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काबुल के गुरुद्वारे पर हमला करने वाला केरल का निवासी, DNA टेस्ट से हुआ साबित

25 मार्च, 2020 को काबुल में बंदूकधारी हमले के बाद मीडिया कर्मियों ने क्षतिग्रस्त सिख गुरुद्वारे का सुरक्षा कर्मियों के साथ निरीक्षण किया (फाइल फोटो, AFP)

25 मार्च, 2020 को काबुल में बंदूकधारी हमले के बाद मीडिया कर्मियों ने क्षतिग्रस्त सिख गुरुद्वारे का सुरक्षा कर्मियों के साथ निरीक्षण किया (फाइल फोटो, AFP)

आत्मघाती हमले के बाद इस्लामिक स्टेट (Islamic State) से जुड़े सोशल मीडिया (Social Media) चैनलों पर जारी तस्वीरों में मुहसिन के गुरुद्वारे पर हमले (Gurdwara attack) में शामिल होने की घोषणा की गई थी, जिसमें 27 लोगों की जान गई थी.

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    (प्रवीण स्वामी)

    नई दिल्ली. सरकारी सूत्रों ने न्यूज18 को जानकारी दी कि नई दिल्ली में केंद्रीय फॉरेंसिक साइंसेज लैबोरेटरी में किये गये परीक्षणों में पाया गया है कि काबुल (Kabul) में 25 मार्च को हुए आत्मघाती विस्फोट (suicide bombing) करने वाले लोगों में से एक कभी केरल (Kerala) निवासी रहा मुहम्मद मुहसिन भी था. परीक्षण इस सप्ताह के शुरू में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (National Investigation Agency- NIA) को भेजे गए थे. सूत्रों ने बताया कि एनआईए ने मुहसिन की मां मैमून अब्दुल्ला के खून का जो नमूना लिया था, उसे अफगान अधिकारियों (Afghan Officers) की ओर से आत्मघाती हमलावर के अवशेषों से जुटाए गए ऊतकों से मिलाया गया.

    वहीं एक एनआईए (NIA) प्रवक्ता ने कहा कि एजेंसी अभी कोई टिप्पणी नहीं कर सकती क्योंकि जांच चल रही है. माना जाता है कि 1991 में कासरगोड (Kasargode) के पास के छोटे से शहर त्रिकारपुर में जन्मा, मुहसिन अफ़गानिस्तान (Afghanistan) में भारतीय आतंकवादियों के एक समूह का हिस्सा था, जिसका नेतृत्व एक समय के कश्मीर (Kashmir) जिहाद कमांडर ऐजाज़ आहंगर ने किया था. इस्लामिक स्टेट (Islamic State) से जुड़े सोशल मीडिया चैनलों पर जारी तस्वीरों में मुहसिन के गुरुद्वारे पर हमले (Gurdwara attack) में शामिल होने की घोषणा की गई थी, जिसमें 27 लोगों की जान गई थी.

    2018 में आहंगर के समूह में शामिल होने गया था अफगानिस्तान
    अपनी स्कूली शिक्षा के बाद, मुहसिन ने कुआलालंपुर, मलेशिया में रिश्तेदारों द्वारा संचालित एक छोटे से होटल में काम करने के लिए केरल छोड़ दिया था. बाद में उसने दुबई, संयुक्त अरब अमीरात में नौकरी पा ली, जहां वह 2018 में आहंगर के समूह में शामिल होने के लिए अफगानिस्तान जाने से पहले तक रहा. हालांकि, अभी कुछ ही जानकारियां इस बात पर सामने आई हैं कि किस घटना ने उसे समूह में शामिल होने के लिए प्रेरित किया.

    NIA ने नए कानून का उपयोग कर दर्ज किया मामला
    NIA के जांचकर्ताओं ने अप्रैल में काबुल गुरुद्वारा हमले के खिलाफ एक मामला दर्ज कर लिया है. ऐसा भारत के बाहर अपराधों की जांच करने के लिए संगठन के अधिकार क्षेत्र को विस्तार देने वाले एक नए कानून का उपयोग करते हुए पहली बार किया गया है.

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    अफगानिस्तान में भारतीय जिहादी समूह के गठन में केरल के 26 निवासी प्रमुख थे- उनमें से कुछ बच्चे ही थे- जो 2016 में अफगानिस्तान के लिए रवाना हुए थे. इस जिहादी समूह का नेतृत्व नव-कट्टरपंथी धर्म का नेता अब्दुल राशिद अब्दुल्ला करता था.

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