लाइव टीवी

मोटेरा स्टेडियम में ट्रंप ने PM मोदी की तारीफ के जरिए इन पर साधा निशाना

News18Hindi
Updated: February 26, 2020, 12:38 PM IST
मोटेरा स्टेडियम में ट्रंप ने PM मोदी की तारीफ के जरिए इन पर साधा निशाना
सवा लाख भारतीय नागरिकों के बीच ट्रंप ने मोदी की तारीफों की झड़ी लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ी (फाइल फोटो, AP Photo-Michael Wyke)

ट्रंप के लिए यह राष्ट्रपति चुनाव का वर्ष (Presidential Election Year) है. अमेरिका में भारतवंशी (Indians) बड़ी संख्या में हैं. वे अगर ट्रंप (Trump) की तरफ झुक गए, तो उनकी नैया दूसरी बार पार होने में कोई शंका नहीं रहेगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 26, 2020, 12:38 PM IST
  • Share this:
पिछले साल 22 सितंबर को ह्यूस्टन (Houston) में हुए हाउडी मोदी (Howdy Modi) कार्यक्रम में 50 हजार भारतवंशियों के बीच डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने मोदी का जलवा अपने ही देश में देखा था और अब करीब पांच महीने बाद मोटेरा स्टेडियम (Motera Stadium) में हुए नमस्ते ट्रंप (Namaste Trump) कार्यक्रम में सवा लाख भारतीय नागरिकों के बीच ट्रंप ने मोदी की तारीफों की झड़ी लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ी, तो एक बड़ी वजह तो साफ समझ में आती है.

ट्रंप के लिए यह राष्ट्रपति चुनाव का वर्ष (Presidential Election Year) है. अमेरिका में भारतवंशी बड़ी संख्या में हैं. वे अगर ट्रंप की तरफ झुक गए, तो उनकी नैया दूसरी बार पार होने में कोई शंका नहीं रहेगी. ऐसा हुआ तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) अप्रत्यक्ष रूप से ही सही, डोनाल्ड ट्रंप के लिए स्टार प्रचारक ही साबित होंगे और ऐसा करिश्मा कर सकने वाले वे पहले भारतीय नेता होंगे. मोटेरा के भव्य नमस्ते ट्रंप (Namaste Trump) कार्यक्रम के बाद यह सोचना भी अजीब लगता है कि एक समय था, जब अमेरिका ने मोदी को वीजा देने तक से इनकार कर दिया था. नमस्ते ट्रंप कार्यक्रम इस बात का सबसे बड़ा गवाह कि वक्त सही को सही साबित करने में वक्त भले लगाता हो, लेकिन वह ऐसा करके जरूर रहता है.

अमेरिका में रह रहे भारतवंशी अमेरिकियों से बड़ी उम्मीद लगाए हैं ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप ने एक बात और कही, जिसका बड़ा महीन मतलब निकाला जा सकता है. उन्होंने कहा कि मोदी के नेतृत्व में भारत बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रहा है. मोदी बचपन में चाय बेचते थे, आज वे सफल नेता हैं. करोड़ों लोगों ने उन्हें पिछले साल दोबारा सत्ता में लौटाया. कहीं ऐसा तो नहीं कि उनके इस कथन में ही उनकी भारत यात्रा की कुंजी छिपी है. ट्रंप भी मोदी की तरह भारी बहुमत से दूसरी बार अमेरिका के राष्ट्रपति बनने की चाहत रखते ही होंगे. स्वाभाविक है कि वे अमेरिका में रह रहे भारतवंशी अमेरिकियों (Indian Americans) से बड़ी उम्मीद लगाए हुए हैं. ग्लोबलाइजेशन के मौजूदा दौर में यह राजनीतिक सोच का ग्लोबलीकरण ही कहा जा सकता है.



अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सवा लाख लोगों के बीच भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर प्रशंसा की, तो यह सीएए और कई दूसरे बेमतलब के मोर्चे खोलकर खड़े भारतीय विपक्ष को रास नहीं आया होगा. मोटेरा स्टेडियम में ट्रंप के भाषण में मोदी के बचपन में चाय बेचने वाले बयान से कांग्रेस के वे नेता तो बुरी तरह खिसिया गए होंगे, जिन्होंने मोदी के चाय बेचने का विमर्श मीडिया में खड़ा किया था. यह बिल्कुल वैसा ही है कि आप किसी को कंकड़-पत्थर मारते रहें और वह उन्हें सहेज कर कोई अनमोल कलाकृति गढ़ ले. दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश का मुखिया अगर इस बात का मुरीद हो जाए कि जो बच्चा बचपन में चाय बेचता हो, वह बड़ा होकर भारत का सफल प्रधानमंत्री बनता है, तो यह कम्प्लीमेंट वंशवाद में ही यकीन रखने वाले कांग्रेस (Congress) के उन नेताओं के लिए आइना दिखाने जैसा है, जो चाय बेचने के काम को निकृष्ट काम मानते हैं.

ट्रंप की बॉडी लैंग्वेज ने साफ कर दिया कि उन्हें भारत आकर बहुत प्रसन्नता हुई
उन्होंने यह भी कहा कि वह इस अभूतपूर्व स्वागत को हमेशा याद रखेंगे. कोई भी व्यक्ति अपने स्वागत के किसी भी उद्यम से खुश ही होता है. लेकिन जब स्वागत के लिए पूरा शहर ही उमड़ पड़े और स्वागत करने वाला दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र (Biggest Democracy of the World) का शक्तिशाली प्रधानमंत्री हो, तो बात कुछ और ही होती है. ट्रंप की बॉडी लेंग्वेज ने साफ कर दिया कि उन्हें भारत आकर बहुत प्रसन्नता हुई है. अगर वे अपने इस स्वागत को हमेशा के लिए याद रखेगे, तो एक तरह से भारत को ही हमेशा के लिए याद रखेंगे.

जिस तरह से ट्रंप ने मोदी सरकार की उपलब्धियों का बखान किया, उससे लगा कि वाकई भारत के हितैषी के रूप में बोल रहे हैं. वक्ती तौर पर कुछ पाने के लिए मोदी की तारीफ कर रहे हैं, ऐसा नहीं है. आतंकवाद पर भी उन्होंने मोदी सरकार के ही रुख पर मुहर लगाई. उन्होंने बाकायदा पाकिस्तान का नाम लेकर कहा कि उसे अपनी जमीन पर आतंकवाद का पोषण खत्म करना होगा. जब ट्रंप पाकिस्तान पर बरस रहे थे, तब दुनिया के सबसे बड़े मोटेरा स्टेडियम (Motera Stadium) में बैठे सवा लाख लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका समर्थन किया. जाहिर है कि पिछले दिनों लीक से हटकर दो-तीन बार उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर मसले पर मध्यस्थता का सुझाव देकर जो कूटनीतिक गलती की थी, उसकी याद उन्हें थी और यही वजह है कि मोटेरा में उन्होंने आतंकवाद के मसले पर पाकिस्तान को खुलेआम आड़े हाथों लिया. ट्रंप ने साफ-साफ कहा कि भारत की तरह अमेरिका भी आतंकवाद का शिकार रहा है और हम कट्टर इस्लामिक आतंकवाद से निपटने के लिए भी साथ हैं.

पाकिस्तान से बात का जिक्र कर पाकिस्तान के जख्म पर लगाया मरहम
उन्होंने कहा कि हमारे नागरिकों की सुरक्षा पर खतरा बनने वालों को बड़ी कीमत चुकानी होगी. लेकिन यह कह कर उन्होंने पाकिस्तान के जख्म पर थोड़ा मरहम भी लगा दिया कि ट्रंप प्रशासन पाकिस्तान के साथ बात कर रहा है. हमारे पाकिस्तान (Pakistan) से अच्छे संबंध हैं. हमें लग रहा है कि पाकिस्तान कुछ कदम उठा रहा है. यह पूरे दक्षिण एशिया के लिए जरूरी है. व्यापार के क्षेत्र में उन्होंने अमेरिका को भारत का बड़ा सहयोगी बताया. उन्होंने कहा कि तीन अरब डॉलर का रक्षा करार होने की कगार पर है. अमेरिका को भारत का सबसे बड़ा डिफेंस पार्टनर होना चाहिए.

इससे पहले उनका स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने भी अमेरिका को भारत का सच्चा हितैषी करार दिया. उन्होंने कहा कि प्रेसिडेंट ट्रंप की ये यात्रा, भारत और अमेरिका के संबंधों का नया अध्याय है. एक ऐसा अध्याय जो अमेरिका और भारत के लोगों की तरक्की और खुशहाली का नया दस्तावेज बनेगी. जाहिर है कि अहमदाबाद के मोटेरा स्टेडियम में हुआ यह मेगा शो भारत और अमेरिका के लिए ही महत्वपूर्ण नहीं है, पूरी दुनिया की इस सकारात्मक जमावड़े पर नजर रही होगी. खास तौर पर पाकिस्तान, रूस, चीन और जापान की. ट्रंप ने भारत दौरे में जिस तरह आतंकवाद की भर्त्सना कर बाकायदा नाम लेकर पाकिस्तान को कूटनैतिक ठेंगा दिखाया है, उससे वह बेहद निराश जरूर हुआ होगा.

यह भी पढ़ें: ट्रंप के लिए आयोजित डिनर में नहीं जाएंगे पूर्व पीएम मनमोहन और गुलाम नबी आज़ाद

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: February 24, 2020, 8:37 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर