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DMK की सुप्रीम कोर्ट से अपील-अन्नाद्रमुक के 11 विधायकों की अयोग्यता की याचिका पर जल्द सुनवाई करें

भाषा
Updated: January 24, 2020, 6:33 PM IST
DMK की सुप्रीम कोर्ट से अपील-अन्नाद्रमुक के 11 विधायकों की अयोग्यता की याचिका पर जल्द सुनवाई करें
कपिल सिब्बल ने याचिका पर शीघ्र सुनवाई के लिये शीर्ष कोर्ट से अनुरोध किया.

चीफ जस्टिस एसए बोबडे (Chief Justice SA Bobde) की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि मामले को तत्काल सुनावई के लिए सूचीबद्ध करने के बारे में वो विचार करेगी. द्रमुक (DMK) ने विश्वास मत में मुख्यमंत्री के. पलानीस्वामी (K Palanisami) के खिलाफ मतदान करने वाले अन्नाद्रमुक (AIADMK) के 11 विधायकों को अयोग्य करार दिए जाने पर शीघ्र सुनवाई का अनुरोध किया.

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नई दिल्ली. द्रविड़ मुनेत्र कषगम यानी द्रमुक (DMK) ने तमिलनाडु (Tamil Nadu) में 2017 में हुए विश्वास मत में मुख्यमंत्री के. पलानीस्वामी (K Palanisami) के खिलाफ मतदान करने वाले अन्नाद्रमुक (AIADMK) के 11 विधायकों को अयोग्य करार दिए जाने की याचिका पर शीघ्र सुनवाई का शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) से अनुरोध किया. चीफ जस्टिस एसए बोबडे (Chief Justice SA Bobde) की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि मामले को तत्काल सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने के बारे में वो विचार करेगी.

द्रमुक की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने इस संबंध में लंबित याचिका की शीघ्र सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का न्यायालय से अनुरोध किया. उन्होंने मणिपुर के एक मंत्री के मामले में शीर्ष अदालत के हालिया फैसले का जिक्र किया, जिसमें विधानसभा अध्यक्ष को चार हफ्ते के भीतर राज्य के वन मंत्री टी श्यामकुमार की अयोग्यता संबंधी याचिका पर फैसला लेने का निर्देश दिया गया था. शीर्ष अदालत ने मंगलवार को अपने फैसले में कहा था कि संसद को इस बात पर फिर से विचार करना चाहिए कि क्या सदन के अध्यक्ष के पास सांसद-विधायक को अयोग्य घोषित करने का अधिकार रहना चाहिए, क्योंकि इस पद पर आसीन व्यक्ति भी राजनीतिक दल विशेष का सदस्य होता है.

अन्नाद्रमुक के विधायकों की अयोग्यता से संबंधित मामले की पिछली बार सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने सवाल किया था कि दल बदल करने वाले विधायकों की अयोग्यता के सवाल पर अदालतों को क्यों विचार करना चाहिए, जबकि संविधान ने यह अधिकार विधान सभा अध्यक्ष को दिया है. मद्रास हाईकोर्ट ने अप्रैल 2018 में विधायकों को अयोग्य करने की मांग करने वाली द्रमुक की याचिका खारिज कर दी थी. याचिकाकर्ता ने पिछले साल विधानसभा में के. पलानीस्वामी सरकार के खिलाफ मतदान करने वाले पन्नीरसेलवम और 10 अन्य विधायकों को दल बदल कानून के तहत अयोग्य घोषित करने का अनुरोध किया है.

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First published: January 24, 2020, 5:15 PM IST
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