• Home
  • »
  • News
  • »
  • nation
  • »
  • नगालैंड मुद्दे पर आईएम के साथ सीएम की चर्चा पर संदेह और अविश्‍वास : भूपेन बोरा

नगालैंड मुद्दे पर आईएम के साथ सीएम की चर्चा पर संदेह और अविश्‍वास : भूपेन बोरा

असम प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष भूपेन बोरा.   (File Pic)

असम प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष भूपेन बोरा. (File Pic)

असम प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष भूपेन बोरा (Bhupen Bora) ने मंगलवार को कहा कि नगालैंड (Nagaland) के मुद्दे पर एनएससीएन (आईएम) के साथ मुख्यमंत्री (Assam CM) हिमंत बिस्व सरमा (himanta biswa sarma) की बातचीत को उनकी पार्टी 'संदेह और अविश्वास' की दृष्टि से देखती है और कांग्रेस को डर है कि लंबे समय के लिए असम के हितों के साथ समझौता किया जा सकता है.

  • Share this:

    गुवाहाटी . असम प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष भूपेन बोरा  (Bhupen Bora) ने मंगलवार को कहा कि नगालैंड (Nagaland) के मुद्दे पर एनएससीएन (आईएम) के साथ मुख्यमंत्री (Assam CM) हिमंत बिस्व सरमा (himanta biswa sarma)  की बातचीत को उनकी पार्टी ‘संदेह और अविश्वास’ की दृष्टि से देखती है और कांग्रेस को डर है कि लंबे समय के लिए असम के हितों के साथ समझौता किया जा सकता है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से असम के मुख्यमंत्री को एनएससीएन (आईएम) के साथ वार्ता करने के लिए नियुक्त किया है.

    बोरा ने कहा, ‘सवाल यह उठता है कि वह एनएससीएन (आईएम) के साथ किस हैसियत से बात करेंगे… मुख्यमंत्री के तौर पर क्या वह बिना विधानसभा और मंत्रिमंडल को विश्वास में लिए बातचीत कर सकते हैं? एनएससीएन (आईएम) को ‘ग्रेटर नगालिम’ के समर्थक के रूप में जाना जाता है और जहां तक हमें पता है इसमें असम के हिस्से भी शामिल हैं.’ बोरा ने कहा कि ऐसी खबरें भी हैं कि नगालैंड और मणिपुर के मुख्यमंत्रियों को भी सरमा के साथ एनएससीएन (आईएम) से बातचीत में हिस्सा लेने को कहा गया है.

    ये भी पढ़ें :  शरद पवार को लेकर शिवसेना नेता के बयान पर गरमाई सियासत, भाजपा को मिला उद्धव सरकार को घेरने का मौका

    ये भी पढ़ें : बंगाल: BJP प्रत्याशी प्रियंका का आरोप, पुलिस ने उपचुनाव में प्रचार से रोका

    उन्होंने कहा कि कांग्रेस असम के किसी भी क्षेत्र को स्थानांतरित करने के विरोध में है. बोरा ने कहा, ‘क्या असम के लोग, असम के हितों की रक्षा के लिए सरमा पर विश्वास कर सकते हैं जबकि वह हाल में मिजोरम-असम सीमा मुद्दे में मामले में नाकामयाब रहे थे… क्या एनएससीएन (आईएम) के साथ बातचीत में असम के हितों की रक्षा के लिए उन पर विश्वास किया जा सकता है जबकि वह भाजपा आलाकमान के इशारों पर काम कर रहे हैं.’ उन्होंने कहा कि उन्हें बताया गया है कि मणिपुर के मुख्यमंत्री ने ‘ग्रेटर नगालिम’ के मुद्दे पर मतभेद के चलते बातचीत में भाग नहीं लेने का निर्णय लिया है.

    बता दें कि भूपेन बोरा अपने कॉलेज टाइम से राजनीति में सक्रिय रहे हैं. उन्होंने 1989 में उत्तर लखीमपुर कॉलेज छात्र संघ के उपाध्यक्ष तौर कार्य किया और इसके बाद वे डिब्रूगढ़ विश्वविद्यालय पहुंचने के बाद भी राजनीति में आगे रहे. यहां वे छात्र संघ के महासचिव के पद पर पहुंचे. भूपेन ने राजनीति विज्ञान में पोस्टग्रेजुएट किया और यहीं से वे नेशनल लेवेल की राजनीति में सक्रिय हुए.

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

    हमें FacebookTwitter, Instagram और Telegram पर फॉलो करें.

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज