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पहले डॉक्टर्स बोले- झूठ बोल रही हैं ममता, हड़ताल जारी रहेगी, फिर देर रात बातचीत को तैयार

News18Hindi
Updated: June 16, 2019, 6:26 AM IST
पहले डॉक्टर्स बोले- झूठ बोल रही हैं ममता, हड़ताल जारी रहेगी, फिर देर रात बातचीत को तैयार
कोलकाता में शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी.

डॉक्टरों ने कहा- मुलाकात का समय और जगह आपसी चर्चा के बाद घोषित की जाएगी

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कोलकाता से शुरू हुई डॉक्टरों की हड़ताल तृणमूल सरकार के झुकने के बाद पहले तो खत्म होती नहीं दिख रही थी लेकिन देर रात डॉक्टरों ने भी नर्म पड़ने के संकेत दिए. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर डॉक्टरों की सभी मांगे मानने की घोषणा तो कर दी थी लेकिन डॉक्टरों ने इसे सिरे से नकार दिया था. जूनियर डॉक्टरों का कहना था कि सीएम ने इस समस्या को सुलझाने के लिए ईमानदार कदम नहीं उठाया है और यह हड़ताल जारी रहेगी. इसके चलते पहले आशंका जाताई जा रही थी कि हड़ताल रविवार को भी जारी रह सकती है. हालांकि देर रात जूनियर डॉक्टरों ने ममता से बातचीत करने पर सहमति जताई और कहा कि वे कब और कहां मिलेंगे इस बारे में निर्णय लेने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है..

हम भी ड्यूटी पर लौटने का कर रहे हैं इंतजार
ममता बनर्जी की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद डॉक्टरों के संयुक्त मोर्चे के प्रवक्ता ने कहा कि हम भी ड्यूटी पर लौटने का इंतजार कर रहे हैं लेकिन सीएम की तरफ से समाधान निकालने की ईमानदार पहल नहीं की गई दिख रही है. साथ ही उन्होंने बताया कि ममता बनर्जी ने का यह दावा भी झूठा है कि हम में से कुछ डॉक्टर उनसे मिलने के लिए सचिवालय गए थे. ममता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जो भी कहा वह झूठ है. इसके कुछ देर बाद ही एक और प्रेस वार्ता कर डॉक्टरों ने कहा कि वे सीएम से मिल कर इस समस्या का समाधान करने को तैयार हैं और आपसी बातचीत के बाद मुलाकात का वक्त व जगह की घोषणा कर दी जाएगी. डॉक्टर्स के इस कदम के बाद माना जा रहा है कि रविवार को इस परेशानी का समाधान होने की उम्मीद है और हड़ताल भी वापस ली जा सकती है.

पहले कहा था, वे यहां पर आएं और हमें सुनें

इससे पहले डॉक्टरों ने कहा था कि ममता ने दावा किया है कि हम समाधान और बातचीत के खिलाफ हैं. लेकिन ऐसा नहीं है. हम चाहते हैं कि सीएम नील रतन सरकार मेडिकल कॉलेज आएं और हमारी बात को सुनें. साथ ही वे मरीजों के लिए जरूरी कदम उठाएं. इससे पहले ममता बनर्जी ने मीडिया के सामने दावा किया था कि कुछ जूनियर डॉक्टर उनसे मिलने सचिवालय आए थे. हालांकि पत्रकारों के सवालों के बीच ही वह उठ कर चली गई थीं.

ये थीं डॉक्टर्स की शर्तें
-सीएम ममता बनर्जी को हमला करने वालों के खिलाफ की गई कार्रवाई का सबूत देना होगा.-जूनियर डॉक्टरों और मेडिकल स्टूडेंट के खिलाफ दर्ज किए गए झूठे केस और अन्य आरोपों को वापस लेना होगा.
-सीएम ममता बनर्जी को हॉस्पिटल आकर घायल डॉक्टरों से मिलना होगा. सीएम ऑफिस को इस हमले की निंदा करनी होगी.
-ममता को बिना शर्त पूरे मामले के लिए माफ़ी मांगनी होगी.
-डॉक्टर अरिंदम दत्ता के मुताबिक पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करानी होगी.
-डॉक्टरों ने सभी स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ-साथ बुनियादी ढांचे में सुधार की भी मांग की, जिसमें सशस्त्र पुलिस कर्मियों की पोस्टिंग भी शामिल है.

क्या था मामला?
10 जून को नील रत्न सरकार मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान एक 75 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई थी. इससे गुस्साए परिजनों ने डॉक्टर्स से बदसलूकी कर दी. डॉक्टरों का कहना है कि जब तक परिजन उनसे माफी नहीं मांगते तब तक वो प्रमाण पत्र नहीं देंगे. इसके बाद इम मामले में हिंसा भड़क गई और कुछ लोगों ने हथियारों से हॉस्टल में हमला कर दिया. इसमें दो जूनियर डॉक्टर गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि कई और को भी चोटें आईं.

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First published: June 16, 2019, 5:01 AM IST
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