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पश्चिम बंगाल: 'कट मनी' के मामले में सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ होगी FIR, निर्देश जारी

News18Hindi
Updated: June 25, 2019, 6:52 PM IST
पश्चिम बंगाल: 'कट मनी' के मामले में सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ होगी FIR, निर्देश जारी
बंगाल सरकार ने सभी जिला पुलिस सुप्रिटेंडेंट्स को आदेश दिए हैं कि वह उन सभी नगर निकाय के सदस्यों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करे जिनके खिलाफ कट मनी का मामला दर्ज करे.

बंगाल सरकार ने सभी जिला पुलिस सुप्रिटेंडेंट्स को आदेश दिए हैं कि वह उन सभी नगर निकाय के सदस्यों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करे जिनके खिलाफ कट मनी का मामला दर्ज करे.

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पश्चिम बंगाल में पिछले कुछ दिन से चल रहे कट मनी (काम के लिए पैसे लेना) के मुद्दे को लेकर एक बार फिर सरकार सक्रिय हो गई है. बंगाल सरकार ने सभी जिला पुलिस सुप्रिटेंडेंट्स (एसपी) को आदेश दिए हैं कि वे उन सभी नगर निकाय के सदस्यों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करें जिनके खिलाफ कट मनी का मामला हो. उनसे यह भी कहा गया है कि ऐसे सदस्य बांग्लार बाड़ी (सबके लिए घर योजना) स्कीम में लाभार्थी का योगदान भी प्राप्त नहीं कर सकेंगे, ये रकम सीधे उनके खाते में जाएगी.

एफआईआर दर्ज करने के आदेश
सोमवार को एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) ज्ञानवंत सिंह ने कहा कि सभी एसपी को इस बात के निर्देश दे दिए गए हैं कि वह कट मनी के मामलों में एफआईआर दर्ज करें. ये मामले आईपीसी की धारा 409 के अंतर्गत दर्ज किए जाएंगे जो किसी भी सार्वजनिक सेवक का भरोसा तोड़ने से संबंधित है. यहां तक कि पंचायत पदाधिकारी और नगरपालिका प्रतिनिधि एक व्यापक तौर पर लोक सेवक हैं क्योंकि वह सार्वजनिक पद पर हैं और सरकार की ओर से उन्हें वेतन मिलता है.

अभी तक दर्ज नहीं हुआ कोई केस



एडीजी ज्ञानवंत सिंह ने कहा कि हालांकि ऐसे मामले में फिलहाल कोई भी केस दर्ज नहीं किया गया है. लेकिन पुलिस लोगों से पूछताछ करेगी और कोई भी पब्लिक सर्वेंट इस मामले में दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ शिकायत दर्ज की जाएगी.

कांग्रेस और माकपा ने विधानसभा से किया वॉकआउट
वहीं सोमवार को कांग्रेस और माकपा के विधायकों ने कट मनी घोटाले के मसले पर पश्चिम बंगाल विधानसभा से वॉकआउट किया और मामले की जांच की मांग की. कट मनी के मुद्दे पर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए दोनों दलों के विधायक, विधानसभा अध्यक्ष के आसन के निकट आ गए और इस मामले में एक जांच आयोग गठित करने की मांग की.

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मामले में स्पष्टीकरण और कट मनी वापस करने की मांग करते हुए विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया. कांग्रेस के मुख्य सचेतक मनोज चक्रवर्ती ने सदन के बाहर संवाददाताओं से कहा, ''हमारी मांग कट मनी मामले की जांच के लिए एक आयोग गठित करने की है. हम यह जानना चाहते हैं कि यह किसने हड़पा है.''

'कट मनी मीन्स चीफ मिनिस्टर'
विपक्षी विधायक पोस्टर और तख्ती लिए हुए थे, जिस पर लिखा था, 'कट मनी मीन्स चीफ मिनिस्टर.' सदन के बाहर कुछ समय तक प्रदर्शन करने के बाद वे दोबारा विधानसभा में वापस आए और कार्यवाही में हिस्सा लिया. बता दें तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने शुक्रवार को पार्टी नेताओं को चेताया कि जो सरकारी योजनाओं में या किसी अन्य तरह से भ्रष्टाचार में शामिल हैं उन्हें जेल भेजा जाएगा.

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First published: June 25, 2019, 5:20 PM IST
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