दुश्मनों की नींद उड़ाएगा भारत का 'संत', DRDO कर रहा एंटी टैंक मिसाइल के ट्रायल की तैयारी

भारत चीन गतिरोध के बीच SANT का सफल ट्रायल काफी महत्वपूर्ण होगा. (प्रतीकात्मक तस्वीर)
भारत चीन गतिरोध के बीच SANT का सफल ट्रायल काफी महत्वपूर्ण होगा. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

India China faceoff: भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर जारी तनाव के बीच DRDO अब एंटी टैंक मिसाइल के ट्रायल की तैयारी में है, जो 10 किलोमीटर की दूरी से ही दुश्मन के टैंक को निशाना बना सकता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 22, 2020, 7:37 AM IST
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नई दिल्ली. भारत 10 किलोमीटर से अधिक की दूरी से ही दुश्मन के टैंक को मार गिराने में सक्षम एक नई एयर-लॉन्च मिसाइल डेवलप कर रहा है. इस पूरे मामले से परिचित अधिकारियों ने कहा कि यह महत्वपूर्ण ट्रायल दो महीने के भीतर किया जाएगा. गौरतलब है कि पूर्वी लद्दाख (East Ladakh) में चीन के साथ जारी गतिरोध (India China faceoff) के बीच इस ट्रायल की अहमियत और बढ़ जाती है.

अंग्रेजी अखबार द हिन्दुस्तान टाइम्स के अनुसार एक अधिकारी ने नाम ना प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि 'स्वदेशी मिसाइल स्टैंड-ऑफ एंटी-टैंक मिसाइल (SANT- संत) से उम्मीद है कि वह भारतीय वायु सेना के MI -35 अटैक हेलीकॉप्टर्स को एक बेहतर दूरी से दुश्मन के टैंक को नष्ट करने की क्षमता दे सकेगी.'

Mi-35 पर मौजूदा रूसी Shturm मिसाइल 5 किमी की रेंज में टैंकों को निशाना बना सकती है. इस गनशिप में अलग-अलग कैलिबर के रॉकेट, 500 किलोग्राम के बम, 12.7 एमएम की बंदूकें और 23 एमएम की तोप शामिल हैं. SANT को रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित किया जा रहा है. दिसंबर में इसे पहली बार Mi-35 हेलिकॉप्टर से लॉन्च किया जाएगा. इसे भारतीय हथियारों की दुनिया में एक मील का पत्थर के तौर पर देखा जा रहा है.



पहले ट्रायल की तैयारियां जारी
रिपोर्ट के अनुसार नाम न छापने की शर्त पर एक दूसरे अधिकारी ने कहा कि 'Mi-35 से मिसाइल के पहले ट्रायल के लिए तैयारियां की जा रही हैं. एयर लॉन्च्ड टेस्ट्स कई बार किए जाएंगे जिसके बाद अगले साल मिसाइल औपचारिक रूप से सेना में शामिल होने के लिए तैयार हो जाएगा.'  कहा कि - मिसाइल लॉन्च के बाद और उसके पहले लॉक ऑन स्थिति में रहेगी.  लॉक-ऑन का मतलब है कि लक्ष्य का पता चला है और मिसाइल टार्गेट की पोजीशन की चेंज होने की स्थिति में भी अपना निशाना बना सकेगा.

दूसरे अधिकारी ने कहा कि साल 2021 के अंत तक ऑपरेशनल  होने से पहले इस मिसाइल का आठ से 10 बार अटैक हेलिकॉप्टर से ट्रायल होगा. पूर्व वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल फली एच मेजर ने कहा '5 किलोमीटर से 10 किमी तक की क्षमता में बढ़ोतरी से  Mi-35 की क्षमता बढ़ेगी. अगर हेलीकॉप्टर 10 किमी की दूरी से दुश्मन के टैंक को हिट कर सकता है तो हेलिकॉप्टर के जमीन से होने वाली फायर से बचने की पूरी संभावना होगी.'

DRDO द्वारा विकसित मौजूदा एंटी-टैंक मिसाइलों नाग और हेलिना की 5 किमी से कम की  रेंज हैं.  नाग मिसाइल एक मोडिफाइड इन्फैंट्री कॉम्बैट व्हीकल ( नाग मिसाइल करियर या नामिका) से लॉन्च किया गया है और इसकी रेंज 4 किमी है. दूसरी ओर हेलिना या हेलीकॉप्टर बेस्ड नाग  एडवांस्ड ध्रुव लाइट हेलिकॉप्टर से 5 किमी दूर तक हमला कर सकता है.
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