दोगुनी समस्या: सर्दियों में हवा की गुणवत्ता में गिरावट से दिल्ली में बढ़ सकते हैं COVID-19 के मामले

दिल्ली सरकार ने सोमवार को एक उच्च स्तरीय बैठक की ताकि प्रदूषण को लेकर आगे के रास्ते पर चर्चा की जा सके (सांकेतिक फोटो, PTI)
दिल्ली सरकार ने सोमवार को एक उच्च स्तरीय बैठक की ताकि प्रदूषण को लेकर आगे के रास्ते पर चर्चा की जा सके (सांकेतिक फोटो, PTI)

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (Central Pollution Control Board) के अनुसार, शहर का 24 घंटे का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) एक सप्ताह से अधिक से 'मध्यम' रेंज (Medium Range) में है और 180 के आंकड़े को छू रहा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 5, 2020, 8:52 PM IST
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स्नेहा मोर्दानी

नई दिल्ली. देश की राजधानी नई दिल्ली (New Delhi) में सर्दियां आने का मतलब है कि इस मौसम में दोहरी परेशानी हो सकती है. वर्षों से राष्ट्रीय राजधानी की वायु गुणवत्ता (Air Quality) इस हद तक गिर जाती है कि बुजुर्गों, बच्चों और गर्भवती महिलाओं (Pregnant Women) को घर में रहने की सलाह दी जाती है, प्रदूषणकारी उद्योग (polluting industry) काम करना बंद कर देते हैं और वाहन सड़कों से ऑड-ईवन फॉर्मूले (Odd-Even formula) के चलते सड़कों से दूर हो जाते हैं.

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (Central Pollution Control Board) के अनुसार, शहर का 24 घंटे का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) एक सप्ताह से अधिक से 'मध्यम' रेंज में है और 180 के आंकड़े को छू रहा है. केंद्र सरकार स्थिति की निगरानी कर रही है, जबकि दिल्ली सरकार (Delhi Government) ने सोमवार को एक उच्च स्तरीय बैठक (high-level meeting) की ताकि आगे के रास्ते पर चर्चा की जा सके.



"राज्यों को बताया गया है कि COVID-19 के कारण, फेफड़े प्रभावित होंगे"
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने प्रकाश जावड़ेकर ने गुरुवार को राजस्थान, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ समीक्षा बैठक की. जिसके बाद उन्होंने कहा, "राज्यों को बताया गया है कि COVID-19 के कारण, फेफड़े प्रभावित होंगे. प्रदूषण से संक्रमण की गंभीरता बढ़ेगी, किसानों को समझाया जाना चाहिए कि अगर पराली जल रही है, तो उनके परिवार सबसे पहले प्रभावित होंगे."

यह बैठक पंजाब में पराली जलाने की हमेशा बनी रहने वाली समस्या की समीक्षा के लिए आयोजित की गई थी, जिसके बारे में दिल्ली सरकार का कहना है कि यह राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण का मुख्य स्रोत है.

घातक हवा केवल महामारी संकट को और खराब करेगी
हालांकि इसके कई कारण जैसे प्रदूषणकारी उद्योग या वाहन हो सकते हैं, लेकिन परिणाम एक जैसे रहे हैं. लेकिन घातक हवा केवल महामारी संकट को और खराब करेगी.

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दिल्ली के महाराजा अग्रसेन अस्पताल के वरिष्ठ चेस्ट स्पेशलिस्ट डॉ भरत गोपाल ने कहा कि वायु प्रदूषण वायरस और बैक्टीरिया से संक्रमित होने का खतरा पैदा करता है. वे कहते हैं, “और SARS CoV 2 जो वायरस है, जो COVID-19 का कारण बनता है वह अलग नहीं है. अध्ययनों से सामने आया है कि खराब वायु गुणवत्ता लोगों को कोरोना वायरस होने का खतरा बढ़ा सकती है और बिगड़ते प्रदूषण से मृत्यु की संभावना बढ़ जाएगी."
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