DRDO ने विकसित किया ऐसा एंटी ड्रोन सिस्टम जो जासूस ड्रोन्स को मार गिराएगा

DRDO ने विकसित किया ऐसा एंटी ड्रोन सिस्टम जो जासूस ड्रोन्स को मार गिराएगा
DRDO का एंटी ड्रोन सोल्यूशन. (तस्वीर-ANI)

ये एंटी ड्रोन सोल्यूशन (Anti-drone solution) लेजर द्वारा चालित एनर्जी वेपन के जरिए जासूस डोन्स को मार गिराएगा. ये सिस्टम माइक्रो ड्रोन्स का तीन किलोमीटर की दूरी तक पता लगा सकता है और 2.5 किलोमीटर की दूरी तक निशाना लगा सकता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 15, 2020, 5:51 AM IST
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नई दिल्ली. भारत में सैन्य रिसर्च के अग्रणी संगठन डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाजेशन (Defence Research & Development Organisation-DRDO) ने एक एंटी ड्रोन सिस्टम (Anti Drone Solution) विकसित किया है. ये एंटी ड्रोन सोल्यूशन लेजर द्वारा चालित एनर्जी वेपन के जरिए जासूस डोन्स को मार गिराने में सक्षम है. ये सिस्टम माइक्रो ड्रोन्स का तीन किलोमीटर की दूरी तक पता लगा सकता है और 2.5 किलोमीटर की दूरी तक निशाना लगा सकता है. इस एंटी ड्रोन सिस्टम को दिल्ली में स्वतंत्रा दिवस कार्यक्रम की निगरानी में भी लगाया गया है. इस सिस्टम की बदौलत भारत अपने सीमावर्ती इलाकों में जासूस ड्रोन्स पर निगाह रख सकता है और उन्हें खत्म भी कर सकता है.

सेना को डीआडीओ ने दिया है ड्रोन
भारत और चीन के बीच चल रहे सीमा विवाद के बीच बीते महीने DRDO ने पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा की निगरानी के लिए सेना को 'भारत ड्रोन' भी दिया है. इस ड्रोन का नाम 'भारत' है. यह पूरी तरह से स्वदेशी ड्रोन है. वास्तविक नियंत्रण रेखा की निगरानी के साथ ही यह ड्रोन ज्यादा ऊंचाई वाले क्षेत्रों और पहाड़ी इलाकों की सटीक निगरानी रखने में भारतीय सेना की मदद करेगा. रक्षा सूत्रों ने कहा, 'भारतीय सेना को पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में चल रहे विवाद में सटीक निगरानी के लिए ड्रोन की आवश्यकता है.





भारत-चीन सीमा पर तैनाती के लिए विशेष तौर पर तैयार किए गए भारत ड्रोन को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) की चंडीगढ़ स्थित प्रयोगशाला में तैयार किया गया है. रक्षा सूत्रों का कहना है कि ड्रोन की भारत श्रृंखला को विश्व के सबसे चुस्त और हल्के निगरानी ड्रोन के रूप में सूचीबद्ध किया जा सकता है. यह पूरी तरह से स्वदेशी है.
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