Corona Vaccine: भारत में जल्द शुरू होगा Sputnik V के दूसरे व तीसरे चरण का ट्रायल, डॉ. रेड्डी को मिली मंजूरी

रूस प्रारंभिक परीक्षण के बाद दूसरी कोरोनावायरस वैक्सीन को मंजूरी दे दी है (सांकेतिक तस्वीर)
रूस प्रारंभिक परीक्षण के बाद दूसरी कोरोनावायरस वैक्सीन को मंजूरी दे दी है (सांकेतिक तस्वीर)

Russia Sputnik V Coronavirus Vaccine: रूस ने स्पूतनिक लांच करने के साथ दुनिया में सबसे पहले कोरोना वैक्सीन बना लेने का दावा किया था. रूस के इस दावे के बाद हैदराबाद स्थित फार्मास्युटिकल फर्म ने 13 अक्टूबर को ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) को दोबारा आवेदन दिया था और देश में रूसी कोरोना वैक्सीन Sputnik V के दूसरे और तीसरे फेज के मानव परीक्षण एक साथ कराने की मंजूरी देने की मांग की थी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 17, 2020, 11:24 PM IST
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नई दिल्ली. कोरोना वैक्सीन (Corona Vaccine) को लेकर एक अच्छी खबर है. भारत में रूसी कोरोना वैक्सीन स्पूतनिक-V (Russia Sputnik V Coronavirus Vaccine) के दूसरे व तीसरे चरण का क्लिनिकल ट्रायल जल्द शुरू हो सकता है. शनिवार को इसके लिए ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने भारतीय दवा निर्माता डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज (DRL) को मंजूरी दे दी है. हालांकि ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया की तरफ से पहले प्रस्ताव पर इनकार कर दिया गया था, उन्होंने पूछा था कि आखिर कैसे भारत की बड़ी आबादी पर इसका टेस्ट किया जाए. अब मंजूरी मिलने के बाद जल्द ही इसका ट्रायल शुरू होगा.

डॉक्टर रेड्डी और रशियन डायरेक्ट इनवेस्टमेंट फंड (आरडीआईएफ) की ओर से जारी किए गए संयुक्त बयान में कहा गया है कि यह एक बहु केन्द्र और यादृच्छित नियंत्रित अध्ययन होगा, जिसमें सुरक्षा और प्रतिरक्षाजनकता का अध्ययन किया जाएगा.

रूस ने किया कोरोना वैक्सीन बनाने का दावा
जानकारी के लिए बता दें कि रूस ने स्पूतनिक लांच करने के साथ दुनिया में सबसे पहले कोरोना वैक्सीन बना लेने का दावा किया था. रूस के इस दावे के बाद हैदराबाद स्थित फार्मास्युटिकल फर्म ने 13 अक्टूबर को ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) को दोबारा आवेदन दिया था और देश में रूसी कोरोना वैक्सीन स्पुतनिक-वी के दूसरे और तीसरे फेज के मानव परीक्षण एक साथ कराने की मंजूरी देने की मांग की थी.
कारगर वैक्सीन लाने के लिए प्रतिबद्ध


डॉ. रेड्डी लेबोरेटरीज के मैनेजिंग डायरेक्टर और को-चेयरमेन जीवी प्रसाद ने कहा, हम पूरी प्रक्रिया में DCGI की वैज्ञानिक कड़ाई और मार्गदर्शन को स्वीकार करते हैं. यह बड़ी बात है कि जिसमें हमें भारत में क्लिनिकल ट्रायल को शुरू करने की मंजूरी मिली है और महामारी का सामना करने के लिए हम सुरक्षित और कारगर वैक्सीन लाने को लेकर प्रतिबद्ध है. वहीं, रूसी डायरेक्ट इनवेस्टमेंट फंड के सीईओ, किरिल दिमित्रिक ने कहा, हम भारतीय नियामकों के साथ सहयोग करके प्रसन्न हैं और भारतीय नैदानिक परीक्षण डेटा के अलावा, हम रूसी चरण 3 नैदानिक परीक्षण से सुरक्षा और प्रतिरक्षात्मकता अध्ययन प्रदान करेंगे.

सितंबर में डॉ. रेड्डीस लैब और रूस के आरडीआईएफ ने भारत में स्पूतनिक फाइव के ट्रायल को लेकर पार्टनरशिप की थी. लेकिन डीसीडीआई ने इसके लिए मंजूरी नहीं दी थी. बता दें कि दोनों देशों के बीच हुए समझौते के तहत भारत को वैक्सीन एक करोड़ डोज मिलेंगे.
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