जानिए...देश के इन शहरों पर है भूकंप का सबसे ज्यादा खतरा

ओम प्रकाश | News18Hindi
Updated: August 11, 2017, 5:43 PM IST
जानिए...देश के इन शहरों पर है भूकंप का सबसे ज्यादा खतरा
कहीं आपका शहर भूकंप के लिहाज से खतरनाक जोन में तो नहीं है?
ओम प्रकाश | News18Hindi
Updated: August 11, 2017, 5:43 PM IST
पृथ्‍वी विज्ञान मंत्रालय और नेशनल डिजास्‍टर मैनेजमेंट अथॉरिटी ने भूकंपीय जोन चार और पांच में आने वाले शहरों की सूची जारी की है. आपके लिए यह जानना जरूरी है कि आप भूकंप के लिहाज से कितने संवेदनशील क्षेत्र में रहते हैं.

उससे पहले हम जानते हैं आखिर भूकंपीय जोन है क्‍या? डिजास्‍टर मैनेजमेंट के प्रोफेसर अभय कुमार श्रीवास्‍तव बताते हैं कि भारत और उसके आसपास के क्षेत्र में विनाशकारी भूकंप आते रहे हैं. भारतीय मानक ब्यूरो ने विभिन्‍न एजेंसियों से प्राप्त विभिन्न वैज्ञानिक जानकारियों के आधार पर देश को चार भूकंपीय क्षेत्रों में बांटा है.

जोन 5: यह देश के अधिकतम जोखिम का जोन है. भूकंपीय दृष्टि से सबसे ज्यादा सक्रिय क्षेत्र माना जाता है. इसके दायरे में सबसे अधिक खतरे वाला क्षेत्र आता है जिसमें रिक्‍टर पैमाने पर 8 से 9 या उससे ज्यादा तीव्रता के भूकंप आते हैं. इस क्षेत्र में आने वाले भूकंप विशेष रूप से डिजाइन बिल्‍डिंगों में भी नुकसान पहुंचा सकते हैं.

इसमें रेल पटरियां मुड़ जाती हैं और सड़कों को नुकसान पहुंचता है. जमीन में दरारें पड़ जाती हैं और भूमिगत पाइपें फट जाती हैं. नदियों का मार्ग तक बदलने की संभावना रहती है. इस जोन में मुख्‍य तौर पर पूर्वोत्तर भारत, जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्से, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात में कच्छ का रण, उत्तर बिहार का कुछ हिस्सा और अंडमान निकोबार द्वीप समूह शामिल हैं.

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जोन-4: यह जोन प्रबल भूकंप की संभावना रखता है. इसलिए यह अधिक तबाही के खतरे वाला क्षेत्र कहा जाता है. इसमें भूस्‍खलन और इमारतों में क्षति की संभावना रहती है.

इस जोन में जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के बाकी हिस्से, दिल्ली, सिक्किम, उत्तर प्रदेश के उत्तरी भाग, बिहार और पश्चिम बंगाल, गुजरात के कुछ हिस्से और पश्चिमी तट के समीप महाराष्ट्र का कुछ हिस्सा और राजस्थान शामिल हैं. अधिक तीव्रता वाले इस जोन में रिक्‍टर पैमाने पर 8 तीव्रता वाला भूकंप आ सकता है.

दिल्ली में भूकंप की आशंका वाले इलाकों में यमुना तट के करीबी इलाके, पूर्वी दिल्ली, शाहदरा, मयूर विहार, लक्ष्मी नगर शामिल है. दिल्‍ली के सिस्‍मिक माइक्रोजोनेशन रिपोर्ट में यह पता चला है. इसी जोन में हरियाणा के दो बड़े औद्योगिक शहर गुड़गांव और फरीदाबाद भी आते हैं.

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जोन-3: इस जोन में अधिक तीव्रता वाले भूकंप महसूस किए जा सकते हैं. ऐसे भूकंप जिसमें खड़ा होना तक कठिन हो जाता है. इमारतों में हल्‍का नुकसान हो सकता है. इसे सामान्य तबाही के खतरे वाले क्षेत्र की श्रेणी में रखा गया है.

इस जोन में केरल, गोवा, लक्षद्वीप समूह, उत्तर प्रदेश के बाकी हिस्से, गुजरात और पश्चिम बंगाल, पंजाब के हिस्से, राजस्थान, मध्यप्रदेश, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, ओडीसा, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और कर्नाटक शामिल हैं. सामान्य तीव्रता वाले इस जोन में रिक्‍टर पैमाने पर 7 तीव्रता तक का भूकंप आ सकता है.

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जोन-2: यह भूकंप की दृष्टि से सबसे कम सक्रिय क्षेत्र है. लेकिन इसमें आने वाले भूकंप से फर्नीचर हिल सकते हैं. प्‍लस्‍तर झड़ने तथा इमारत को कुछ नुकसान होने के मामले भी मिल सकते हैं. जोन-2 में देश का बाकी हिस्सा शामिल है. कम तीव्रता वाले इस जोन में 6 या उससे कम तीव्रता वाले भूकंप आ सकते हैं.
First published: August 11, 2017
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