असम में तीन विधानसभा सीटों के 4 पोलिंग बूथ पर 20 अप्रैल को दोबारा मतदान

केंद्रीय चुनाव आयोग (फाइल फोटो)

केंद्रीय चुनाव आयोग (फाइल फोटो)

Assam Assembly Election 2021: असम में विधानसभा चुनाव तीन चरणों में कराए गए थे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 10, 2021, 4:44 PM IST
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नई दिल्ली. केंद्रीय चुनाव आयोग ने असम में 3 विधानसभा सीटों के 4 पोलिंग बूथों पर दोबारा चुनाव कराने का ऐलान किया है. ये रतबारी, सोनाई, हफलॉन्ग सीटें हैं, जहां दोबारा मतदान कराया जाएगा. असम के मुख्य चुनाव अधिकारी को लिखे पत्र में चुनाव आयोग ने दोबारा मतदान कराए जाने की बात कही है. इस चार पोलिंग बूथों पर 1 अप्रैल को वोटिंग हुई थी, जिसे चुनाव आयोग ने पीपुल्स एक्ट के सेक्शन 58 के सब सेक्शन 2(a) के तहत अमान्य करार दिया है. चुनाव आयोग ने अपने पत्र में 20 अप्रैल को सुबह 7 बजे से शाम के 6 बजे तक वोटिंग कराने का निर्देश दिया है. चुनाव प्रचार के लिए आयोग ने चुनाव अधिकारी को विधानसभा क्षेत्र में डुगडुगी बजवाने और राजनीतिक पार्टियों के उम्मीदवारों को लिखित में इस बारे में सूचित करने का निर्देश दिया है.

ANI की रिपोर्ट के मुताबिक चुनाव आयोग ने पत्थरकांडी विधानसभा में दूसरे राउंड की वोटिंग के बाद बीजेपी उम्मीदवार की गाड़ी में ईवीएम मिलने की घटना के बाद दोबारा मतदान का फैसला लिया है. इस संबंध में एक कथित वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. इन विधानसभा क्षेत्रों में 1 अप्रैल को वोटिंग हुई थी. असम में तीन चरणों में हुए विधानसभा चुनाव 6 अप्रैल को पूरे हुए हैं. मतगणना 2 मई को होगी.

मतपत्र संबंधी मीडिया रिपोर्ट्स की जांच करेगा EC

दूसरी ओर असम में कछार जिला प्रशासन ने शुक्रवार को कहा कि वह मीडिया में आई उन खबरों की जांच करेगा कि कुछ “निर्वाचन अधिकारियों” को यहां मत पत्रों के साथ देखा गया था. जिले की उपायुक्त कीर्ति जल्ली ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि निर्वाचन प्रक्रिया में शामिल कोई भी अधिकारी इस कथित घटना में शामिल नहीं था.
मीडिया में आई खबरों के मुताबिक, “मतदान अधिकारियों को बृहस्पतिवार को मत पत्रों के साथ देखा गया था.” उन्होंने कहा, “निर्वाचन अधिकारी रात में अपने दायित्वों का निर्वहन नहीं करते. क्योंकि मीडिया के एक वर्ग में खबर आई है कि कुछ निर्वाचन अधिकारियों को बीती रात मत पत्रों के साथ देखा गया है, हम इसकी जांच के आदेश देंगे.”

सिलचर निर्वाचन क्षेत्र में विधानसभा चुनावों के दूसरे चरण में एक अप्रैल को मतदान हुआ था. जिला प्रशासन ने एक बयान में कहा कि एक मतदाता को डाक मत पत्र दो बार जारी किये जाने के संबंध में मीडिया में कुछ भ्रामक खबरें हैं.

उपायुक्त को उद्धृत करते हुए बयान में कहा गया कि घटना की समुचित जांच के बाद यह पाया गया कि शहर के विवेकानंद रोड इलाके की निवासी एक सरकारी विद्यालय की शिक्षिका सुमित्रा दास ने डाक मत पत्र के लिये आवेदन किया था और डाकिये ने इसे सुमित्रा दास नाम की एक दूसरी महिला को दे दिया था, जो उसी मोहल्ले में रहती हैं और प्राइवेट ट्यूशन पढ़ाती हैं.





जल्ली ने कहा, “हमारी सघन जांच के बाद यह सामने आया है. मीडिया घरानों से मेरा अनुरोध है कि गलत खबरों को सनसनीखेज मत बनाएं और प्रकाशन से पहले कम से कम आरोपों पर प्रशासन को जांच करने दें.”
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