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नीतीश के लिए सिरदर्द न साबित हो जाएं 'छोटे सरकार' के राइट हैंड

नीतीश के लिए सिरदर्द न साबित हो जाएं 'छोटे सरकार' के राइट हैंड

भाजपा का आरोप- अनंत सिंह के असर के कारण कार्तिकेय कुमार कानून मंत्री बने (News18)

भाजपा का आरोप- अनंत सिंह के असर के कारण कार्तिकेय कुमार कानून मंत्री बने (News18)

भाजपा को ये आरोप लगाने का मौका मिला है कि अनंत सिंह के असर के कारण ही उनके करीबी कार्तिकेय कुमार को नई सरकार में कानून मंत्री बनाया गया. कार्तिकेय कुमार को 'मास्टर साहब' के नाम से जाना जाता है, क्योंकि वह पहले एक स्कूल शिक्षक थे. वह भी मोकामा से हैं.

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हाइलाइट्स

भाजपा का आरोप- अनंत सिंह के असर के कारण कार्तिकेय कुमार कानून मंत्री बने
कार्तिकेय कुमार के कानून मंत्री की शपथ लेने के बाद 'छोटे सरकार जिंदाबाद' के नारे लगे
कार्तिकेय कुमार का नाम पहले अपहरण के एक मामले में आया है

पटना. जेल में बंद डॉन अनंत सिंह और उनके दाहिने हाथ बिहार के नए कानून मंत्री कार्तिकेय कुमार, नीतीश कुमार-तेजस्वी यादव की नई सरकार के लिए सिरदर्द साबित हो सकते हैं. मोकामा से राजद के नेता अनंत सिंह को दो महीने पहले ही 10 साल जेल की सजा सुनाई गई थी. अनंत सिंह को ‘छोटे सरकार’ के नाम से जाना जाता है. अब खबरें सामने आई हैं कि पिछले हफ्ते उन्होंने सहरसा जेल से बाहर लगभग 48 घंटे बिताए. जबकि उन्हें केवल कुछ घंटों के लिए अदालत की सुनवाई में पेश होना था. लेकिन वे पटना के पाटलिपुत्र में अपने घर और एक अस्पताल में भी गए. अब भाजपा को ये आरोप लगाने का मौका मिला है कि अनंत सिंह के असर के कारण ही उनके करीबी कार्तिकेय कुमार को नई सरकार में कानून मंत्री बनाया गया है.

कार्तिकेय कुमार को ‘मास्टर साहब’ के नाम से जाना जाता है, क्योंकि वह पहले एक स्कूल शिक्षक थे. वह भी मोकामा से हैं. कुछ महीने पहले राजद ने उनको पटना से एमएलसी बनाया था. कहा जाता है कि अनंत सिंह ने एमएलसी के रूप में कुमार के चुनाव में जेल से महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद ने खुद इसके लिए कार्तिकेय कुमार के नाम की घोषणा की थी. कुमार के राज्य के नए कानून मंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद ‘छोटे सरकार जिंदाबाद’ के नारे लगाए गए. जिससे सिंह और कुमार के करीबी संबंधों को समझा जा सकता है.

कुमार के कानून मंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद से भाजपा नीतीश कुमार की नई सरकार पर हमला कर रही है. पार्टी कार्तिकेय कुमार को हटाने की मांग कर रही है, क्योंकि उनका नाम पहले अपहरण के एक मामले में आया था. उनके खिलाफ पहले एक गिरफ्तारी वारंट भी जारी हो चुका है. 16 अगस्त को मंत्री पद की शपथ लेने वाले कुमार इस मामले में अदालत की सुनवाई में शामिल नहीं हुए थे. बिल्डर राजू सिंह के अपहरण का ये मामला 2014 का है.

लालू प्रसाद ने कार्तिकेय कुमार के बचाव में उतरते हुए कहा कि उनके खिलाफ आरोप गलत हैं. कुमार ने बुधवार को पटना में आनन-फानन में प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि निचली अदालत ने उन्हें एक सितंबर तक गिरफ्तारी से संरक्षण दिया है और अदालत ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है. उन्होंने यह भी दावा किया है कि पुलिस ने अंतिम जांच रिपोर्ट में उन्हें क्लीन चिट दे दी है.

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कुमार कहते हैं कि एक स्थानीय अदालत ने उनके खिलाफ 19 जुलाई को गिरफ्तारी वारंट जारी किया था, लेकिन 12 अगस्त को उस पर 1 सितंबर तक रोक लगा दी गई थी. उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस द्वारा अभी तक किसी भी मामले में चार्जशीट दाखिल नहीं की गई है. इस बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि उन्हें कार्तिकेय कुमार के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट की कोई जानकारी नहीं है. उधर डॉन अनंत सिंह के 48 घंटे से अधिक समय तक जेल से बाहर रहने के मामले में सहरसा जेल के कई कर्मियों व अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है.

Tags: Anant Singh, Bihar News, BJP, CM Nitish Kumar, Lalu Prasad Yadav, RJD, Tejashwi Yadav

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