डॉक्टरों का प्रदर्शन जारी, आपातकालीन सेवाओं के बहाल होने से मरीजों को थोड़ी राहत

अधिकारियों ने कहा कि शनिवार को दिल्ली सरकार द्वारा संचालित कुछ अस्पतालों ने भी सभी सेवाएं बहाल कर दी हैं.

भाषा
Updated: August 3, 2019, 5:09 PM IST
डॉक्टरों का प्रदर्शन जारी, आपातकालीन सेवाओं के बहाल होने से मरीजों को थोड़ी राहत
कुछ अस्पतालों ने भी सभी सेवाएं बहाल कर दी हैं. PTI Photo by Kamal Singh
भाषा
Updated: August 3, 2019, 5:09 PM IST
दिल्ली के कई सरकारी अस्पतालों में आपातकालीन सेवाओं के बहाल होने से मरीजों को थोड़ी राहत मिली है, हालांकि राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) विधेयक के विरोध में रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल शनिवार को लगातार तीसरे दिन भी जारी रही.

डॉक्टर विधेयक के कुछ प्रावधानों के विरोध में गुरुवार से ही कार्य बहिष्कार कर प्रदर्शन कर रहे हैं. दिल्ली में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) परिसर और सफदरजंग अस्पताल में पुलिस की भारी मौजूदगी रही. सफदरजंग अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक द्वारा चेतावनी जारी किये जाने के बाद प्रदर्शनकारी उत्तेजित हो गए थे.

चिकित्सा अधीक्षक सुनील गुप्ता ने अस्पताल के रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए) के अध्यक्ष को लिखे अपने खत में कहा, 'मंत्रालय ने मुझे आपको सूचित करने को कहा है कि हड़ताली चिकित्सक तत्काल काम पर नहीं लौटते हैं तो उनके खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई जैसे सेवा से निलंबन/बर्खास्तगी, हॉस्टल खाली कराने जैसे कदम उठाए जा सकते हैं.'

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यहां आपातकालीन सेवाएं अब भी प्रभावित
अस्पताल के एक कर्मचारी ने कहा कि सफदरजंग अस्पताल की आपातकालीन सेवाएं अब भी प्रभावित हैं. पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है' और पुलिस इलाके में शांति और यातायात सुगम रखने में जुटी है. डॉक्टरों के विभिन्न संगठन विधेयक के कुछ प्रावधानों को लेकर आपत्ति जता रहे हैं और आरोप लगाया कि ये प्रावधान 'गरीब विरोधी,छात्र विरोधी और अलोकतांत्रिक हैं.'

हड़ताल करने वालों में आरएमएल अस्पताल की रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन और वो सदस्य भी शामिल हैं जो फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (एफओआरडीए) और युनाइडेट रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (यूआरडीए) से जुड़े हैं. आधी रात के करीब हालांकि अधिकांश आरडीए ने घोषणा की कि उन्होंने आपातकालीन सेवाएं बहाल कर दी हैं.
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अधिकारियों ने कहा कि शनिवार को दिल्ली सरकार द्वारा संचालित कुछ अस्पतालों ने भी सभी सेवाएं बहाल कर दी हैं. राज्यसभा द्वारा एनएमसी विधेयक पारित किये जाने के दो दिन बाद काफी संख्या में डॉक्टर शनिवार को भी हड़ताल पर हैं.

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अनिश्चितकालीन हड़ताल को जारी रखने को लेकर अडिग
एम्स आरडीए ने एक बयान में कहा, 'एम्स आरडीए और छात्र संघ (एसयू) एनएमसी विधेयक के कुछ प्रावधानों के विरोध में देशभर के दूसरे चिकित्सक समूहों के साथ अपनी अनिश्चितकालीन हड़ताल को जारी रखने को लेकर अडिग है. हालांकि मरीजों के हितों को ध्यान में रखते हुए आपातकालीन सेवाएं बहाल कर दी गई हैं.'

एम्स आरडीए ने बयान में आगे कहा कि हम सभी दलों के सांसदों से अनुरोध करते हैं कि वह इस बात का ध्यान रखें कि राज्यसभा द्वारा विधेयक में किये गए संशोधनों के बाद जब इसे फिर से लोकसभा में पेश किया जाए तो हमारी चिंताओं पर चर्चा और उनका निराकरण हो. स्वास्थ्य मंत्री हर्ष वर्धन ने हड़ताली डॉक्टरों के प्रतिनिधिमंडल के साथ एक बैठक में उनसे काम शुरू करने की अपील करते हुए कहा कि यह विधेयक चिकित्सकों और मरीजों के 'हित' में है.

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First published: August 3, 2019, 4:27 PM IST
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