प. बंगाल के PWD मंत्री ने माना माजेरहाट पुल विभाग की लापरवाही से गिरा

मंत्री ने कहा- विभाग में कई जयचंद हैं, जरुरत पड़ने पर सीबीआई से करा सकते हैं जांच, 5 सितंबर को गिरा था पुल

News18Hindi
Updated: September 12, 2018, 4:28 PM IST
प. बंगाल के PWD मंत्री ने माना माजेरहाट पुल विभाग की लापरवाही से गिरा
मुख्यमंत्री और प्रमुख सचिव कार्यालय से जारी पत्र
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Updated: September 12, 2018, 4:28 PM IST
अनन्या चक्रवर्ती

पश्चिम बंगाल के पीडब्ल्यूडी मंत्री अरूप विश्वास ने संकेत दिए हैं कि माजेरहाट पुल जानबूझ कर बरती गई लापरवाही से गिरा है. उन्होंने इसके लिए उन इंजीनियरों को दोषी बताया, जिन्होंने पुल के बारे में समय पर रिपोर्ट नहीं फाइल की.

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मंगलवार को पीडब्ल्यूडी अधिकारियों की बैठक में विभाग के मंत्री ने ये बातें कहीं. विश्वास ने कहा कि इंजीनियर समय पर रिपोर्ट नहीं फाइल कर रहे हैं. उन्होंने ये भी कहा कि कुछ विस्तार से रिपोर्ट नहीं फाइल कर रहे हैं या फिर कुछ बिना सर्वे कराए रिपोर्ट फाइल कर रहे हैं. बैठक में मंत्री का कहना था-“विभाग में कई मीर जाफर हैं.” उन्होंने कहा कि अधिकारियों को वित्त विभाग के साथ मिल कर काम करना होगा और टेंडर पास कराने होंगे. जरूरत पड़ने पर उन्होंने सीबीआई से जांच कराने की बात भी कही.

उन्होंने कहा कि जो दोषी पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी. राज्य सचिवालय के मुताबिक मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कार्यालय से निर्देश दिए जारी करके कहा गया है कि राज्य के सभी पुलों और फ्लाइओवर की हालत की तेजी से जांच कराई जाए.

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प्रमुख सचिव ने इस आशय का पत्र सभी जोनल इंजीनियरों और चीफ इंजीनियरों के कार्यालयों को भेज दिया है. इसके बाद कुछ महत्वपूर्ण पुलों की जांच और रखरखाव का काम भी शुरू कर दिया गया है. विभाग को कहा गया है कि 15 दिन के भीतर मुख्यमंत्री कार्यालय को एक रिपोर्ट पेश की जाए.
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वैसे माजेरहाट पुल के बारे में वहां के लोगों समेत ट्रैफिक पुलिस ने कई बार शिकायत की थी लेकिन उसके रखरखाव का काम नहीं किया गया. इसकी बजाय विभाग ने जहां तहां पैच लगा कर अपना काम खत्म कर लिया. इस बारे में काफी चिट्ठियां भी लिखी गईं थी, लेकिन बेनतीजा रही.

ये भी बताया जा रहा है कि इस पुल के बारे में रिपोर्ट तैयार करने और टेंडर पास कराने के बाद भी रखरखाव का काम नहीं किया गया. इससे भी लोक निर्माण विभाग की लापरवाही उजागर होती है.

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