मुंबई के बिल्डर और फिल्म फाइनेंसर युसूफ लकड़ावाला को ईडी ने किया गिरफ्तार

एजेंसी ने कहा, “इन कंपनियों के बैंक खातों से ज्ञात हुआ कि यह कोई लाभ का व्यवसाय नहीं कर रही थीं फिर भी इन शेल कंपनियों द्वारा करोड़ों रुपये का लेनदेन किया गया.”

एजेंसी ने कहा, “इन कंपनियों के बैंक खातों से ज्ञात हुआ कि यह कोई लाभ का व्यवसाय नहीं कर रही थीं फिर भी इन शेल कंपनियों द्वारा करोड़ों रुपये का लेनदेन किया गया.”

पुणे जिले की मावल तहसील के अंतर्गत खंडाला में 50 करोड़ रुपये मूल्य की जमीन के फर्जी कागजात बनाने और धोखाधड़ी के संबंध में मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा द्वारा 2019 में प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जिसके आधार पर 76 वर्षीय लकड़ावाला तथा अन्य के विरुद्ध ईडी ने मामला दर्ज किया है.

  • Share this:

मुंबई. खंडाला में एक महंगी जमीन की खरीद के लिए कथित रूप से जाली कागजात बनाने से जुड़े धन शोधन के एक मामले के संबंध में प्रवर्तन निदेशालय ने शुक्रवार को मुंबई स्थित बिल्डर और फिल्मों फाइनेंसर युसूफ एम लकड़ावाला को गिरफ्तार कर लिया.

ईडी की ओर से बताया गया कि लकड़ावाला को धन शोधन कानून की धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया और बाद में एक स्थानीय अदालत में पेश किया गया. अदालत ने आरोपी को दो जून तक के लिए ईडी की हिरासत में भेज दिया.

जानिए क्या है पूरा मामला?

पुणे जिले की मावल तहसील के अंतर्गत खंडाला में 50 करोड़ रुपये मूल्य की जमीन के फर्जी कागजात बनाने और धोखाधड़ी के संबंध में मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा द्वारा 2019 में प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जिसके आधार पर 76 वर्षीय लकड़ावाला तथा अन्य के विरुद्ध ईडी ने मामला दर्ज किया है. उक्त 4.4 एकड़ भूमि तत्कालीन हैदराबाद के नवाब जंग बहादुर के परिवार की बताई जाती है.
जमीन के बनाए थे फर्जी दस्तावेज

पुलिस की जांच में सामने आया था कि लकड़ावाला ने कथित रूप से कुछ सरकारी अधिकारियों तथा अन्य के साथ मिलकर इस भूमि के फर्जी कागजात बनवाए जिसमें यह लिखा था कि जमीन लकड़ावाला के पिता ने 1949 में खरीदी थी और बाद में उसे उपहार में दी थी. ईडी ने अपने वक्तव्य में कहा कि जांच में पता चला कि लकड़ावाला ने बहुत सी फर्जी कंपनियां बनाई हैं.

इसे भी पढ़ें :- कोरोना वायरस की दूसरी लहर में डीआरडीओ ने यूं की देश की मदद




एजेंसी ने कहा, “इन कंपनियों के बैंक खातों से ज्ञात हुआ कि यह कोई लाभ का व्यवसाय नहीं कर रही थीं फिर भी इन शेल कंपनियों द्वारा करोड़ों रुपये का लेनदेन किया गया.”

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज