उम्रकैद की सज़ा काट रहे डीयू के पूर्व प्रोफेसर जीएन साईबाबा ने दायर की जमानत याचिका

उम्रकैद की सज़ा काट रहे डीयू के पूर्व प्रोफेसर जीएन साईबाबा ने दायर की जमानत याचिका
जीएन साईबाबा ने दायर की याचिका.

याचिका में साईबाबा के खराब स्वास्थ्य एवं जेल में कोरोना वायरस संक्रमण (Coronavirus) फैलने का हवाला दिया गया है.

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नागपुर. माओवादियों से संबंध के कारण यहां एक कारागार में आजीवन कारावास की सजा काट रहे दिल्ली विश्वविद्यालय (Delhi University) के पूर्व प्रोफेसर जीएन साईबाबा (GN Sai baba) ने बॉम्‍बे हाईकोर्ट की नागपुर पीठ के समक्ष जमानत याचिका दायर की है. याचिका में साईबाबा के खराब स्वास्थ्य एवं जेल में कोरोना वायरस संक्रमण फैलने का हवाला दिया गया है.

साईबाबा ने अदालत से याचिका पर तत्काल सुनवाई का अनुरोध किया, जिसके बाद न्यायमूर्ति अतुल चंदुरकर और न्यायमूर्ति अमित बोरकर ने महाराष्ट्र सरकार और अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर 24 जुलाई से पहले अपना जवाब देने को कहा. इस मामले पर आगे की सुनवाई 24 जुलाई को ही होनी है. जमानत याचिका में कहा गया है कि पहले से कई बीमारियों से ग्रस्त होने के कारण साईबाबा पर वायरस से संक्रमित होने का अधिक खतरा है.

साईबाबा को नागपुर केंद्रीय कारागार में रखा गया है, जहां अब तक 150 से अधिक कैदी और 40 जेलकर्मी संक्रमित पाए जा चुके हैं. इस कारागार में 1,800 कैदी हैं और यहां 265 पुलिसकर्मी तैनात हैं.

महाराष्ट्र गढ़चिरौली जिले की सत्र अदालत ने माओवादियों से संबंध और देश के खिलाफ जंग छेड़ने के समान गतिविधियों में शामिल होने के मामले में मार्च 2017 में साईबाबा और चार अन्य को दोषी ठहराया था और सजा सुनाई थी. अदालत ने अवैध गतिविधि रोकथाम कानून के तहत साईबाबा और अन्य को दोषी ठहराया था.
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