NMC बिल के विरोध में आज हड़ताल पर जा सकते हैं डॉक्टर, OPD बंद करने की दी धमकी

भारतीय चिकित्सा संघ (आईएमए) ने भी विधेयक की कई धाराओं पर आपत्ति जताई है.

News18Hindi
Updated: August 1, 2019, 5:56 AM IST
NMC बिल के विरोध में आज हड़ताल पर जा सकते हैं डॉक्टर, OPD बंद करने की दी धमकी
भारतीय चिकित्सा संघ (आईएमए) ने भी विधेयक की कई धाराओं पर आपत्ति जताई है.
News18Hindi
Updated: August 1, 2019, 5:56 AM IST
राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) विधेयक का विरोध कर रहे डॉक्टरों ने बेमियादी हड़ताल पर जाने की धमकी दी है जिससे एम्स तथा आरएमएल समेत सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं के बुरी तरह से प्रभावित होने का अंदेशा है. डॉक्टरों ने आपातकालीन विभागों में भी सेवाओं को बंद करने की धमकी दी है.

एनएमसी भ्रष्टाचार के आरोप झेल रहे राष्ट्रीय चिकित्सा परिषद (एमसीआई) का स्थान लेगा. इस विधेयक को सोमवार को लोकसभा ने पारित कर दिया और इसे बृहस्पतिवार को राज्यसभा में पेश किया जाएगा.

‘फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन’ (एफओआरडीए) ने कहा, 'रेजिडेंट डॉक्टर बृहस्पतिवार को विरोधस्वरूप ओपीडी, आपातकालीन विभागों और आईसीयू में काम नहीं करेंगे और अगर राज्यसभा में विधेयक पेश किया जाता है तथा पारित किया जाता है तो हड़ताल को अनिश्चितकाल के लिए जारी रखा जाएगा.'

यह भी पढ़ें: NMC बिल में क्या प्रावधान हैं? जिनका विरोध कर रहे हैं डॉक्टर

एफओआरडीए ने आरोप लगाया कि...

एफओआरडीए ने आरोप लगाया कि विधेयक ‘गरीब विरोधी, छात्र विरोधी और अलोकतांत्रिक’ है.एम्स के रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए) ने प्रस्तावित हड़ताल के संबंध में प्रशासन को नोटिस दिया. इसके अलावा, विभिन्न अस्पतालों में विरोध जारी है और डॉक्टरों ने काली पट्टी बांध कर काम किया.

भारतीय चिकित्सा संघ (आईएमए) ने भी विधेयक की कई धाराओं पर आपत्ति जताई है. आईएमए ने बुधवार को 24 घंटे के लिए गैर जरूरी सेवाओ को बंद करने का आह्वान किया है. देश में डॉक्टरों और मेडिकल छात्रों के सबसे बड़े संगठन ने अपनी स्थानीय शाखाओं में प्रदर्शन और भूख हड़ताल का आह्वान किया था तथा विद्यार्थियों से कक्षाओं का बहिष्कार करने का अनुरोध किया था.
Loading...

संगठन ने एक बयान में चेताया कि अगर सरकार उनकी चिंताओं पर उदासीन रहती है तो वह अपना विरोध तेज़ करेंगे. एफओआरडीए, यूआरडीए और आरडीए-एम्स के प्रतिनिधियों की मंगलवार को हुई संयुक्त बैठक में एनएमसी विधेयक 2019 का विरोध करने का संकल्प लिया गया.

यह भी पढ़ें: दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल के जूनियर डॉक्टर गुरुवार से हड़ताल पर

एम्स आरडीए, एफओआरडीए और यूनाइटेड आरडीए ने कहा- 

एम्स आरडीए, एफओआरडीए और यूनाइटेड आरडीए ने संयुक्त बयान में कहा कि इस विधेयक के प्रावधान कठोर हैं. बयान में कहा गया है कि विधेयक को बिना संशोधन के राज्यसभा में रखा जाता है तो पूरे देश के डॉक्टर कड़े कदम उठाने के लिए मजबूर हो जाएंगे जो समूचे देश में स्वास्थ्य सेवाओं को बाधित कर सकता है. हम अनिश्चितकालीन समय के लिए जरूरी और गैर जरूरी सेवाओं को बंद कर देंगे.

डॉक्टरों का कहना है कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री खुद एक डॉक्टर हैं. उन्होंने संसद की स्थायी समिति की अहम सिफारिशों को शामिल करने के बजाय विधेयक के कई प्रावधानों को बदल दिया है और नए प्रावधान डॉक्टरों के लिए अहितकारी हैं. डॉक्टरों ने दावा किया कि विधेयक से ‘झोला-झाप’ डॉक्टरों को बढ़ावा मिलेगा.

आईएमए के महासचिव आर वी अशोकन ने कहा कि विधेयक की धारा 32 साढ़े तीन लाख अयोग्य गैर-चिकित्सा व्यक्तियों को आधुनिक चिकित्सा पद्धति से इलाज करने के लिए लाइसेंस के योग्य बना देगी.

यह भी पढ़ें: आज हड़ताल पर हैं बिहार के सभी डॉक्टर, मरीजों की बढ़ी मुश्किलें

भाषा इनपुट के साथ

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: August 1, 2019, 5:52 AM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...