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चीन के साथ सीमा विवाद पर विदेश मंत्री एस जयशंकर का बड़ा बयान, बोले-हमारी अपनी शर्तें हैं

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा, हम इसका समाधान उन शर्तों पर करना चाहते हैं जो हमारे दावे के साथ न्यायसंगत और निष्पक्ष हो.ANI

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा, हम इसका समाधान उन शर्तों पर करना चाहते हैं जो हमारे दावे के साथ न्यायसंगत और निष्पक्ष हो.ANI

EAM S Jaishankar On Indo China border issues:भारत-चीन सीमा विवाद पर बड़ा बयान देते हुए विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर ने कहा है कि हम सीमा विवाद को सुलझाना चाहते हैं लेकिन यह ऐसे नहीं होगा कि कोई देश कहे कि यह इसका समाधान है और इसे स्वीकार करना होगा. उन्होंने कहा कि हम इसका समाधान उन शर्तों पर करना चाहते हैं जो हमारे दावे के साथ न्यायसंगत और निष्पक्ष हो.

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नई दिल्ली. गलवान घाटी में भारत और चीनी सेना की बीच झड़प को दो साल से ज्यादा समय हो गया है लेकिन अब तक यह मुद्दा दोनों देशों के बीच विवाद का प्रमुख विषय बना हुआ है. इस कारण दोनों देशों के बीच रिश्तों में बड़ा खटास आया है. इस मुद्दे को लेकर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है कि यह मुद्दा आज भी दोनों देशों के बीच जटिल समस्या है लेकिन जहां तक इस समस्या को सुलझाने की बात है तो हां, हम इस मुद्दे को सुलझाना चाहते हैं लेकिन हम इसे उन शर्तों पर सुलझाना चाहते हैं जो हमारे दावे के साथ न्याय करे तथा निष्पक्ष, न्यायसंगत और पारस्परिक सहमति पर आधारित हो.

एस जयशंकर ने कहा, हम इसका समाधान उन शर्तों पर नहीं करना चाहते जिसमें कोई देश कहे कि यह इसका समाधान और हमें इसे स्वीकार करना है. उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं हो सकता. सीमा विवाद का हल तभी हो सकता जब यह पारस्परिक सहमति पर आधारित हो और जो हमारे दावे के साथ न्याय करता हो, यह तभी हो सकता है.

कोई देश हमें यह नहीं कह सकता है कि यही इसका समाधान है
उन्होंने कहा कि यह बहुत जटिल मुद्दा है जिसमें जमीन विवाद भी जुड़ा हुआ है. इसके साथ लोगों की मजबूत भावनाएं जुड़ी हुई हैं. इसके साथ ही इसमें बहुत सारे इतिहास और राजनीति भी जुड़ी हुई हैं. चीन के साथ हमारा सीमा विवाद 1958 से है. 60 साल से हम बातचीत कर रहे हैं. अब हमें क्या मैनेज करना है, इसके लिए सबसे पहले यह सुनिश्चित हो कि जो वास्तविक सीमा है उसमें छेड़छाड़ न हो लेकिन दुर्भाग्य यह है कि चीन यथास्थिति बहाल रखना नहीं चाहता है. वह एकतरफा कार्रवाई करता रहता है. जाहिर है यह हमें मंजूर नहीं है. और यही कारण है कि हमारी सेना अपनी जमीन की रक्षा में तैनात हैं. दो साल पहले जो हुआ वह आप सब जानते हैं. इसके बावजूद हम समाधान चाहते हैं लेकिन इसके लिए अगर कोई देश यह कहे कि इसका यह समाधान है और हमें इसे स्वीकार करना है, तो यह कतई नहीं होगा.

Tags: China india lac, External Affairs Minister S Jaishankar, India china border dispute

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