अहमदाबाद के डॉक्टर का दावा, कोरोना वायरस फेफड़ों पर हमलाकर उन्हें बना रहा पत्थर

देश में कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं. सांकेतिक फोटो.
देश में कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं. सांकेतिक फोटो.

अहमदाबाद (Ahmedabad) सिम्स अस्पताल के डॉक्टर अमित पटेल का कहना है कि कोरोना वायरस (Coronavirus) सबसे पहले फेफड़ों पर असर करता है. यह धीरे धीरे फेफड़ों को पत्थर में बदल देता है, जिसके कारण मरीज की मौत हो जाती है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 2, 2020, 11:27 AM IST
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नई दिल्ली. देश में कोरोना वायरस (Coronavirus) से संक्रमित मरीजों की संख्या हर दिन ​बढ़ रही है. पिछले 24 घंटे में कोरोना (Corona) के 81 हजार 484 नए मरीज सामने आए हैं जबकि 1,095 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है. देश में कोरोना वायरस पर कई तरह के शोध किए जा रहे हैं. इसी शोध के तहत अहमदाबाद (Ahmedabad) के सिम्स अस्पताल के डॉक्टर ने दावा किया है कोरोना वायरस मरीज के फेफड़ों पर तेजी से हमला करते हैं और उन्हें पत्थर बना देते हैं.

कोरोना मरीजों के इलाज के दौरान उनमें मिलने वाली शिकायत पर काम करने वाले अहमदाबाद सिम्स अस्पताल के डॉक्टर अमित पटेल का कहना है कि कोरोना वायरस सबसे पहले फेफड़ों पर असर करता है. यह धीरे धीरे फेफड़ों को पत्थर में बदल देता है, जिसके कारण फेफड़े सही तरीके से काम नहीं कर पाते हैं. संक्रमण फैलने से फेफड़े काफी सख्त हो जाते हैं और मरीज की मौत हो जाती है.

डॉक्टर पटेल के मुताबिक फाइब्रोसिस तो टीबी और निमोनिया में भी होता है लेकिन इन बीमारियों में इसका असर केवल फेफड़े के ऊपर और नीचे के भाग में ही दिखाई देता है लेकिन कोरोना वायरस पूरे फेफड़े को ही नुकसान पहुंचाता है और उसे खराब कर देता है. सिम्स अस्पताल की डॉक्टर सुरभि के मुताबिक रोग प्रतिरोधक क्षमता जब सक्रिय होती है तो इसका सबसे पहला प्रभाव फेफड़े पर होता है. टिश्यू को रिपेयर करने के दौरान फेफड़ों की महीन नलियों में द्रव्य भर जाता है जो बाद में जम जाता है. इससे फेफड़े धीरे धीरे सख्त हो जाते हैं.
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डॉक्टरों ने शोध में पाया है कि कोरोना वायरस का फेफड़ों पर इस तरह से हमला होता है कि मरीज और भी कई बीमारियों से पीड़ित हो जाता है. इसमें हाईअटैक, किडनी पर असर आना या फिर शरीर के अंदर पस भर जाना आदि शामिल है.
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