क्या महाराष्ट्र चुनाव आयोग ने BJP से संबंधित एजेंसी की थी हायर? EC ने मांगा जवाब

क्या महाराष्ट्र चुनाव आयोग ने BJP से संबंधित एजेंसी की थी हायर? EC ने मांगा जवाब
इलेक्शन कमीशन ने महाराष्ट्र चुनाव आयुक्त से मांगा जवाब. (फाइल फोटो)

आरटीआई एक्टिविस्ट साकेत गोखले (Saket Gokhale) ने आरोप लगाया है कि महाराष्ट्र चुनाव आयुक्त (CEO) ने सोशल मीडिया अकाउंट हैंडल करने के लिए बीजेपी IT सेल को हायर किया था. गोखले के ट्वीट पर जवाब देते हुए चुनाव आयोग की प्रवक्ता शेफाली शरण ने कहा कि ट्वीट को लेकर महाराष्ट्र के चुनाव आयुक्त से जवाब मांगा गया है.

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नई दिल्ली. चुनाव आयोग (Election Commission) ने बीजेपी से संबंधित एजेंसी को सोशल मीडिया मैनेज (Social Media Manage) करने के लिए हायर करने के आरोपों पर महाराष्ट्र चुनाव आयुक्त (CEO) से रिपोर्ट तलब की है. दरअसल आरटीआई एक्टिविस्ट साकेत गोखले (Saket Gokhale) ने आरोप लगाया है कि महाराष्ट्र चुनाव आयुक्त ने सोशल मीडिया अकाउंट हैंडल करने के लिए बीजेपी IT सेल को हायर किया था.

गोखले के ट्वीट पर जवाब देते हुए चुनाव आयोग की प्रवक्ता शेफाली शरण ने कहा है कि ट्वीट को लेकर महाराष्ट्र के चुनाव आयुक्त से जवाब मांगा गया है. गोखले ने दावा किया कि महाराष्ट्र चुनाव आयोग द्वारा सोशल मीडिया मैनेज करने के लिए हायर की गई कंपनी का पता और बीजेपी की यूथ विंग की आईटी और सोशल मीडिया के नेशनल कन्वेनर देवांग दवे के दफ्तर का पता भी एक ही है.

क्या कहते हैं सरकारी दस्तावेज
सरकारी दस्तावेजों के मुताबिक डायरेक्टर जनरल ऑफ इंफॉरमेशन एंड पब्लिक रिलेशंस (DGIPR) ने महाराष्ट्र में चुनाव आयोग का सोशल मीडिया मैनेज करने के लिए साइनपोस्ट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को हायर किया था. ये कॉन्ट्रैक्ट टेंडर प्रोसेस के बाद दिया गया था. ये कंपनी 2008 में रजिस्टर हुई थी और इसका पता है 202, प्रेसमैन हाउस, नियर सांताक्रूज एयरपोर्ट टर्मिनल. फर्म के चार डायरेक्टर हैं- सुशील पांडे, राजेश बत्रा, श्रीपाद अष्टेकर और दीपांकर चटर्जी. दिलचस्प रूप से बीजेपी की यूथ विंग की आईटी और सोशल मीडिया के नेशनल कन्वेनर देवांग दवे के दफ्तर का भी पता भी यही है.
आरोप को बताया राजनीति से प्रेरित


इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक देवांग दवे ने इस आरोप को बकवास बताया है. उन्होंने कहा है- 'विपक्षी पार्टियों के राजनीतिक नैरेटिव को फैलाने के लिए इस तरह के अनर्गल आरोप लगाए जा रहे हैं. एक सामान्य परिवार से आने की वजह से मुझे निशाना बनाया जा रहा है. मेरी कोई राजनीतिक पृष्ठभूमि भी नहीं है. मेरी लीगल टीम मामले को देख रही है और जल्द ही जवाब देगी.'

क्या बोले महाराष्ट्र चुनाव आयुक्त
वहीं महाराष्ट्र के चुनाव आयुक्त बलदेव सिंह का कहना है कि इस एजेंसी को डीजीआईपीआर ने रिकमेंड किया था. उन्होंने यह भी कहा कि ये हायरिंग वोटरों में जागjtकता फैलाने जैसे सीमित काम के लिए ही की गई थी. हमने डीजीआईपीआर से जवाब मांगा है. मुझे नहीं लगता कि ये आरोप सही हैं.
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