चीनी ऐप्स बैन पर बोलीं ऑस्ट्रेलियाई अधिकारी-हर देश को फैसला लेने का अधिकार

चीनी ऐप्स बैन पर बोलीं ऑस्ट्रेलियाई अधिकारी-हर देश को फैसला लेने का अधिकार
ऑस्ट्रेलिया मानता है कि हर देश अपने राष्ट्रीय हित के आधार पर फैसले लेता है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

वरिष्ठ ऑस्ट्रेलियाई अधिकारी तारा चवनाग (Tara Cavanagh) ने कहा है कि उनके देश ने अब तक चीनी ऐप्स पर प्रतिबंध का फैसला नहीं लिया है, लेकिन यह मानता है कि प्रत्येक देश अपने राष्ट्रीय हित के आधार पर फैसला लेता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 13, 2020, 7:54 PM IST
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नई दिल्ली. भारत ने 59 चीनी ऐप्स पर प्रतिबंध (59 Chinese Apps Ban) की कठोर कार्रवाई की है. दुनिया के अन्य देशों में चीनी ऐप्स पर पाबंदी पर विचार किया जा रहा है. इस बीच वरिष्ठ ऑस्ट्रेलियाई अधिकारी तारा चवनाग (Tara Cavanagh) ने बृहस्पतिवार को कहा है कि उनके देश ने अब तक चीनी ऐप्स पर प्रतिबंध का फैसला नहीं लिया है, लेकिन यह मानता है कि प्रत्येक देश अपने राष्ट्रीय हित के आधार पर फैसला लेता है. उल्लेखनीय है कि यह बयान भारत द्वारा कई चीनी ऐप पर रोक लगाने के फैसले के कई हफ्ते बाद आया है.

जून महीने में भारत ने लगाया था प्रतिबंध
भारत ने 29 जून को 59 चीनी ऐप पर यह कहते हुए रोक लगा दी थी कि यह देश की संप्रभुता, अखंडता और सुरक्षा के लिए हानिकारक है. बाद में सरकार ने 47 और चीनी ऐप पर प्रतिबंध लगा दिया. भारत द्वारा ऐप्स पर प्रतिबंध लगाने और ऑस्ट्रेलिया द्वारा भी चीनी ऐप्स पर इसी तरह के रोक लगाने संबंधी विचार के बारे में पूछे जाने पर ऑस्ट्रेलिया के गृह विभाग में दक्षिण एशिया क्षेत्र की क्षेत्रीय निदेशक तारा चवनाग ने कहा कि इस समय उनके देश ने उन ऐप पर रोक लगाने का फैसला नहीं किया है.

राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखकर फैसला करेंगे देश
पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा, ‘हम मानते हैं कि प्रत्येक देश अपने राष्ट्रीय हित को लेकर स्वयं फैसला करेगा. हमने इस मामले को देखा और फैसला किया कि इस समय ऐसे फैसले की जरूरत नहीं है.’ ऑस्ट्रेलिया द्वारा साइबर हमले में चीन का नाम नहीं लेने के बारे में पूछे जाने पर चवनाग ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया का रुख है कि वह ऐसे हमलों में आरोप लगाता है जब यह उसके राष्ट्रीय हित के लिए जरूरी हो.



उल्लेखनीय है कि ऑस्ट्रेलिया ने छह अगस्त को साइबर सुरक्षा रणनीति-2020 की घोषणा की. इसके तहत अगले 10 साल में 1.67 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश सभी ऑस्ट्रेलियाई लोगों के लिए ऑनलाइन जगत को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए किया जाएगा.

साइबर सुरक्षा में भारत-ऑस्ट्रेलिया सहयोग
साइबर सुरक्षा में भारत-ऑस्ट्रेलिया सहयोग पर ऑस्ट्रेलियाई उच्चायुक्त में कार्यरत वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि दोनों देश कई सालों से साइबर सुरक्षा को लेकर बहुत सक्रिय होकर संवाद कर रहे हैं और विस्तृत रणनीतिक साझेदारी पर हस्ताक्षर के जरिये इस संबंध में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है. यहां पर ऑस्ट्रेलिया के उप उच्चायुक्त रोड हिल्टन ने कहा कि साइबर और महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी में तेजी से संबंध बढ़ रहे हैं. उन्होंने कहा कि दोनों देश सूचनाएं साझा करने और सहयोग बढ़ाने के लिए कदम उठा रहे हैं.

हिल्टन ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया और भारत ने साइबर और साइबर आधारित अहम प्रौद्योगिकी के मसौदा समझौते को अंतिम रूप दे दिया है जिस पर दोनों देशों के विदेश मंत्रियों ने हस्ताक्षर किए थे और इसमें उन क्षेत्रों का उल्लेख है जिन पर वे साथ काम करेंगे. गौरतलब है कि चार जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन विस्तृत रणनीतिक साझेदारी (सीएसपी) पर हस्ताक्षर कर दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को नये आयाम पर ले गए.
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