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DRDO, IAF ने रचा इतिहास, एक हफ्ते के भीतर स्‍मार्ट एंटी-एयरफील्‍ड वेपन का दूसरा टेस्‍ट भी सफल

DRDO, IAF ने रचा इतिहास, एक हफ्ते के भीतर स्‍मार्ट एंटी-एयरफील्‍ड वेपन का दूसरा टेस्‍ट भी सफल

SAAW 100 किलोमीटर की दूरी तक जमीनी लक्ष्यों को भेदने में सक्षम है.

SAAW 100 किलोमीटर की दूरी तक जमीनी लक्ष्यों को भेदने में सक्षम है.

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) और भारतीय वायु सेना (IAF) ने एक हफ्ते के अंदर ही स्‍वदेशी रूप से विकसित स्‍मार्ट एंटी-एयरफील्‍ड वेपन (SAAW) के दूसरा सफल उड़ान परीक्षण किया है. यह सेटेलाइट नेविगेशन और इलेक्‍ट्रो-ऑप्टिकल सेंसर के आधार पर अलग-अलग विन्‍यास के साथ दो फ्लाइट टेस्‍ट किए गए. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Defense Minister Rajnath Singh) ने DRDO, IAF और मिशन से जुड़ी टीमों के 'सहयोगी प्रयासों' की प्रशंसा की है. मंत्रालय ने कहा कि इस सिस्‍टम का इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल कॉन्फ़िगरेशन इमेजिंग इंफ्रा-रेड (IIR) सीकर तकनीक से लैस है, जो हथियार की सटीक स्ट्राइक क्षमता को बढ़ाता है. इसमें कहा गया है कि SAAW 100 किमी की सीमा तक जमीनी लक्ष्यों को मारने में सक्षम है.

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    नई दिल्‍ली. रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) और भारतीय वायु सेना (IAF) ने एक हफ्ते के अंदर ही स्‍वदेशी रूप से विकसित स्‍मार्ट एंटी-एयरफील्‍ड वेपन (SAAW) के दूसरा सफल उड़ान परीक्षण किया है. यह सेटेलाइट नेविगेशन और इलेक्‍ट्रो-ऑप्टिकल सेंसर के आधार पर अलग-अलग विन्‍यास के साथ दो फ्लाइट टेस्‍ट किए गए. पहला परीक्षण पिछले गुरुवार को किया गया था, जबकि दूसरा परीक्षण बुधवार को किया गया. इसे जैसलमेर में चंदन रेंज से भारतीय वायुसेना के एक विमान द्वारा शुरू किया गया था. रक्षा मंत्रालय के एक बयान में कहा गया है कि भारत में पहली बार इस वर्ग के बम का इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल सीकर आधारित उड़ान परीक्षण किया गया.

    मंत्रालय ने कहा कि इस सिस्‍टम का इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल कॉन्फ़िगरेशन इमेजिंग इंफ्रा-रेड (IIR) सीकर तकनीक से लैस है, जो हथियार की सटीक स्ट्राइक क्षमता को बढ़ाता है. इसमें कहा गया है कि SAAW 100 किमी की सीमा तक जमीनी लक्ष्यों को मारने में सक्षम है. एयरफील्ड रनवे को निष्क्रिय कर सकता है. वहीं यह 125 किग्रा तक का वारहेड ले जा सकता है. परीक्षण के संबंध में रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि हथियारों को एक नए अनुकूलित लॉन्‍चर द्वारा आसानी से छोड़ा और निकाला गया. इसके द्वारा लक्षित टारगेट को उच्‍च सटीकता के साथ मारा गया. साथ ही टेलीमेट्री और ट्रैकिंग सिस्टम ने पूरे उड़ान के दौरान सभी मिशन कार्यक्रमों को कैप्चर किया.

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    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने DRDO, IAF और मिशन से जुड़ी टीमों के ‘सहयोगी प्रयासों’ की प्रशंसा की है. वहीं मंत्रालय ने बताया कि मिशन की जरूरतों के मुताबिक एडवांस गाइडेंस और नेविगेशन एल्‍गोरिदम, सॉफ्टवेयर प्रदर्शन के साथ दोनों ही फ्लाइट टेस्‍ट्स के सभी मिशन ऑब्‍जेक्टिव्‍स को सफलता से प्राप्‍त किया गया. रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव और डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ जी सतीश रेड्डी ने टीम को बधाई दी और कहा कि इससे हथियार का प्रदर्शन और विश्वसनीयता साबित हो गई है. इससे पहले DRDO ने जनवरी में एंटी-एयरफील्ड हथियार का परीक्षण किया था.

    स्मार्ट एंटी एयरफील्ड हथियार (SAAW) भारत के रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित एक लंबी दूरी की सटीक-निर्देशित एंटी-एयरफील्ड हथियार है. इसे 100 किलोमीटर (62 मील) की सीमा तक सटीक मारक क्षमता के साथ जमीनी लक्ष्यों को भेदने में सक्षम बनाया गया है. सितंबर 2020 में, SAAW को नौसेना और वायु सेना के लिए भारत सरकार द्वारा खरीद के लिए मंजूर किया गया था. हथियार का पहला सफल परीक्षण मई 2016 में किया गया था. इसका एक और सफल परीक्षण नवंबर 2017 में किया गया था. इसके बाद दिसंबर 2017 में तीन और सफल परीक्षणों की एक सीरीज हुई. 16 और 18 अगस्त 2018 के बीच, तीन सफल परीक्षण किए गए, जिससे कुल परीक्षणों की संख्या आठ हो गई. जनवरी 2021 में डीआरडीओ ने इसका 9वां सफल परीक्षण किया था.

    Tags: Defense Minister Rajnath Singh, DRDO, IAF

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