दूल्हे ने दो सगी बहनों से एक साथ की शादी, पुलिस ने किया गिरफ्तार, कानूनी उलझन में फंसा मामला

7 मई को एक ही मंडप पर शादी हुई

7 मई को एक ही मंडप पर शादी हुई

Karnataka Double Marriage: सोशल मीडिया पर इस शादी को लेकर लोग दो धड़ों में बंटे हैं. कुछ लोग इसे गलत मान रहे हैं. जबकि कुछ लोग इसे एक अच्छा कदम मान रहे हैं.

  • Share this:

(सौम्या कलासा)

बेंगलुरु. इन दिनों सोशल मीडिया (Social Media) पर एक तस्वीर वायरल हो रही है. इसमें एक दूल्हे के साथ दो दुल्हन खड़ी हैं. खास बात ये है कि दोनों दुल्हन सगी बहन हैं. एक ही मंडप में एक ही दूल्हे के साथ इन दोनों की शादी हुई. लेकिन शादी का पूरा मामला कानूनी पचड़े में फंस गया है. दूल्हे को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. लिहाज़ा लड़के और लड़की का पूरा परिवार पुलिस की कार्रवाई से हैरान है. आखिर क्यों इस शादी पर सवाल उठे हैं. क्या एक साथ दो लड़कियों से शादी करना गैरकानूनी है? क्या कहता है कानून और क्या है पूरा मामला आइए सिलसिलेवार तरीके से समझने की कोशिश करते हैं.

ये पूरी घटना कर्नाटक के कोलार ज़िले की है. 30 साल के उमापति, ललिता से शादी करना चाहते थे. लड़की रिश्ते में उमापति की भांजी थी. ललिता शादी के लिए मान गई. लेकिन उन्होंने लड़के के सामने एक शर्त रख दी. शर्त ये कि उन्हें उनकी बड़ी बहन सुप्रिया से भी शादी करनी होगी. सुप्रिया बोलने और सुनने में अक्षम थी. ललिता के इस प्रस्ताव पर उमापति राज़ी हो गया. फिर क्या था. शादी की तैयारियां शुरू हो गईं. 7 मई को एक ही मंडप में शादी हुई. इसके बाद शादी की तस्वीरें और वायरल हो गईं.

पुलिस ने किया गिरफ्तार
वायरल तस्वीरें परिवार वालों के लिए गले की हड्डी बन गईं. दूल्हे को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. तालुक बाल कल्याण विभाग के अधिकारियों ने पाया कि छोटी बहन ललिता नाबालिग है. उसकी उम्र सिर्फ 17 साल है. साथ ही पुलिस ने ये कहा कि परिवारवालों ने कोरोना के नियमों का पालन नहीं किया और बिना इजाजत के ही शादी कर ली. लिहाजा दोनों के परिवार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया. और फिर दूल्हे उमापति को गिरफ्तार कर लिया गया.

क्या कहता है कानून?

कानून के अनुसार ये शादी ही अवैध है. वरिष्ठ अधिवक्ता के वी धनंजय कहते हैं कि दो शादी करना अपराध है. इस मामले में आरोपी उमापति ने एक ही बार में दोनों महिलाओं से शादी कर ली है. इसलिए हिंदू विवाह अधिनियम के अनुसार, दोनों महिलाओं के साथ विवाह अमान्य है. दोषी साबित होने पर, आरोपी को बाल विवाह निरोधक अधिनियम 1979 के तहत 3 महीने की जेल की सजा हो सकती है. इतना ही नहीं भारतीय दंड संहिता के तहत दोषी साबित होने पर आरोपी को आजीवन कारावास की सजा दिए जाने की भी संभावना है, यदि उसके साथ कोई यौन संबंध हैं. नाबालिग लड़की के रूप में इसे बलात्कार माना जाएगा.



ये भी पढ़ें:- पंजाब के लिए क्यों खास है मलेरकोटला, जिसे अलग जिला बनाने पर छिड़ा सियासी विवाद

सोशल मीडिया पर क्या है चर्चा

सोशल मीडिया पर इस शादी को लेकर लोग दो धड़ों में बंटे हैं. कुछ लोग इसे गलत मान रहे हैं. जबकि कुछ लोग इसे एक अच्छा कदम मान रहे हैं. लोगों का कहना है कि उमापति ने दिव्यांग महिला से शादी करके अच्छा काम किया है. फिलहाल उमापति जेल में है. जबकि उसके माता-पिता, ससुराल वाले, शादी की रस्में निभाने वाले पुजारी, शादी का कार्ड छापने वाला प्रिंटर सभी फरार हैं और पुलिस ने उन्हें खोजने के लिए एक टीम बनाई है.

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज