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हंगामे वाला मानसून सत्र, 9 दिनों की कार्यवाही में 7 घंटे चली संसद, 133 करोड़ रुपये बर्बाद

लोकसभा में पेगासस जासूस प्रकरण को लेकर हंगामा हुआ है. (File pic)

लोकसभा में पेगासस जासूस प्रकरण को लेकर हंगामा हुआ है. (File pic)

19 जुलाई से शुरू हुई संसद सत्र में विपक्ष लगातार हमलावर रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सत्र के शुरुआत में कहा था कि सरकार सदन के भीतर विपक्ष के हर मुद्दे पर बहस को तैयार है, लेकिन विपक्ष कई मुद्दों पर सरकार के साथ खड़ी नहीं दिख रही है. यहां तक कि सत्ता पक्ष के विपक्ष के साथ कई दौर का बातचीत भी बेनतीजा साबित हुईं.

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नई दिल्ली. मानसून सत्र (Monsoon session 2021) का दूसरा सप्ताह खत्म वाला है, लेकिन संसद में शांति भंग का सिलसिला खत्म नहीं हुआ है. पेगासस जासूसी कांड पर चर्चा की मांग को लेकर जहां विपक्ष अड़ा है. लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही नाम मात्र की चल पाई है. सूत्रों के मुताबिक संसद के 9 दिन की कार्यवाही में 54 घंटे कामकाज होना चाहिए, लेकिन हंगामा के कारण महज 7 घंटे ही काम हो सका है. जबकि राज्यसभा में अब तक केवल 11 घंटे का ही कामकाज हो पाया है. जबकि अगर सदन सुचारू तौर पर चलता तो राज्यसभा में 53 घंटे का कामकाज होता.

यानी दोनो सदनों की बात करें तो दोनों सदनों का कामकाज केवल 18 घंटे ही चल पाई है. विपक्ष के हंगामे की वजह से सरकारी खजाने का 133 करोड़ का नुकसान पहुंचा है. एक अनुमान के मुताबिक संसद में कामकाज पर एक घंटे का अनुमानित खर्च तकरीबन 1 करोड़ 20 लाख का आता है.

19 जुलाई से शुरू हुई संसद सत्र में विपक्ष लगातार हमलावर रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सत्र के शुरुआत में कहा था कि सरकार सदन के भीतर विपक्ष के हर मुद्दे पर बहस को तैयार है, लेकिन विपक्ष कई मुद्दों पर सरकार के साथ खड़ी नहीं दिख रही है. यहां तक कि सत्ता पक्ष के विपक्ष के साथ कई दौर का बातचीत भी बेनतीजा साबित हुईं.

सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच रार के कारण

1. पेगासस जासूसी मामला
2. कोरोना महामारी में केंद्र की भूमिका
3. कृषि कानून
4. पेट्रोल/ डीज़ल की बढ़ती कीमत
5. महंगाई, बेरोजगारी

मानसून सत्र की कार्यवाही अब तक हंगामेदार रही है, बावजूद इसके केंद्र सरकार अपने विधायी कार्यो को पूरा करने की पूरी कोशिश में जुटी हुई है. अब तक लोकसभा से 5 बिल और 2 विनियोग विधेयक पास हुए हैं. वहीं, राज्यसभा की बात करें तो 20 जुलाई को कोविड-19 पर 6 घंटे से ज्यादा चर्चा हुई थी. राज्यसभा में बाकी दिन हंगामे के कारण बर्बाद हो गए. राज्यसभा सिर्फ़ 23 प्रतिशत productive रही है. राज्यसभा में हंगामे के बीच बिना चर्चा के तीन बिल पारित हुए हैं.

लोकसभा में ये बिल हुए पास

1- राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता और प्रबंधन संस्थान विधेयक (The National Institute of Food Technology Entrepreneurship and Management Bill, 2021)

2- फेक्टर विनियमन संशोधन विधेयक (The Factoring Regulation (Amendment) Bill, 2021)

3- दिवाला और दिवालियापन संहिता (संशोधन) विधेयक (The Insolvency and Bankruptcy Code (Amendment) Bill, 2021)

4- The Appropriation (No.3) Bill, 2021

5- The Appropriation (No.4) Bill, 2021

6- भारतीय विमानपत्तन आर्थिक नियामक प्राधिकरण (संशोधन) विधेयक (The Airports Economic Regulatory Authority of India (Amendment) Bill, 2021)

7- अंतर्देशीय पोत विधेयक (The Inland Vessels Bill, 2021)

राज्यसभा में ये बिल पारित हुए

1- फेक्टर विनियमन संशोधन विधेयक (Factoring Regulation (Amendment) Bill, 2020)

2- समुद्री सहायता विधेयक (Marine Aids to Navigation Bill, 2021)

3- किशोर न्याय (संशोधन) विधेयक Juvenile Justice (amendment) bill,2021

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