ईवीएम मुद्दे पर सभी दलों की बैठक बुलाएगा चुनाव आयोग


Updated: April 29, 2017, 11:53 PM IST
ईवीएम मुद्दे पर सभी दलों की बैठक बुलाएगा चुनाव आयोग
चुनाव आयोग

Updated: April 29, 2017, 11:53 PM IST
मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम जैदी ने शनिवार को कहा कि चुनाव आयोग इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के गड़बड़ी मुक्त और सुरक्षित होने का राजनीतिक दलों को भरोसा दिलाने के लिए जल्द ही उनकी एक बैठक बुलाएगा.

उन्होंने यह भी कहा कि आयोग का इरादा आने वाले चुनावों में ‘वोटर वेरीफाइड पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपीएटी) का उपयोग कर चुनाव प्रक्रिया में और अधिक पारदर्शिता लाने तथा लोगों का भरोसा बढ़ाने का है.

गौरतलब है कि वीवीपीएटी से एक पर्ची निकलती है जिसे देख कर मतदाता यह सत्यापित करता है कि ईवीएम में उसका वोट उसी उम्मीदवार को गया है जिसके नाम के आगे का उसने बटन दबाया है.

जैदी ने कहा, ‘‘हम जल्द ही एक सर्वदलीय बैठक करेंगे जिसमें उन्हें बताया जाएगा कि हमारी ईवीएम हमारी प्रशासनिक एवं तकनीकी सुरक्षा प्रणाली के मुताबिक किस तरह से छेड़छाड़ से मुक्त और सुरक्षित हैं.’’ उन्होंने ईवीएम के खिलाफ विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के आरोपों के बारे में सवालों का जवाब देते हुए यह कहा.

16 विपक्षी पार्टियों ने की है बैलेट पेपर व्यवस्था की मांग

हाल ही में 16 विपक्षी पार्टियों ने चुनाव आयोग से बैलेट पेपर व्यवस्था की ओर लौटने का अनुरोध करते हुए दावा किया था कि ईवीएम में लोगों का विश्वास खत्म हो गया है. मुख्य चुनाव आयुक्त ने यह भी कहा कि चुनाव आयोग की योजना इस सिलसिले में एक ‘चुनौती’ का आयोजन करने की है जिसके समय को लेकर विचार किया जा रहा है.

समझा जाता है कि चुनाव आयोग एक खुली चुनौती देकर किसी से भी यह कहने वाला है कि वह ईवीएम के दुरूपयोग के संदेह को दूर करने के लिए उसे हैक करने की कोशिश कर सकते हैं.
चुनाव आयोग ने यह भी कहा कि आयोग ने चुनाव में उपयोग के लिए वीवीपीएटी मशीनों की आपूर्ति के लिए आदेश दिया है.

मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि भारत, शायद पहला देश होगा जहां सभी मतदान केंद्रों में वीवीपीएटी का 100 फीसदी उपयोग होगा. यह मतदाताओं का चुनाव प्रक्रिया में भरोसा बढ़ाएगा और इसमें पारदर्शिता लाएगा. जैदी ने कहा कि वीवीपीएटी के फायदों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए एक जागरूकता अभियान शुरू किया जाएगा.

राजनीतिक दल लगा चुके हैं ईवीएम में छेड़छाड़ का आरोप

इस साल पांच राज्यों - उत्तर प्रदेश, उत्तारखंड, गोवा, पंजाब और मणिपुर में हुए विधानसभा चुनाव में कई राजनीतिक दलों ने ईवीएम से छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए इसके स्थान पर मतपत्र का इस्तेमाल करने की हिमायत की थी.

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ईवीएम के दुरूपयोग का आरोप लगाने वालों में प्रमुख रूप से शामिल हैं जबकि बसपा नेता मायावती और सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी इस मशीन के बारे में सवाल खड़े किए हैं.
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