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पश्चिम बंगाल: अध्यक्ष पद से हटाए गए दिलीप घोष ने माना चुनाव में गलतियां हुईं, कहा- बीजेपी रणनीति बदलेगी

दिलीप घोष को भारतीय जनता पार्टी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है. (फाइल फोटो: PTI)

दिलीप घोष को भारतीय जनता पार्टी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है. (फाइल फोटो: PTI)

West Bengal Politics: पार्टी नेतृत्व में हुए बदलाव के बाद से राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं. पार्टी के अंदरूनी लोगों का कहना है कि यह बदलाव साफ था और घोष से आलाकमान की तरफ से पूछा गया था कि इस जगह पर कौन बैठेगा, तो उन्होंने मजूमदार को चुना.

  • News18Hindi
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    (कमालिका सेनगुप्ता)

    कोलकाता. सियासी गलियारों में हो रहे लगातार नेतृत्व परिवर्तनों के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पश्चिम बंगाल में भी एक बदलाव किया. यहां पार्टी ने प्रदेश प्रमुख की जिम्मेदारी संभाल रहे सांसद दिलीप घोष (Dilip Ghosh) को राष्ट्रीय स्तर की जिम्मेदारी दी है और बंगाल भाजपा की कमान सुकांतो मजूमदार (Sukanto Majumder) के हाथों में दे दी है. सोमवार रात हुए इस बदलाव के बाद घोष पर भी सवालों की बौछार हो रही है. मीडिया लगातार उनसे जानकारियां हासिल करने की कोशिश कर रहा है.

    पत्रकारों ने जब घोष से देरी से आने पर सवाल किया, तो उन्होंने कहा, ‘बहुत बारिश हो रही है, इसलिए मुझे देरी हुई. यह मेरी निजी जिंदगी है.’ पद से हटाए जाने को लेकर उन्होंने कहा, ‘एक सांसद के तौर पर, मैं पार्टी के लिए एक सामान्य कार्यकर्ता के रूप में काम करूंगा. जिन लोगों ने मुझे उपाध्यक्ष बनाया है, वे तय करेंगे कि मेरी जिम्मेदारियां क्या होंगी. अब तक मैं अध्यक्ष था और मैंने पूरा बंगाल घूमा है.’

    पार्टी स्तर पर हुई उठा पटक के बाद मजूमदार ने कहा था कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में कुछ गलतियां हुई, जिनके चलते पार्टी हारी. घोष ने भी यह बात दोहराई और कहा, ‘चुनाव के दौरान कुछ गलतियां हुईं, हम उनका विश्लेषण कर रहे हैं. यह पहली बार था जब हम बंगाल जीतने के लिए लड़ रहे थे, हम पूरी तरह सफल नहीं हुए. हम अगली जंग से पहले अपनी रणनीति बदलेंगे.’

    पार्टी नेतृत्व में हुए बदलाव के बाद से राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं. पार्टी के अंदरूनी लोगों का कहना है कि यह बदलाव साफ था और घोष से आलाकमान की तरफ से पूछा गया था कि इस जगह पर कौन बैठेगा, तो उन्होंने मजूमदार को चुना. अब कयास ये भी लगाए जा रहे हैं कि घोष लोगों को पार्टी में नहीं रख पा रहे थे, क्या इसके चलते बदलाव हुए हैं. हाल ही में बाबुल सुप्रियो समेत कई लोग भाजपा को अलविदा कह चुके हैं.

    हालांकि, इस बात को भी नहीं नकारा जा सकता कि घोष ही थे, जिन्होंने 2019 लोकसभा चुनाव में पार्टी की सफलता की तैयारी की थी. लेकिन ऐसे भी कई मौके आए, जहां उनके बयानों के चलते पार्टी को शर्मिंदा होना पड़ा. बंगाल भाजपा के नए प्रमुख मजूमदार उत्तर बंगाल से आते हैं और बीजेपी ने वहां अच्छा प्रदर्शन किया है. यह भी कारण रहा, जिसके चलते पार्टी ने उन्हें इस भूमिका के लिए चुना.

    पार्टी के लोग कहते हैं कि अब शुभेंदु अधिकारी भी उस क्षेत्र में ज्यादा ताकत हासिल करेंगे. क्योंकि वे आक्रामक हैं और मजूमदार नरम हैं. बीजेपी अगले चुनाव के लिए इस जोड़ी पर भरोसा कर रही है. इधर, सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के सौगत रॉय ने घोष पर निशाना साधा और कहा था कि उन्हें खुद ही इस्तीफा दे देना चाहिए था. इसके जवाब में बीजेपी के पूर्व प्रदेश प्रमुख ने कहा वे ‘सौगत की तरह चमचागिरी’ नहीं करते. भवानीपुर उप चुनाव से पहले भी बीजेपी में हुए इस बदलाव को अहम माना जा रहा है. अब यह देखा जाना बाकी है कि पार्टी को उप चुनाव में इस फैसले का फायदा मिलता है या नहीं.

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