अब्दुल्ला की भारत-पाक को नसीहत, कहा- कुछ ऐसा न करें जिससे बढ़े तनाव

अब्दुल्ला ने कहा कि राज्य के सभी राजनीतिक दलों के नेता अपने कश्मीर के विशेष दर्जे की रक्षा के लिए संघर्ष में एकजुट हैं.

News18Hindi
Updated: August 4, 2019, 11:02 PM IST
अब्दुल्ला की भारत-पाक को नसीहत, कहा- कुछ ऐसा न करें जिससे बढ़े तनाव
अब्दुल्ला ने कहा कि राज्य के सभी राजनीतिक दलों के नेता अपने कश्मीर के विशेष दर्जे की रक्षा के लिए संघर्ष में एकजुट हैं.
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Updated: August 4, 2019, 11:02 PM IST
जम्मू-कश्मीर के मौजूदा हालात पर चर्चा के लिए जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला ने रविवार को अपने आवास पर क्षेत्रीय दल के नेताओं के साथ बैठक की. इस बैठक के बाद उन्होंने कहा घाटी के लोग सुरक्षा बलों की तैनाती से घबराए हुए हैं. उन्होंने कहा कि इससे पहले कभी भी इस तरह के हालात पैदा नहीं हुए हैं.

अमरनाथ यात्रा के रद्द किए जाने के फैसले पर हैरानी जताते हुए फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि इससे पहले कभी भी अमरनाथ यात्रा रद्द नहीं की गई. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा भारत-पाकिस्तान कुछ ऐसा न करें, जिससे दोनों देशों की बीच किसी भी तरह का तनाव बढ़े.

 लोगों से शांति बनाए रखने की अपील
अपने आवास पर बैठक के बाद फारूक अब्दुल्ला ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है. अब्दुल्ला ने कहा कि राज्य के सभी राजनीतिक दलों के नेता अपने कश्मीर के विशेष दर्जे की रक्षा के लिए संघर्ष में एकजुट हैं. फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि हर हाल में जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा हर हाल में बचाए रखना ज़रूरी है. इसके लिए उन्होंने सभी क्षेत्रीय पार्टियों से साथ आने की अपील की है.



अब्दुल्ला ने कहा कि सभी दलों ने एकसुर में फैसला किया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के विशेष दर्जे, उसकी पहचान और स्वायत्तता को बचाने के लिए हम एकजुट रहेंगे फिर चाहे किसी प्रकार के हमले हों या कुछ भी हो.

जम्मू-कश्मीर की विशेष पहचान को सुरक्षित रखने का संकल्प
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उन्होंने कहा कि विभिन्न दलों के प्रतिनिधियों ने मेरे निवास पर मुलाकात कर मौजूदा राजनीतिक स्थिति और सुरक्षा बलों की तैनाती पर चर्चा की. यह अतीत में कभी नहीं हुआ है कि अमरनाथ यात्रा रोक दी गई हो. नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने बैठक में स्वीकार किये गए प्रस्ताव के हवाले से कहा कि पार्टियों ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राजनीतिक दलों के नेताओं से मिलने के लिए प्रतिनिधिमंडल भेजने तथा संविधान के अनुच्छेद 370 और 35 ए को रद्द करने की किसी कोशिश के परिणामों से उन्हें अवगत कराने का फैसला किया है. बैठक के बाद अब्दुल्ला ने कहा हमने जम्मू-कश्मीर की विशेष पहचान को सुरक्षित रखने का संकल्प लिया है.

इस बैठक में पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती, नेकां नेता उमर अब्दुल्ला, ताज मोहीउद्दीन (कांग्रेस), मुजफ्फर बेग (पीडीपी), सज्जाद लोन और इमरान अंसारी (पीपुल्स कांफ्रेंस) , शाह फैसल (जम्मू कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट) और एम वाई तारिगामी (माकपा) भी शामिल हुए.

घाटी में मौजूदा स्थिति पर सर्वदलीय बैठक पहले पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती के निवास पर निर्धारित की गई थी. हालांकि बाद में अब्दुल्ला की तबियत खराब होने की वजह से इस बैठक को अब्दुल्ला के घर पर आयोजित किया गया. इससे पहले इस बैठक को एक होटल में रखा गया था लेकिन एडवाइज़री जारी होने के बाद इसे महबूबा मुफ्ती के आवास पर रखने की बात तय हुई थी.

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First published: August 4, 2019, 9:18 PM IST
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