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नीले कपड़े, हाथों में तलवार, गुरु के वंशज, जानें कौन होते हैं निहंग सिख योद्धा

नीले कपड़े, हाथों में तलवार, गुरु के वंशज, जानें कौन होते हैं निहंग सिख योद्धा

निहंग सिख. (सांकेतिक तस्वीर PTI)

निहंग सिख. (सांकेतिक तस्वीर PTI)

सिंघु बॉर्डर (Singhu Border) पर एक दलित मजदूर की हत्या के मामले पर बवाल बढ़ता जा रहा है. निहंग सिखों के समूह ने इस दलित मजदूर की धर्मग्रंथ के अपमान के संदेह में हत्या की है. मामले में एक निहंग ने आत्मसमर्पण कर जिम्मेदारी ले ली है.

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    नई दिल्ली. सिंघु बॉर्डर पर निहंग सिख ग्रुप द्वारा एक दलित मजदूर लखबीर सिंह (Lakhbir Singh)  की हत्या को लेकर विरोध तेज हो गया है. पुलिस के मुताबिक सिख धर्मग्रंथ के अपमान के संदेह में ये हत्या की गई है. सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो क्लिप में दिख रहा है कि कुछ निहंग सिख खून से लथपथ दलित मजदूर के पास खड़े हैं. मामले में सरबजीत सिंह नाम के निहंग सिख ने हरियाणा पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है. सूत्रों के मुताबिक उसने हत्या की जिम्मेदारी ली है.

    इस दौरान निहंगों के डेरे में मौजूद निहंगों ने बोले सो निहाल के नारे भी लगाए. सरेंडर से पहले सरबजीत सिंह को सिरोपा पहनाया गया. यह केसरिया रंग का वस्त्र होता है, जिसे सम्मान का प्रतीक माना जाता है. सरेंडर के बाद सरबजीत ने कहा कि यह किसान आंदोलन का नहीं, बल्कि गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी का मामला है. आइए जानते हैं निहंग सिख क्या होते हैं…

    आक्रामक रुख के कारण पहचाने जाते हैं निहंग
    सिख समुदाय के बीच स्‍वभाव से आक्रामक और हथियार रखने वाले इस विशेष तबके के सिखों को निहंग सिख कहा जाता है. निहंग का फारसी भाषा में अर्थ होता है मगरमच्‍छ. सिखों का यह विशेष समूह योद्धाओं के रूप में माना जाता है.

    निहंग सिख दस गुरुओं के आदेशों का पूर्ण रूप से पालन करते हैं और लड़ने की प्रेरणा से ओत-प्रोत रहते हैं. माना जाता है कि दस गुरुओं के काल में ये सिख गुरु साहिबानों के प्रबल प्रहरी हुआ करते थे. तभी से धर्म की रक्षा की भावना इनके अंदर कूट-कूट कर भरी हुई है.

    धर्म-चिह्न आम सिखों की अपेक्षा मजबूत और बड़े होते हैं
    निहंगों को उनके आक्रामक व्यक्तित्व के लिए भी जाना जाता है. निहंग सिखों के धर्म-चिह्न आम सिखों की अपेक्षा मजबूत और बड़े होते हैं. ये आम तौर पर नीले वस्त्र पहनते हैं. जन्म से लेकर जीवन के अंत तक जितने भी जीवन संस्कार होते हैं, सिख धर्म के अनुसार ही उनका प्रेम से निर्वहन करते हैं.

    कई नियम फॉलो करते हैं
    गुरबानी का पाठ करना और ‘बाणे’ में रहना. रोज ये गुरबानी का पाठ तो करते ही हैं, साथ ही साथ औरों को भी उसके बारे में बताते चलते हैं. बाणे में रहने का मतलब हमेशा अपना चोला और उसके साथ आने वाले सभी शस्त्र धारण करना.

    शस्त्र चलाने में होते हैं पारंगत
    शस्तर (शस्त्र) विद्या. सभी निहंग हथियार चलाने में पारंगत होते हैं. (शस्तर विद्या में पांच महत्वपूर्ण चीजें सिखाई जाती हैं, विरोधी पर लपकना, उसके डिफेन्स को कमज़ोर करना, आ रहे अटैक को रोकना, वार करने के लिए सबसे सही जगह चुनना और आखिर में वार करना.

    Tags: Farmers movement, Sikh Community

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