DRDO ने बनाया सप्लीमेंटल ऑक्सीजन डिलीवरी सिस्टम, कोरोना मरीजों को मिलेगी मदद

 रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने सप्लीमेंटल ऑक्सीजन डिलीवरी सिस्टम का विकास किया है. ANI

रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने सप्लीमेंटल ऑक्सीजन डिलीवरी सिस्टम का विकास किया है. ANI

Supplemental Oxygen Delivery System: इस सिस्टम का इस्तेमाल कोरोना वायरस के मॉडरेट लक्षणों वाले मरीजों के इलाज में ऑक्सीजन फ्लो थेरेपी के जरिए इस्तेमाल किया जा सकेगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 19, 2021, 6:30 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. कोरोना वायरस संक्रमण (Coronavirus) के चलते देश भर में ऑक्सीजन की मांग अचानक बहुत बढ़ गई है. यूपी, दिल्ली, राजस्थान और एमपी से लेकर महाराष्ट्र और बंगाल तक ऑक्सीजन के लिए लोग भटक रहे हैं. ऐसे में रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने सप्लीमेंटल ऑक्सीजन डिलीवरी सिस्टम का विकास किया है. इस सिस्टम का इस्तेमाल कोरोना वायरस के मॉडरेट लक्षणों वाले मरीजों के इलाज में ऑक्सीजन फ्लो थेरेपी के जरिए किया जा सकेगा. एएनआई ने इस बारे में रक्षा मंत्रालय के हवाले से जानकारी दी है.

इससे पहले केंद्र सरकार ने रविवार को कहा कि उसने देश के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में 162 प्रेशर स्विंग ऐड्सॉर्प्शन (पीएसए) ऑक्सीजन संयंत्र लगाने की पहल की है. वहीं, रेलवे ने ऑक्सीजन की ढुलाई के लिए विशेष रेलगाड़ी चलाने की घोषणा की है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने कहा कि रेमडेसिविर दवा का उत्पादन दोगुना करने, निर्बाध ऑक्सीजन की आपूर्ति करने और कोविड-19 टीका मुहैया कराने के साथ-साथ स्वास्थ्य अवसंरचना को बढ़ाने के लिए राज्यों की पूरी मदद की जा रही है.

उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य केंद्रों में 162 पीएसए ऑक्सीजन संयंत्र स्थापित करने का कार्य चल रहा है और 24 घंटे का प्रकोष्ठ राज्यों के साथ समन्वय कर रहा है. मंत्रालय ने ट्वीट किया, ‘‘इनसे मेडिकल ऑक्सीजन क्षमता 154.19 एमटी (मीट्रिक टन) बढ़ जाएगी.’’ पीएसए संयंत्र ऑक्सीजन का उत्पादन करते हैं और अस्पतालों को चिकित्सा ऑक्सीजन की अपनी जरूरत के संदर्भ में आत्मनिर्भर बनने में मदद करते हैं. इनसे चिकित्सा ऑक्सीजन की आपूर्ति को लेकर नेशनल ग्रिड पर बोझ भी घटेगा.

मंत्रालय ने इससे पहले 50,000 मीट्रिक टन चिकित्सा ऑक्सीजन के आयात के लिए निविदा निकालने का निर्णय लिया. सभी राज्यों को भेजे पत्र में केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने कहा कि कोविड-19 के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी और इस कारण मेडिकल ऑक्सीजन की बढ़ती मांग के मद्देनजर केंद्र सरकार की तरफ से गठित उच्चाधिकार प्राप्त एक समिति ने औद्योगिक इस्तेमाल के लिए ऑक्सीजन आपूर्ति की समीक्षा की है, ताकि देश में मेडिकल ऑक्सीजन की मांग पूरी की जा सके और लोगों की जान बचाई जा सके.
इसी के मुताबिक उच्चाधिकार प्राप्त समिति ने 22 अप्रैल से निर्माताओं और आपूर्तिकर्ताओं द्वारा औद्योगिक उद्देश्य के लिए ऑक्सीजन की आपूर्ति अगले आदेश तक प्रतिबंधित कर दी है. इसमें नौ विशिष्ट उद्योगों को छूट दी गई है. उन्होंने महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात, दिल्ली और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों का हवाला दिया जहां कोविड-19 के बढ़ते मामलों की वजह से ऑक्सीजन की मांग बढ़ रही है.







रेलवे देशभर में तरल चिकित्सा ऑक्सीजन तथा ऑक्सीजन सिलिंडरों की आपूर्ति के लिए अगले कुछ दिन में 'ऑक्सीजन एक्सप्रेस' चलाएगा.


अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज