों को परेशानी होगी. जबकि चुनावों की तारीखों का ऐलान करते हुए चुनाव आयोग ने कहा था कि पर्व-त्योहारों का ध्यान रखते हुए तारीख तय की गई हैं. चुनाव आयोग को चाहिए कि वह रमज़ान के महीने में होने वाले चुनावों की तारीखों को बदलने के लिए फिर से गौर करे.”

न्यूज18 इंडिया से बात करते हुए बीजेपी नेता शाहनवाज़ हुसैन ने कहा, “ये सिर्फ सियासत हो रही है. रोज़े में लोग ऑफिस भी जाते हैं. रोज़ा रखकर मुसलमान जरूरी काम भी करते हैं. ये कोई पहला मौका नहीं है जब रमज़ान में चुनाव हो रहे हैं. कुछ लोग सियासत में रमज़ान को भी शामिल कर रहे हैं.”

कोलकाता के मेयर और टीएमसी नेता फरहाद हकीम ने कहा है, “बिहार, यूपी और बंगाल में सात चरण में चुनाव होने हैं और इन तीनों राज्यों में अल्पसंख्यक आबादी काफी ज्यादा है. उन्होंने कहा कि रोजे के दौरान वोटिंग करने में कुछ परेशानियां आएंगी. चुनाव आयोग को इसका ध्यान रखना चाहिए था. असल में बीजेपी नहीं चाहती कि अल्पसंख्यक अपना वोट करें.”

भारतीय मुस्लिम विकास परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष समी आग़ई और सर्वदलीय मुस्लिम एक्शन कमेटी के अध्यक्ष सैय्यद सलीम अहमद का कहना है, “हमेशा चुनाव आयोग  सभी वर्गों के महत्वपुर्ण धार्मिक पर्वो कि तारीखों को ध्यान में रखकर चुनाव की तारीखों का ऐलान करता रहा है. लेकिन इस बार इस बात का ध्यान नही रखा गया. ऐसे हालात में मुस्लिमों के सामने बड़ी कठनाई होगी कि एक ओर वह इबादत में मशगूल होगा, वही दूसरी ओर लोकतन्त्र के पर्व में अपनी ज़िम्मेदारी भी निभाना जरूरी होगा. बिहार में 17 फीसदी मुसलमान, यूपी में 20 फीसदी और पश्चिम बंगाल में 27 फीसदी के लगभग मुस्लिम आबादी है.”

बयान कुछ भी हों, लेकिन आंकड़े ये कहते हैं

बीते साल पश्चिमी यूपी में लोकसभा की एक सीट कैराना और विधानसभा की एकसीट नूरपुर पर उपचुनाव हुए थे. ये दोनों सीट गवाह हैं कि रमज़ान होने के बाद भी सुबह से शाम तक लोग वोट देने के लिए डटे रहे थे. गौरतलब रहे कि दोनों ही सीट पर मुस्लिम वोटों की संख्या ज्यादा है.

रमज़ान में किस राज्य की कितनी सीट पर होगा चुनाव

उत्तर प्रदेश- 41 सीटों पर

6 मई को 14 सीटों पर वोटिंग होगी. इनमें धौरहरा, सीतापुर, मोहनलालगंज (सु.), लखनऊ, रायबरेली, अमेठी, बांदा, फतेहपुर, कौशांबी (सु.), बाराबंकी (सु.), फैजाबाद, बहराइच, कैसरगंज और गोंडा में मतदान होगा.

12 मई को छठे चरण में सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, फूलपुर, इलाहाबाद, अंबेडकर नगर, श्रावस्ती, डुमरियागंज, बस्ती, संतकबीरनगर, लालगंज (सु.), आजमगढ़, जौनपुर, मछली शहर (सु.) और भदोही समेत कुल 14 सीटों के लिए मतदान होगा.

19 मई सातवें चरण में महराजगंज, गोरखपुर कुशीनगर देवरिया बांसगांव (सु.), घोसी सलेमपुर बलिया गाजीपुर चंदौली वाराणसी मिर्जापुर और रॉबर्ट्सगंज (सु.) समेत कुल 13 सीटों के लिए वोट पड़ेंगे. यानी रमजान के दौरान यूपी की कुल 80 सीटों में 41 लोकसभा सीटों पर मतदान होना है.

बिहार- 21 सीटों पर

6 मई को सीतामढ़ी, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, सारण और हाजीपुर में मतदान होगा.

12 मई को वाल्मीकिनगर, पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, शिवहर, वैशाली, गोपालगंज, सीवान और महाराजगंज सीटों पर मतदान होगा.

19 मई को पटना साहिब, नालंदा, पाटलिपुत्र, आरा, बक्सर, सासाराम, जहानाबाद और काराकाट में वोटिंग होगी. यानी आखिरी तीन चरणों में रमजान के दौरान बिहार की कुल 40 सीटों में से 21 सीटों पर वोटिंग होगी.

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पश्चिम बंगाल व दिल्ली- 31 सीटों पर

6 मई को पांचवें चरण के तहत 7.

12 मई को छठे चरण के तहत 8 सीट.

19 मई को सातवें चरण के तहत 9 सीटों पर मतदान होना है.

दिल्ली की सभी सात सीटों पर 12 मई

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इसके अलावा राजस्थान की 12 सीट, मध्य प्रदेश की 23, झारखंड की 11 और हरियाणा की 10 सीट, जम्मू-कश्मीर की 2, पंजाब की 13, चंडीगढ़ और हिमाचल की 4 सीटों पर भी वोटिंग होनी है.

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First published: March 11, 2019, 12:21 PM IST
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