चीनी विदेश मंत्री के साथ बैठक में खूब दिखी तल्खी, जयशंकर ने सख्त तेवर में कहा- सीमा पर शांति होगी तभी करेंगे कारोबार

चीनी विदेश मंत्री के साथ बैठक में खूब दिखी तल्खी, जयशंकर ने सख्त तेवर में कहा- सीमा पर शांति होगी तभी करेंगे कारोबार
भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर और चीनी समकक्ष वांग यी (File Photo)

India China Faceoff: भारत की ओर से चीन को यह स्पष्ट दिया गया कि अगर सीमा पर स्थितियां सामान्य नहीं होंगी, तो उसे हर तरह का नुकसान उठाना पड़ेगा. ऐसा बिल्कुल भी नहीं होगा कि सीमा पर गतिरोध जारी रहे और व्यापार भी चलता रहे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 12, 2020, 11:09 AM IST
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नई दिल्ली. पूर्वी लद्दाख (East Ladakh) में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) को लेकर भारत और चीन (India China Facoff) में जारी तनातनी के बीच रूस की राजधानी मॉस्को में दोनों देशों के विदेश मंत्रियों ने शंघाई सम्मेलन (SCO) से इतर मुलाकात की. इस दौरान सीमा पर जारी गतिरोध का चर्चा का केंद्र बिन्दु बना रहा. चीन के विदेश मंत्री वांग यी (Wang yi) और भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर (S. Jaishankar) के बीच तल्खी से बातचीत हुई.

इस बैठक में चीन का जोर इस बात पर था कि सीमा पर जारी तनाव से इतर द्विपक्षीय संबंध भी चलते रहें, जिसे भारत ने सिरे से खारिज कर दिया. चीन का सीधा मतलब था कि सीमा पर वह जो कर रहा है वह चलता रहे और भारत से उसका व्यापार भी चलता रहे. इस पर विदेश मंत्री जयशंकर ने वांग को यह स्पष्ट किया कि अगर सीमा पर स्थितियां सही नहीं हुईं, तो कोई संबंध नहीं रखा जा सकता है.

जयशंकर ने सख्त लहजे में कहा कि सेना तब तक पीछे नहीं हटेगी, जब तक कि चीन की सेना भारतीय इलाकों से हट नहीं जाती. उन्होंने कहा सीमा पर शांति तभी बहाल होगी, जब चीन अपने हर बिन्दु पर वापस लौट जाएगा. इसके साथ ही भारत की ओर से चीन को यह स्पष्ट दिया गया कि अगर सीमा पर स्थितियां सामान्य नहीं होंगी, तो उसे हर तरह का नुकसान उठाना पड़ेगा. ऐसा बिल्कुल भी नहीं होगा कि सीमा पर गतिरोध जारी रहे और व्यापार भी चलता रहे.



LAC का निरीक्षण करेगा भारत
अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार जयशंकर ने वांग से कहा कि सीमा पर यह स्थिति तब पैदा हुई जब चीनी सेना अवैध निर्माण किए और कई समझौतों का पालन नहीं किया गया.' रिपोर्ट के अनुसार चीन अपने वादों पर खरा उतरा या नहीं, भारत इसका निरीक्षण करेगा क्योंकि इससे पहले चीन धोखा दे चुका है. कमांडर स्तर की बैठक में लिए जाने वाले फैसलों को चीनी सेना नहीं मानती थी. गौरतलब है कि बीते कुछ महीनों के भीतर भारत ने चीन के कई ऐप्स, कई परियाजनाओं में उसकी कंपनियों द्वारा किए गए निवेश पर कड़े फैसले लिए और सभी पर रोक लगा दी.

जून में हुई हिंसक झड़प पर भी चीन और भारत के विदेश मंत्रियों के बीच बात हुई. इस झड़प में एक कर्नल समेत 20 भारतीय सैनिक शहीद हो गए थे. भारत ने कहा कि चीन की कार्रवाई स्पष्ट रूप से समझौतों का उल्लंघन थी.
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