होम /न्यूज /राष्ट्र /

29 जनवरी को संसद में पेश की जाएगी इकोनोमिक सर्वे 2020-2021 रिपोर्ट

29 जनवरी को संसद में पेश की जाएगी इकोनोमिक सर्वे 2020-2021 रिपोर्ट

इकोनॉमी में होगी ‘V’ शेप रिकवरी

इकोनॉमी में होगी ‘V’ शेप रिकवरी

इकोनोमिक सर्वे रिपोर्ट (Economic Survey Report 2020-21) पेश होने के साथ ही बजट सत्र की शुरुआत होगी. केंद्रीय बजट 1 फरवरी को पेश होना है. लोगों की निगाह इस बार महामारी की वजह से पटरी से उतरी आर्थिक स्थिति से उबरने के लिए सरकार द्वारा किए जाने वाले प्रयासों पर टिकी हैं.

अधिक पढ़ें ...
    नई दिल्ली. केंद्रीय बजट से पहले संसद में 2020-21 की इकोनोमिक सर्वे रिपोर्ट (Economic Survey Report 2020-21) पेश की जाएगी, केंद्रीय बजट 1 फरवरी को पेश होना है. इकोनोमिक सर्वे रिपोर्ट पेश होने के साथ ही बजट सत्र की शुरुआत होगी. जाहिर है, यूनियन बजट पेश होने से देश के स्टॉक मार्केट में उतार चढ़ाव तेजी से होगा. लोगों की निगाह इस बार महामारी की वजह से पटरी से उतरी आर्थिक स्थिति से उबरने के लिए सरकार द्वारा किए जाने वाले प्रयासों पर टिकी हैं. खासतौर से व्यापारियों के लिए ये वित्तीय वर्ष बेहद खास रहने वाला है.

    क्या होता है इकोनॉमिक सर्वे
    ये एक महत्वपूर्ण इकोनॉमिक रिपोर्ट कार्ड है. इसका काम अर्थव्यवस्था के सभी पहलुओं को देखते हुए विस्तार से स्टैटिस्टिकल डेटा मुहैया कराना है. इसको फाइनेंस मिनिस्ट्री के चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर बनाते हैं. नियम और कायदे के मुताबिक सरकार पर सर्वे पेश करने की बाध्यता नहीं है. ये प्रक्रिया का एक हिस्सा है. इसके अलावा सर्वे में जिन सुधारों की अनुशंसा की गई है. उन्हें भी सरकार मानने के लिए बाध्य नहीं है. इस सर्वे में देश की अर्थव्यवस्था के दृष्टिकोण और चुनौतियों पर चर्चा की जाती है. इनमें सुधारों की सिफारिश की जाती है. जबकि बजट में कमाई और खर्च का एक अनुमान होता है. इसमें योजनाओं के लिए फंड का आवंटन होता है.

    80,000 रुपये तक की टैक्स राहत देने का हो सकता है ऐलान!
    इससे पहले खबर आई है कि टैक्सपेयर्स के हाथों में ज्यादा पैसे रखने के लिए वित्त मंत्रालय बजट 2021 में बड़ा ऐलान कर सकता है. इस बार के बजट में वित्त मंत्रालय सालाना 80,000 रुपये तक की टैक्स राहत देने का ऐलान कर सकता है. CNBC-TV18 को सूत्रों के हवाले से इस बारे में जानकारी मिली है. सूत्रों ने बजट एक्सरसाइज में चर्चा के आधार इस बारे में जानकारी दी है. उन्होंने कहा कि इस बात की भरपूर संभावना है कि कुल टैक्स लायबिलिटी में 50 से 80 हजार रुपये तक की राहत का ऐलान किया जा सकता है. इसके लिए केंद्र सरकार स्टैंडर्ड डिडक्शन की लिमिट बढ़ाने का ऐलान कर सकती है.

    Tags: Annual Economic Survey, Budget 2021, Nirmala sitharaman

    अगली ख़बर