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बंगालः चुनाव आयोग का आदेश, कहा- राजनीतिक नियुक्तियों पर अस्थायी रोक

चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में राजनीतिक नियुक्तियों पर अस्थायी रोक लगाने का आदेश जारी किया है. फाइल फोटो

चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में राजनीतिक नियुक्तियों पर अस्थायी रोक लगाने का आदेश जारी किया है. फाइल फोटो

West Bengal Election 2021: आयोग ने अपने निर्देशों में कहा है कि प्रदेश में आचार संहिता लागू है, राजनीतिक रूप से नियुक्ति पाए लोगों के बोर्ड के कार्यकलापों में हिस्सा लेने और प्रशासनिक जिम्मेदारी के निर्वाह पर रोक लगाई जाए.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 20, 2021, 9:39 PM IST
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नई दिल्ली. चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल (West Bengal) में राजनीतिक नियुक्तियों पर अस्थायी रोक लगाने का आदेश जारी किया है, जो नियुक्ति के आधार पर पश्चिम बंगाल (West Bengal) में प्रशासनिक जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, जबकि उनका कार्यकाल समाप्त हो गया है. आयोग ने अपने निर्देशों में कहा है कि प्रदेश में आचार संहिता लागू है, राजनीतिक रूप से नियुक्ति पाए लोगों के बोर्ड के कार्यकलापों में हिस्सा लेने और प्रशासनिक जिम्मेदारी के निर्वाह पर रोक लगाई जाए. बता दें कि चुनाव आयोग ने बुधवार को पश्चिम बंगाल के हावड़ा के पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) सौम्य रॉय का एक गैर चुनाव संबंधी पद पर तबादला कर दिया था, क्योंकि उनकी पत्नी लवली मोइत्रा तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर सोनारपुर दक्षिण विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रही हैं.

आयोग ने हावड़ा पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) पद की जिम्मेदारी अब 2011 बैच के आईपीएस अधिकारी श्रीहरि पांडेय को सौंपी है. निर्वाचन आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव को एक पत्र में कहा, ‘‘यह उल्लेख किया जा सकता है कि अधिकारी का तबादला इस सामान्य सिद्धांत पर आधारित है कि सक्रिय जनप्रतिनिधियों के करीबी रिश्तेदारों को चुनाव के दौरान ऐसा दायित्व नहीं सौंपा जा सकता जिससे किसी तरह के पक्षपात की अवधारणा उत्पन्न हो.’’

आयोग ने उनसे यह पुष्टि करने को भी कहा कि चुनाव से जुड़े सभी वरिष्ठ अधिकारियों ने इस बात का प्रमाणपत्र दिया है कि वे पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के किसी उम्मीदवार के करीबी रिश्तेदार नहीं हैं. इसने कहा, ‘‘यदि ऐसा कोई मामला हो तो आयोग को तत्काल इसकी सूचना दी जा सकती है.’’ तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी द्वारा पांच मार्च को मोइत्रा का नाम पार्टी प्रत्याशी के तौर पर घोषित किए जाने के बाद निर्वाचन आयोग को कई शिकायतें मिली थीं जिनमें उनके पति को हावड़ा (ग्रामीण) का पुलिस अधीक्षक बनाए रखने पर सवाल उठाए गए थे.

एक अन्य निर्देश में निर्वाचन आयोग ने कहा कि अगर कोई अधिकारी अवकाश लेकर अपना मुख्यालय छोड़ना चाहता है तो चुनाव के दौरान उन्हें इसके लिए मुख्य सचिव से लिखित में अनुमति लेनी होगी. आयोग ने कहा कि मुख्य सचिव सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी अधिकारी अपने जीवनसाथी की राजनीतिक गतिविधि में शामिल न हो.
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