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कोरोना: पंजाब सरकार 1 मार्च से लागू करेगी नई पाबंदियां, किसान आंदोलन का क्या होगा?

नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन जारी है. (तस्वीर PTI)
नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन जारी है. (तस्वीर PTI)

मंगलवार को राज्य की कैप्टन अमरिंदर सरकार (Captain Amarinder Government) ने कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के मद्देनजर भीड़ जुटान पर प्रतिबंध लगा दिया है. साथ ही आगामी एक मार्च से राज्य में रात्रि कर्फ्यू भी लागू होगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 24, 2021, 8:10 AM IST
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 चंडीगढ़. नए कृषि कानूनों (New Farm Laws) के खिलाफ चल रहे आंदोलन को लेकर सरकार की तरफ से कहा जाता रहा है कि विरोध केवल एक राज्य तक ही सीमित है. इशारा पंजाब की तरफ होता है. लेकिन अब राज्य की कांग्रेसी सरकार द्वारा लगाए नए प्रतिबंधों की वजह से पंजाब में किसान आंदोलन का भविष्य संशय में लग रहा है. दरअसल मंगलवार को राज्य की कैप्टन अमरिंदर सरकार (Captain Amarinder Government) ने कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के मद्देनजर भीड़ जुटान पर प्रतिबंध लगा दिया है. साथ ही आगामी एक मार्च से राज्य में रात्रि कर्फ्यू भी लागू होगा.

बीते सप्ताह पंजाब में दिल्ली-लुधियाना-अमृतसर रेलवे रूट पर किसानों ने कई जगह रेल रोको आंदोलन किया था. इसके बाद सुरक्षा व्यवस्था और चाक-चौबंद कर दी गई. अब एक सरकारी स्टेटमेंट में बताया गया है कि घरेलू आयोजन में अधिकतम 100 और सार्वजनिक जगहों पर 200 लोग इकट्ठा हो सकते हैं. मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर ने कोरोना के बढ़ते मामलों के मद्देनजर फेस मास्क के इस्तेमाल और सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों के पालन की सख्त हिदायत दी है.

कई महीने से जारी है किसान आंदोलन, सरकार से कई राउंड की बातचीत रही है बेनतीजा
बीते करीब तीन महीने से दिल्ली के सिंघु बार्डर सहित अन्य सीमाओं पर पंजाब, हरियाणा और पश्चिम यूपी के किसान डेरा जमाए बैठे हुए हैं. केंद्र सरकार और किसान नेताओं के बीच 11 राउंड की बैठक के बाद भी कोई नतीजा सामने नहीं आया है. केंद्र सरकार की तरफ से अंतिम ऑफर यह दिया गया था कि कानूनों को डेढ़ साल के लिए टाला जा सकता है. लेकिन किसान नेता नहीं माने और कानून वापसी की मांग पर अड़े रहे.
पीएम मोदी कह चुके- बातचीत के लिए दरवाजे हमेशा खुले


संसद के बजट सत्र के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी साफ किया कि न्यूनतम समर्थन मूल्य की व्यवस्था चालू रहेगी. उन्होंने कहा बातचीत के दरवाजे हमेशा खुले हुए हैं लेकिन किसान नेताओं की तरफ कानून वापसी की मांग अडिग है. माना जा रहा था कि पंजाब में किसान आंदोलन अभी और लंबा खिंचेगा लेकिन अब राज्य सरकार ने कोरोना के बढ़ते मामलों के मद्देनजर नए प्रतिबंध लगा दिए हैं. अब चिंता जाहिर की जा रही है कि इस निर्णय के बाद आंदोलन कमजोर पड़ सकता है.
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