कियोस्क सेंटर खोल ग्रामीणों को बड़ी सुविधा दी दिव्यांग मंगल कुशवाहा ने

अगर इंसान कुछ करने की ठान ले तो उसकी शारीरिक कमजोरी भी बाधा नहीं बन सकती.सेंवढा ब्लॉक के देभई ग्राम के मंगल कुशवाहा ने यह साबित कर दिया है कि जहां चाह वहां राह.

Ashok sharma | News18 Madhya Pradesh
Updated: September 6, 2018, 10:29 PM IST
कियोस्क सेंटर खोल ग्रामीणों को बड़ी सुविधा दी दिव्यांग मंगल कुशवाहा ने
अपने कियोस्क सेंटर में मंगल कुशवाहा
Ashok sharma | News18 Madhya Pradesh
Updated: September 6, 2018, 10:29 PM IST
अगर इंसान कुछ करने की ठान ले तो उसकी शारीरिक कमजोरी भी बाधा नहीं बन सकती.दतिया के सेंवढा ब्लॉक के देभई ग्राम के मंगल कुशवाहा ने यह साबित कर दिया है कि जहां चाह वहां राह.मुख्यालय से करीब 65 किलोमीटर दूर सेंवढा ब्लॉक के देभई ग्राम के मंगल कुशवाहा ने यह साबित कर दिया है कि दिव्यांग किसी मामले में कमजोर नहीं हैं जबकि एक दिव्यांग से लोग कम ही अपेक्षा रखते हैं. लेकिन दिव्यांग सब कुछ कर सकते हैं. माता पिता वृद्ध हुए और गृहस्थी चलाने का भार जब पैर से दिव्यांग मंगल कुशवाहा पर पड़ा तो मंगल अपनी शारीरिक कमजोरी से निराश नहीं हुआ.उसने अपने जीवन की चुनौती को स्वीकारा और कुछ करने की ठान ली.

मंगल कुशवाहा ने महसूस किया कि गांव में बैंक नहीं है और लोग पैसा जमा करने तथा निकालने के लिए सेंवढा और आलमपुर भागते हैं तो उसने लोगों की परेशानी दूर करने को ही अपनी आजीविका का माध्यम चुन लिया. मंगल ने मुद्रा लोन लेकर गांव में ही कियोस्क सेंटर खोल लिया और आज मंगल कियोस्क के माध्यम से हर माह 20 हजार से लेकर 40 हजार रुपए तक कमाता है.ग्रामीण भी अब मंगल से काफी खुश हैं क्योंकि उन्हें अब पैसा जमा करने और निकालने के लिए 15-20 किलोमीटर नहीं भागना पडता है.प्रशासन का कहना है कि शासन की योजनाओं का लाभ लेकर लोग आत्मनिर्भर बन रहे हैं ये बहुत अच्छी बात है. मंगल ने यह साबित कर दिया है कि दिव्यांगता इंसान के इरादों को कमजोर नहीं कर सकती हैं अगर इंसान दृढ निश्चय कर ले तो जहां चाह वहां राह भी है.








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