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चीन यदि महाशक्ति बनने की राह पर हो, तो भारत को बदलावों के लिए तैयार रहना होगाः विदेश मंत्री जयशंकर

चीन यदि महाशक्ति बनने की राह पर हो, तो भारत को बदलावों के लिए तैयार रहना होगाः विदेश मंत्री जयशंकर

भारत के विदेश मंत्री सुब्रमण्यम जयशंकर. (File Photo)

भारत के विदेश मंत्री सुब्रमण्यम जयशंकर. (File Photo)

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता के सवाल पर विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि यह बड़ा मसला है और आसानी से ऐसा नहीं होने वाला, क्योंकि दुनिया उदार जगह नहीं है और देशों को जो मिलता है, उसके लिए बहुत संघर्ष करना होता है. दो साल पहले लद्दाख में झड़प के बाद चीन के साथ रिश्तों में तनाव से जुड़े सवाल के जवाब में भारत के विदेश मंत्री ने कहा, 'मैंने 2020 और 2021 में कहा था और 2022 में भी कह रहा हूं कि हमारे संबंध सामान्य नहीं हैं. यदि सीमा पर स्थिति सामान्य नहीं है तो संबंध सामान्य नहीं रह सकते.'

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बेंगलुरुः विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार को कहा कि जब चीन जैसी क्षेत्रीय शक्ति महाशक्ति बनने की ओर बढ़ रही हो, तो भारत को इससे होने वाले अस्थिरतापूर्ण बदलावों के लिए तैयार रहना होगा. जयशंकर यहां पीईएस विश्वविद्यालय के छात्रों से बातचीत कर रहे थे, इस दौरान एक प्रश्न के जवाब में यह टिप्पणी की.

चीन और ताइवान के संबंध में मौजूदा हालात के प्रभावों को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा, ‘यदि आप हिंद महासागर क्षेत्र समेत तटीय क्षेत्रों के आसपास चीन की व्यापक मौजूदगी की बात कर रहे हैं तो मेरा मानना है कि इस बारे में भारत को आकलन और मूल्यांकन करना होगा, जिसमें हमारी अपनी सुरक्षा पर पड़ने वाला असर भी शामिल है. क्योंकि ऐतिहासिक रूप से हमने चीन को हमेशा हमारे उत्तर में स्थित देश की तरह देखा है. इस स्थिति पर हम नजर रखे रहते हैं.’

उन्होंने कहा, ‘जब कोई देश क्षेत्रीय ताकत से महाशक्ति बनने की ओर बढ़ रहा हो तो बहुत अस्थिरतापूर्ण बदलाव होते हैं और इन बदलावों के लिए भारत को तैयार रहना होगा. जब हमारे हित शामिल हों तो मुझे लगता है कि यह बात बहुत मायने रखती है कि हम अपने हितों की रक्षा करने के लिए बहुत स्पष्ट और दृढ़ हों.’ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता के सवाल पर विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि यह बड़ा मसला है और आसानी से ऐसा नहीं होने वाला, क्योंकि दुनिया उदार जगह नहीं है और देशों को जो मिलता है, उसके लिए बहुत संघर्ष करना होता है.

चीन सीमावर्ती इलाकों में शांति भंग करता है, तो इसका संबंधों पर असर पड़ेगा
इससे पहले विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शुक्रवार को कहा संवाददाताओं से कहा, ‘कोर कमांडर स्तर पर हमारी 15 दौर की बातचीत हुई है. दोनों पक्षों के उन स्थानों से पीछे हटने के संदर्भ में कुछ महत्वपूर्ण प्रगति हुई है, जहां वे बहुत करीब हैं. अब भी कुछ जगहें हैं जहां वे पीछे नहीं हटे हैं. हालांकि, हम लगातार इस रुख पर कायम हैं कि अगर चीन सीमावर्ती इलाकों में शांति भंग करता है, तो इसका संबंधों पर असर पड़ेगा.’ जयशंकर दो साल पहले लद्दाख में झड़प के बाद चीन के साथ रिश्तों में तनाव से जुड़े सवाल का जवाब दे रहे थे.

भारत के विदेश मंत्री ने कहा, ‘मैंने 2020 और 2021 में कहा था और 2022 में भी कह रहा हूं कि हमारे संबंध सामान्य नहीं हैं. यदि सीमा पर स्थिति सामान्य नहीं है तो संबंध सामान्य नहीं रह सकते और सीमा की स्थिति अब भी सामान्य नहीं है. सीमा की स्थिति एक बड़ी समस्या बनी हुई है, क्योंकि सेना पिछली दो सर्दियों से वहां डटी हुई है. यह बहुत तनावपूर्ण स्थिति है, जो एक खतरनाक स्थिति में भी तब्दील हो सकती है. इसलिए हम बातचीत कर रहे हैं.’

Tags: EAM S Jaishankar, India china border dispute, MEA

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