सऊदी अरब की सबसे बड़ी तेल कंपनी के संयंत्रों पर ड्रोन हमले

सऊदी प्रेस एजेंसी ने गृह मंत्रालय के एक बयान के हवाले से बताया कि ड्रोन द्वारा निशाना बनाए जाने के बाद इलाके में आग लगी.
सऊदी प्रेस एजेंसी ने गृह मंत्रालय के एक बयान के हवाले से बताया कि ड्रोन द्वारा निशाना बनाए जाने के बाद इलाके में आग लगी.

इस हमले से विश्व शक्ति के साथ परमाणु समझौते को लेकर अमेरिका (America) और ईरान (Iran) के आमने-सामने होने के बीच तनाव बढ़ने की संभावना है.

  • भाषा
  • Last Updated: September 14, 2019, 1:29 PM IST
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दुबई: सऊदी अरब (Saudi Arabia) में तेल की दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी के दो संयंत्रों में शनिवार तड़के ड्रोन (Drone) से हमला किया गया जिससे विश्व को तेल की आपूर्ति करने वाले केंद्र में भयंकर आग लग गई. अब्कैक और खुरैस तेल संयंत्र में हमलों की अभी किसी ने जिम्मेदारी नहीं ली है. हालांकि यमन के हूती विद्रोही सऊदी अरब में ड्रोन से हमले करते रहे हैं. अभी यह स्पष्ट नहीं है कि हमलों में कोई घायल हुआ है या नहीं और न ही तेल उत्पादन पर असर का पता लगा है.

हमले से अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने की संभावना 

इस हमले से विश्व शक्ति के साथ परमाणु समझौते को लेकर अमेरिका और ईरान के आमने-सामने होने के बीच तनाव बढ़ने की संभावना है. अब्कैक में फिल्मायी ऑनलाइन वीडियो में पीछे से गोलियां चलने की आवाज सुनाई दे रही हैं और संयंत्र से उठ रही लपटें दिखाई दे रही हैं. सरकारी सऊदी प्रेस एजेंसी ने गृह मंत्रालय के एक बयान के हवाले से बताया कि ड्रोन द्वारा निशाना बनाए जाने के बाद आग लगी. उसने बताया कि हमले की जांच चल रही है.



यमन के हूती विद्रोहियों पर हमले करने का संदेह
सऊदी अरामको सऊदी अरब की राष्ट्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस कंपनी है. यह राजस्व के मामले में दुनिया की कच्चे तेल की सबसे बड़ी कंपनी है. गौरतलब है कि अरामको को आतंकवादी निशाना बनाते रहे हैं. अल-कायदा के आत्मघाती विस्फोटकों ने फरवरी 2006 में इस तेल कंपनी पर हमला करने की कोशिश की थी लेकिन वे नाकाम रहे थे. हालांकि, अभी किसी समूह ने हमलों की जिम्मेदारी नहीं ली है लेकिन यमन के हूती विद्रोहियों पर हमले करने का संदेह है.
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