ED कोर्ट ने जगन मोहन रेड्डी को 11 जनवरी को पेश होने का दिया आदेश

प्रवर्तन निदेशालय ने आंध्र प्रदेश के मुख्‍यमंत्री जगन मोहन रेड्डी को पेश होने के लिए नोटिस भेजा है. (फाइल फोटो-PTI)

प्रवर्तन निदेशालय ने आंध्र प्रदेश के मुख्‍यमंत्री जगन मोहन रेड्डी को पेश होने के लिए नोटिस भेजा है. (फाइल फोटो-PTI)

ED Court Summons Andhra CM Jagan Reddy: प्रवर्तन निदेशालय की कोर्ट ने आंध्र प्रदेश के सीएम वाईएस जगन मोहन रेड्डी को तलब किया है. कोर्ट ने उन्‍हें 11 जनवरी को पेश होने के लिए कहा है.

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  • Last Updated: January 9, 2021, 10:31 PM IST
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हैदराबाद. तेलंगाना के हैदराबाद में प्रवर्तन निदेशालय (ED) मामलों की एक अदालत ने आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) के मुख्यमंत्री वाई एस जगन मोहन रेड्डी (CM YS Jagan Mohan Reddy) को कुछ निजी कंपनियों की कथित संलिप्तता वाले मामले के संबंध में 11 जनवरी को पेश होने का आदेश दिया है. सूत्रों ने बताया कि मामले को एक स्थानीय अदालत से ईडी की अदालत में स्थानांतरित किए जाने के बाद रेड्डी को यह आदेश दिया गया है.

उन्होंने संकेत दिया कि यह मामला अविभाजित आंध्र प्रदेश में मुख्यमंत्री रहे और रेड्डी के पिता दिवंगत वाई एस राजशेखर रेड्डी के कार्यकाल के दौरान कंपनियों को भूमि आंवटन में कथित अनियमितताओं के मामले से जुड़ा है. इस मामले की सुनवाई स्थानीय अदालत कर रही थी और इसे सीबीआई/ईडी की अदालत में स्थानांतरित किया जाना था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. सूत्रों ने बताया कि मामला अब स्थानांतरित होने के बाद सीबीआई/ईडी अदालत ने ताजा निर्देश जारी किए हैं. सूत्रों ने बताया कि सीबीआई अदालत ईडी अदालत भी है.

मुख्‍यमंत्री जगन मोहन रेड्डी के साथ ही ईडी कोर्ट ने एमपी विजया साई रेड्डी, हेटेरो ड्रग्स के निदेशक श्रीनिवास रेड्डी, अरबिंदो फार्मा के एमडी नित्यानंद रेड्डी, पीवी रामप्रसाद रेड्डी, टॉडेंट लाइफ साइंसेज के निदेशक चंद्र रेड्डी और सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी बीपी आचार्य को समन जारी किया.

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सीबीआई ने आरोप लगाया कि क्विड प्रो क्वो तेलंगाना के जेद्रचला में विशेष आर्थिक क्षेत्र-SEZ में अरबिंदो फार्मा और हेटेरो दवाओं के लिए भूमि आवंटन में शामिल था. 2004-2009 के दौरान यह मामला वाईएसआर सरकार के पास वापस चला गया. जहां, जगन मोहन के पिता की अगुवाई वाली सरकार ने मूल्य निर्धारण समिति के निर्णय के खिलाफ अरबिंदो और हेटेरो को 75 एकड़ जमीन 7 लाख रुपये प्रति एकड़ की दर से आवंटित की थी.
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