सहयोगी अकाली दल ने राज्यसभा में कृषि बिल पर बहस के दौरान BJP से कहा- 'यह मत सोचियेगा किसान कमजोर हैं'

शिरोमणि अकाली दल के राज्यसभा सांसद नरेश गुजराल की फाइल फोटो (राज्यसभा स्क्रीनग्रैब)
शिरोमणि अकाली दल के राज्यसभा सांसद नरेश गुजराल की फाइल फोटो (राज्यसभा स्क्रीनग्रैब)

अकाली दल के राज्यसभा सांसद (Rajya Sabha MP) नरेश गुजराल (Naresh Gujral) ने कहा, “हम बार-बार सरकार (government) से अनुरोध कर रहे हैं ताकि सभी हितधारकों (stakeholders) को सुना जा सके. अगर पंजाब (Punjab) में किसानों पर अत्याचार होता है, तो अकाली दल (Shiromani Akali Dal) हमेशा उनके साथ खड़ा रहेगा.”

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 20, 2020, 4:33 PM IST
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नई दिल्ली. शिरोमणि अकाली दल (Shiromani Akali Dal) के राज्यसभा सांसद (Rajya Sabha MP) नरेश गुजराल (Naresh Gujral) ने रविवार को उच्च सदन (Upper House) में दो कृषि बिलों (Two Farm Bills) को लेकर केंद्र को फटकार लगाई और सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) को किसानों (Farmers) के विरोध को हल्के में लेने के लिए चेतावनी दी. उन्होंने राज्यसभा (Rajya Sabha) में बिलों पर बहस कहा, 'यह मत सोचियेगा कि पंजाब (Punjab) के किसान कमजोर हैं, सभी पंजाबी हमारे गुरुओं की संतान हैं और हमने उनसे बलिदान देना और उत्पीड़न (oppression) के खिलाफ खड़े होना सीखा है.”

किसानों (Farmers) द्वारा उठाए गए मुद्दों को दूर करने के लिए बिलों को एक प्रवर समिति (Select Committee) को भेजने की मांग करते हुए गुजराल ने कहा, “हम बार-बार सरकार (government) से अनुरोध कर रहे हैं ताकि सभी हितधारकों (stakeholders) को सुना जा सके. अगर पंजाब (Punjab) में किसानों पर अत्याचार होता है, तो अकाली दल (Shiromani Akali Dal) हमेशा उनके साथ खड़ा रहेगा.”

मंत्रिमंडल में अकेली SAD सदस्य हरसिमरत कौर ने विरोध में दे दिया था इस्तीफा
बिल को मंजूरी देने वाले पीएम मोदी के मंत्रिमंडल में अकेली SAD सदस्य हरसिमरत कौर बादल ने बिलों के खिलाफ विरोध के नाटकीय घटनाक्रम में गुरुवार को केंद्रीय मंत्री के रूप में इस्तीफा दे दिया था. एक वरिष्ठ पत्रकार सम्मेलन को संबोधित करते हुए, SAD के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद प्रेम सिंह चंदूमाजरा ने कहा, “यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमने भाजपा को अपनी चिंताओं के बारे में बताया और किसान समुदाय की भावनाओं को केंद्रीय नेतृत्व तक पहुंचाया, लेकिन फिर भी उन्होंने इस पर कुछ नहीं किया." उन्होंने कहा, "हालांकि फिर भी हम किसानों के प्रति अपने कर्तव्य में असफल नहीं होंगे और उनके और पंजाब के लिए न्याय सुनिश्चित करने का प्रयास जारी रखेंगे."
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इस पार्टी ने जिसने शुरू में बिलों का समर्थन किया था, शनिवार को कहा कि यह "दुर्भाग्यपूर्ण" है कि पार्टी द्वारा तीन कृषि सुधार बिलों पर भाजपा नेतृत्व को अपनी चिंताओं से अवगत कराने के बाद भी इस मुद्दे पर ध्यान नहीं दिया गया और इसने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि विधानों के खिलाफ "संघर्ष" में शामिल हों. SAD ने कहा कि वह "चुपचाप नहीं बैठेगा" और इस लड़ाई को इसके "तार्किक निष्कर्ष" तक ले जाएगा.
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