‘अवैध संबंध’ के कारण कुतिया को मालिक ने घर से निकाला बाहर

ये सब पढ़ने के बाद शमीम ने सोचा कि क्या किसी पालतू कुत्ते को इस आधार पर कोई घर से निकाल सकता है जिसे उसने तीन सालों से इतने नाजों से पाला हो.

News18Hindi
Updated: July 23, 2019, 3:22 PM IST
‘अवैध संबंध’ के कारण कुतिया को मालिक ने घर से निकाला बाहर
ये कुतिया तिरुवनंतपुरम के अनयारा इलाक़े में अनाथ मिली
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Updated: July 23, 2019, 3:22 PM IST
रविवार रात को भारी बारिश के बीच शमीम फ़ारूक़ का फोन बजता ही जा रहा था. दूसरी ओर, पीपल फ़ोर एनिमल्स (पीएफए) के तिरुवनंतपुरम की सचिव लता को एक ज़रूरी काम करना था. भारी बारिश की परवाह किए बिना वो अकेली ही अंधेरी रात में बाहर निकली और जब वापस आईं तो उन उनके साथ एक सुंदर सी दिखनेवाली पोमेरियन डॉग थी. ये कुतिया तिरुवनंतपुरम के अनयारा इलाक़े में अनाथ पड़ी मिली.
गले में लटका था नोट
तुरंत ही शमीम को इस कुतिया के गले से लटक रहे लॉकेट में एक नोट लटका दिखा. इसमें लिखा था- इस कुतिया को इस लिए घर से निकाल दिया गया है क्योंकि इसे ‘अवैध संबंध’ में लिप्त पाया गया है. इस नोट में ये भी लिखा था कि इसकी अच्छी परवरिश हुई है और ये थोड़ा खाना खाती है, इसे पांच दिन में एक बार नहलाया जाता है, इसे खाने में दूध, कच्चा अंडा, और बिस्कुट पसंद है और पिछले तीन साल से ये रोगमुक्त रही है. इसकी एक ही बुरी आदत है कि ये बहुत ही लम्बे समय तक भौंकती रहती है.

ये सब पढ़ने के बाद शमीम ने सोचा कि क्या किसी पालतू कुत्ते को इस आधार पर कोई घर से निकाल सकता है जिसे उसने तीन सालों से इतने नाजों से पाला हो. अब शमीम के संरक्षण में आ चुकी ये अनाम कुतिया अपने अन्य कुत्तों के साथ उसके घर के आंगन में अच्छा समय गुज़ार रही है.

गले में लटका हुआ नोट


नाम का पता नहीं

“सब कुछ के बावजूद, उसका क्या नाम है इस बात की कोई जिक्र इस नोट में नहीं था जो उसके गले से लटक रहे लॉकेट में मिला था. पीएफए में हमें अकेले कुत्ते की देखभाल करने को लेकर कई सारे फ़ोन आते हैं. आमतौर पर लोग पहले अपने जान पहचान और मित्र मंडली में अपने पालतू के लिए सुरक्षित घर ढूंढते हैं या फ़ॉस्टर केयर आश्रय ढूँढते हैं. मुझे ताज्जुब इस बात का है कि इस कुत्ते के मालिक ने इन विकल्पों पर विचार क्यों नहीं किया, यह तो इस बेज़ुबान को अनाथ करने का बेहद ही क्रूर तरीक़ा है. जब इस पोमेरीयन का पता चला उस समय वो अपने मेटिंग में थी और दूसरी नर कुत्तों से वो घिरी थी. किसी ने उसके लिए कुछ खाने को छोड़ दिया था पर उसने उसको सूँघा तक नहीं था. शुरू में वो डरी हुई थी और ग़ुस्से में भी थी पर अब वो मुझे देखकर ख़ुश है”.
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कुतिया को अपनाने के लिए आए कई लोग
धीरे-धीरे ये बात फैली और अब बहुत सारे लोग इस कुतिया को अपनाने के लिए सामाने आ रहे हैं. शमीम का कहना है कि एक वयस्क मादा कुतिया में मेटिंग चक्र की पुनरावृत्ति हर छह महीने पर होती है. इसे अपनाने वाले चाहें तो उसकी नसबंदी करा सकते हैं ताकि वह दूसरे कुत्तों से घुले-मिले नहीं. शमीम कहती हैं, उस नोट में उसके लिए जो भी लिखा गया था, वह सही था. मैं उसको अपने घर के आंगन में खुली जगह पर रखी हूं. कई बार वो टहलटते हुए बाहर दरवाज़े तक जाती है ये सोचते हुए कि शायद उसको ‘अपने घर’ ले जाने के लिए कोई आए”.
सीसीटीवी से असली मालिक की तलाश
हालांकि, पीएफए के वोलंटियरों का कहना है कि वे उस क्षेत्र के सीसीटीवी फूटेज को देख रहे हैं ताकि ये पता चल सके कि इसे किसने यहां लाकर छोड़ दिया अगर वे इसमें सफल हो जाते हैं तो इसके मालिक को पशुओं के ख़िलाफ़ क्रूरता रोकने के अधिनियम के तहत सज़ा दिलाई जा सकती है. इस अधिनियम, 1960 की धारा 11(i) के अनुसार, “किसी पशु को अनाथ छोड़ देना, उसको ऐसी स्थिति में छोड़ देना कि उसे भूख और प्यास के कारण तकलीफ़ हो, तो ये दंडनीय है”.
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First published: July 23, 2019, 3:22 PM IST
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