देश में कोरोना वायरस महामारी के दौरान ICMR का चेहरा रहे डॉ गंगाखेड़कर हुए रिटायर

देश में कोरोना वायरस महामारी के दौरान ICMR का चेहरा रहे डॉ गंगाखेड़कर हुए रिटायर
डॉ रमन आर गंगाखेड़कर की फाइल फोटो, (फोटो- ANI)

अधिकारियों ने बताया, डॉ गंगाखेड़कर अब इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) में प्रतिष्ठित डॉ सीजी पंडित नेशनल चेयर (Dr CG Pandit National Chair) ज्वाइन करेंगे और पुणे (Pune) की रिसर्च संस्था की मदद करेंगे.

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नई दिल्ली. डॉ रमन आर गंगाखेड़कर (Dr Raman R Gangakhedkar), जो कि देश में कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus Pandemic) के दौर में स्वास्थ्य मंत्रालय (Health Ministry) की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रिसर्च संस्था ICMR का चेहरा बन गये थे. वे इस सर्वोच्च रिसर्च संस्था के महामारी विज्ञान और संचारी रोगों (epidemiology and communicable diseases) के प्रमुख (head) के पद से मंगलवार को रिटायर हो गये. अधिकारियों ने बताया, डॉ गंगाखेड़कर अब इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च में प्रतिष्ठित डॉ सीजी पंडित नेशनल चेयर (Dr CG Pandit National Chair) ज्वाइन करेंगे और पुणे (Pune) की रिसर्च संस्था की मदद करेंगे.

डॉ गंगाखेडकर राष्ट्रीय प्रेस ब्रीफिंग में ICMR का प्रतिनिधित्व करते थे और पत्रकारों को भारत में COVID-19 से संबंधित अनुसंधान विकास (research developments) की नई जानकारियों से अपडेट कराते थे. साथ ही वे जटिल वैज्ञानिक डेटा (complex scientific data) को सरल कर पेश करते थे ताकि आम जनता को उसे समझने में आसानी हो.

एड्स पर शोध में रही है प्रमुख भूमिका, रह चुके हैं NARI के निदेशक-प्रभारी
डॉ गंगाखेडकर के रिटायर होने पर ICMR के महानिदेशक डॉ बलराम भार्गव ने कहा, "वह एक उत्कृष्ट दार्शनिक, विचारक, शोधकर्ता, वैज्ञानिक और एक महान इंसान हैं." उन्होंने एचआईवी / एड्स पर शोध में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और राष्ट्रीय नीतियों और रोगी सशक्तिकरण को विकसित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया.



दिल्ली स्थित ICMR मुख्यालय में आने से पहले डॉ गंगाखेड़कर, राष्ट्रीय एड्स अनुसंधान संस्थान (NARI), पुणे के निदेशक-प्रभारी थे.



ICMR से जुड़ने के बाद केरल के निपाह और कोविड-19 के लिए नीतियां बनान में रहे सक्रिय
आईसीएमआर (ICMR) के साथ अपने लगभग चार साल के कार्यकाल के दौरान, वह 2018 में केरल में निपाह वायरस (Nipah Virus) के प्रकोप से निपटने में और हाल ही में COVID-19 महामारी के लिए नीतियों के निर्माण में मुख्य सहायक रहे थे.

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डॉ रमन आर गंगाखेड़कर (Dr Raman R Gangakhedkar) को उनकी सेवा और एचआईवी / एड्स (HIV/AIDS) पर उनके शोध के लिए 2020 में पद्म श्री (Padma Shri) से सम्मानित किया गया था.
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