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विदेशी नामों को बाय बाय, ITBP में अब डॉग स्क्वाड के सदस्यों के नाम होंगे हिंदुस्तानी

नामकरण समारोह की तस्वीर (फोटो: ANI)
नामकरण समारोह की तस्वीर (फोटो: ANI)

ITBP कुत्तों की अगली खेप का नाम बर्फीले इलाकों की प्रमुख मोर्चों के नाम पर रखेगी. हरियाणा के पंचकूला स्थित नेशनल ट्रेनिंग सेंटर फॉर डॉग्स आईटीबीपी बीटीसी में के 9 टीम के 17 सदस्यों का नामकरण समारोह आयोजित किया था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 30, 2020, 5:21 PM IST
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नई दिल्ली. भारत-तिब्बत बॉर्डर पुलिस (Indo-Tibetan Border Police) ने अपनी के-9 टीम को लेकर ऐतिहासिक कदम उठाया है. हाल ही में के9 टीम के रूप में सेना के साथ काम करने वाले कुत्तों का नामकरण समारोह किया गया. इतना ही नहीं इस बार पुलिस ने पश्चिमी नामों को हटाकर देसी नामों के इस्तेमाल का फैसला लिया है. इस कार्यक्रम के दौरान आईटीबीपी ने कुछ महीनों पहले जन्मे कुत्तों के नाम रखे हैं. इतना ही नहीं इसके बाद के9 (K 9) टीम में शामिल कुत्तों के विदेशी नाम नहीं रखे जाएंगे.

आईटीबीपी ने के 9 टीम के 17 सदस्यों का नामकरण समारोह आयोजित किया था. पुलिस के मुताबिक, 'केंद्रीय सशस्त्र बलों के इतिहास में पहली बार भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) ने पारंपरिक विदेशी नामों को बाहर कर के 9 विंग के छोटे योद्धाओं के स्थानीय नाम रखे हैं.' उन्होंने बताया, 'इन सभी सदस्यों के नामों को मुश्किल सीमाओं पर देश की रक्षा कर रहे सैनिकों के सम्मान के तौर पर रखा गया है.'

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आईटीबीपी ने जानकारी दी, 'यह औपचारिक नामकरण समारोह हरियाणा के पंचकूला स्थित नेशनल ट्रेनिंग सेंटर फॉर डॉग्स आईटीबीपी बीटीसी में आयोजित किया गया था. यहां बल ने कुछ महीनों पहले आईटीबीपी के कुत्ते गाला, ओल्गा और ओलेश्या से जन्मे 17 सदस्यों के नाम रखे गए.' इनके नाम, 'एने ले गलवान, सासोमा, सैसर, श्रीजाप, चार्डिंग, रेजांग, दौलद, सुल्तान-चुस्कु, इमिस, रांगो, मुखप्री, चुंग-थुंग, खारदुंगी और श्योक हैं.'

आईटीबीपी ने कहा, 'इन नन्हें 9 योद्धाओं के 100 फीसदी देसी नाम रखे जाने और वह भी बलों के इलाकों से, यह आजादी के बाद पहली बार है कि देश की के 9 विंग ने अपनी खुद की विरासत को स्वीकारा है.' गौरतलब है कि ITBP कुत्तों की अगली खेप का नाम बर्फीले इलाकों की प्रमुख मोर्चों के नाम पर रखेगी. इन मोर्चों पर आईटीबीपी तैनात है, जहां बल काराकोरम से जेचाप ला तक 3488 लंबी सीमा को कवर करता है. खास बात है कि आईटीबीपी को दूसरे केंद्रीय सशस्त्र बलों से इन कुत्तों को सुरक्षा के लिए उपयोग में लाने के आवेदन मिले हैं.
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