जम्मू-कश्मीर में DDC चुनावों के बीच दविंदर सिंह मामले में NIA की रडार पर PDP नेता वाहिद पारा

PDP नेता वाहिद पारा से पूछताछ पर उनके प्रचार अभियान पर असर पड़ सकता है. गुपकार अलायंस के दलों ने आरोप लगाया है कि जम्मू-कश्मीर प्रशासन जानबूझकर गैर-भाजपा उम्मीदवारों को चुनाव प्रचार करने से रोकने के लिए कदम उठा रहा है.

PDP नेता वाहिद पारा से पूछताछ पर उनके प्रचार अभियान पर असर पड़ सकता है. गुपकार अलायंस के दलों ने आरोप लगाया है कि जम्मू-कश्मीर प्रशासन जानबूझकर गैर-भाजपा उम्मीदवारों को चुनाव प्रचार करने से रोकने के लिए कदम उठा रहा है.

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    श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) में आगामी डीडीसी चुनावों (DDC Election 2020) के लिए प्रचार कर रहे पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता वाहिद पारा जेल में बंद डीएसपी दविंदर सिंह के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी के रडार पर हैं. DSP को इस साल की शुरुआत में दो हिज़्ब-उल आतंकियों के साथ गिरफ्तार किया गया था. एनआईए के एक अधिकारी ने न्यूज 18 से पुष्टि की, 'हां, दविंदर सिंह-नावेद बाबू मामले में पारा से पूछताछ की गई थी.' मामले में पारा का नाम कथित रूप से एक अन्य आरोपी तारिक मीर से पूछताछ के दौरान सामने आया.

    पूर्व भाजपा नेता मीर पर आतंकवादी नावेद बाबू को हथियार सप्लाई करने का आरोप है. उन्हें इसी साल अप्रैल में एनआईए ने गिरफ्तार किया था. एनआईए ने CRPC की धारा 160 सीआरपीसी के तहत सोमवार को पारा को समन भेजा, जिसमें दावा किया गया कि वह 'मामले की परिस्थितियों से परिचित थे.'

    वहीं गुपकार गठबंधन दलों ने आरोप लगाया है कि जम्मू-कश्मीर प्रशासन जानबूझकर गैर-भाजपा उम्मीदवारों को चुनाव प्रचार करने से रोकने के लिए कदम उठा रहा है. जांच एजेंसी ने मंगलवार को फिर से पूछताछ के लिए पारा को तलब किया है.

    एनआईए ने अपने 3,000 पन्नों से ज्यादा की चार्जशीट में दविंदर सिंह, नावेद बाबू और अन्य के खिलाफ आरोप लगाया कि 'मामले की जांच में ऑन रिकॉर्ड पाया गया कि पाकिस्तानी प्रतिष्ठान हर संभव तरीके से प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन की आतंकवादी गतिविधियों को जारी रखने के लिए काम कर रहे थे.'