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Agriculture News: बारिश के कारण फसलों के लिए क्‍या करें और क्‍या ना करें किसान, कृषि वैज्ञानिकों ने एडवाइजरी में बताया

Agriculture News: बारिश के कारण फसलों के लिए क्‍या करें और क्‍या ना करें किसान, कृषि वैज्ञानिकों ने एडवाइजरी में बताया

बेमौसमी बरसात से किसानों की समस्याओं को देखते हुए पूसा के कृषि वैज्ञानिकों ने जरुरी एडवायजरी जारी की है. (फाइल फोटो)

बेमौसमी बरसात से किसानों की समस्याओं को देखते हुए पूसा के कृषि वैज्ञानिकों ने जरुरी एडवायजरी जारी की है. (फाइल फोटो)

भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (Indian Agricultural Research Institute) के कृषि भौतिकी संभाग द्वारा जारी एडवाइजरी में बताया गया है कि इस बारिश से जहां धान की फसल (Paddy Crop) को फायदा हो रहा है, तो वहीं तिलहन, दलहन, फल और सब्जियों की फसल (Crops of oilseeds, pulses, fruits and vegetables) को खासा नुकसान पहुंच रहा है.

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नई दिल्‍ली : पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव के कारण उत्‍तर भारत के कई राज्‍यों में और बारिश होने का अनुमान जताया गया है. पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पश्चिमी यूपी, राजस्थान के अलावा बिहार एवं अन्‍य क्षेत्रों में 29 दिसंबर तक बारिश (Rains) की गतिविधियां जारी रहने से जहां कुछ फसलों को फायदा होना है, तो यह कुछ के लिए आफत बनकर भी आई है. इस बारिश से जहां धान की फसल (Paddy Crop) को फायदा हो रहा है, तो वहीं तिलहन, दलहन, फल और सब्जियों की फसल (Crops of oilseeds, pulses, fruits and vegetables) को खासा नुकसान पहुंच रहा है. किसान (Farmers) भी इससे परेशान दिख रहे हैं. ऐसे में किसानों की इन समस्याओं को देखते हुए पूसा के कृषि वैज्ञानिकों ने बारिश से बचाव के लिए जरुरी एडवायजरी जारी की है.

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भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (Indian Agricultural Research Institute) के कृषि भौतिकी संभाग द्वारा जारी एडवाइजरी में बताया गया है कि सरसों की फसल में चेपा कीट लगने की संभावना रहती है, लिहाजा ऐसी फसलों को नुकसान से बचाने किसानों (Farmers) को फसल (Crop) पर पूरी निगरानी रखनी चाहिए. फसल पर ज्‍यादा कीट पाए जाएं तो उस पर इमिडाक्लोप्रिड @ 0.25 मिली प्रति लीटर पानी की दर से छिड़क देना चाहिए. इससे वह अपनी फसल को चेपा कीट से बचा सकते हैं.

कृषि वैज्ञानिकों ने बताया है कि बारिश के मौसम (Rainy Season) के कारण चना फसल में फली छेदक कीट का प्रकोप होने की पूरी संभावना रहती है, तो ऐसे में किसान अपनी फसल पर बहुत ज्‍यादा ध्‍यान दें. साथ ही फसल में प्रति एकड़ फेरोमोन ट्रैप लगाएं. वहीं, कीटों के नियंत्रण के लिए खेत में और उसके आसपास “टी” आकार के पक्षी पर्च स्थापित करें.

उन्‍होंने यह भी बताया क‍ि वर्षा के कारण गोभीवर्गीय फसल (Cabbage Crop) में हीरा पीठ इल्ली, मटर में फली छेदक तथा टमाटर में फल छेदक जैसे कीटों का प्रकोप बढ़ जाता है. ऐसे में किसानों को अपनी गोभीवर्गीय फसल में फेरोमोन ट्रैप प्रति एकड़ खेतों में लगाना चाहिए.

Tags: Crop, Crop Damage, Farmers

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