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भूकंप के झटके से हिला उत्तर भारत, दहशत में आए लोग

भाषा
Updated: December 26, 2015, 7:45 AM IST
भूकंप के झटके से हिला उत्तर भारत, दहशत में आए लोग
पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान (सीस्मोलॉजी) प्रभाग के अनुसार, भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 6.5 आंकी गई और यह 186 किमी की गहराई पर आया।

पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान (सीस्मोलॉजी) प्रभाग के अनुसार, भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 6.5 आंकी गई और यह 186 किमी की गहराई पर आया।

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काबुल। दिल्ली, जम्मू कश्मीर और उत्तर भारत के अन्य हिस्सों में शुक्रवार रात मामूली तीव्रता का भूकंप आया जिसका केंद्र अफगानिस्तान के हिंदू कुश क्षेत्र में था। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान (सीस्मोलॉजी) प्रभाग के अनुसार, भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 6.5 आंकी गई और यह 186 किमी की गहराई पर आया।

इस घटना में अब तक तक कहीं से जान माल के किसी नुकसान की कोई खबर नहीं आई थी। भूकंप रात 12 बजकर 44 मिनट पर आया और राष्ट्रीय राजधानी में लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। कश्मीर के लोगों ने भी भूकंप महसूस किया और सुरक्षा की खातिर अपने घरों से बाहर चले गए।

जम्मू कश्मीर में मौसम विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि राज्य में भूकंप के कारण कोई जानमाल का नुकसान हुआ है। ‘हम अभी कह नहीं सकते कि क्या इस भूकंप से कोई नुकसान हुआ है। विस्तृत ब्यौरा मिलने पर ही हम कुछ कह पाएंगे। भूकंप आने के बाद लोग दहशत में आ गए और इमारतें गिरने की आशंका के चलते घरों से बाहर निकल आए।

यूएस जियोलॉजिकल सर्वे के अनुसार, भूकंप 203.5 किमी की गहराई पर आया। भूकंप के झटके भारतीय समयानुसार करीब 12.44 बजे महसूस किए गए। ये झटके समूचे उत्तर भारत में भी महसूस किए गए। भूकंप के ये झटके दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे उत्तर भारत में आए। भूकंप का केंद्र उत्तर पूर्वी अफगानिस्तान में पाकिस्तान तथा ताजिकिस्तान के साथ लगने वाली सीमा पर आया।

यूएसजीएस ने अपनी वेबसाइट पर बताया कि अफगानिस्तान की राजधानी काबुल से करीब 280 किमी पूर्वोत्तर में यह भूकंप स्थानीय समयानुसार रात 11 बजकर 44 मिनट पर आया। ये समय भारतीय मानक समय के मुताबिक 12.44 मिनट था। भूकंप के झटके करीब एक मिनट तक महसूस किया गया। झटकों से घबराए लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। अब तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

यहां ये बताना जरूरी है कि अफगानिस्तान में खास कर हिंदूकुश पहाड़ी क्षेत्र में अक्सर भूकंप आते हैं। यह क्षेत्र यूरेशियाई और भारतीय टैक्टोनिक प्लेटों के जोड़ के पास है। गौरतलब है कि अक्तूबर में पाकिस्तान और अफगानिस्तान में 7.5 तीव्रता का भूकंप आया था जिससे करीब 400 लोग मारे गए और कई इमारतें धराशायी हो गईं जिसकी वजह से राहत कार्यों में बाधा आई थी। पाकिस्तान में अक्तूबर में आए भूकंप ने वर्ष 2005 के अक्तूबर में आए 7.6 तीव्रता के भूकंप की याद ताजा कर दीं जिसमें 75,000 से अधिक लोग मारे गए थे और करीब 35 लाख लोग विस्थापित हो गए थे।

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First published: December 26, 2015, 1:04 AM IST
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